धन्यवाद प्रस्ताव पर स्पीच या भाषण Vote of thanks speech in hindi

Vote of thanks speech in hindi

Vote of thanks speech – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से धन्यवाद प्रस्ताव पर स्पीच या भाषण सुनाने जा रहे हैं ।चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और धन्यवाद प्रस्ताव पर स्पीच को पढ़ते हैं ।

Vote of thanks speech in hindi
Vote of thanks speech in hindi

Image source – http://www.cobham.school.nz/speech-finalists-could-all-of-the-class-finalists-for-the-cobham-speech-competition

मैं अरुण नामदेव यहां पर उपस्थित सभी शिक्षक एवं विद्यार्थियों का स्वागत , वंदन , अभिनंदन करता हूं । जैसे कि हम सभी लोग जानते हैं कि आज शिक्षक दिवस है ।प्रतिवर्ष हम यह शिक्षक दिवस बड़े धूमधाम से मनाते हैं ।सबसे पहले मैं आप सभी को इस कार्यक्रम के बारे में बताने जा रहा हूं कि हम इस कार्यक्रम में किस तरह से आगे बढ़ेंगे । विद्यार्थियों एवं यहां पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों के पैरंट्स मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं की इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिले के कलेक्टर साहब हैं जो कुछ ही समय में हमारे इस कार्यक्रम में पधारने बाले हैं ।

मैं आप सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि जब कलेक्टर साहब इस कार्यक्रम में उपस्थित हो तब सभी लोग तालियां बजाकर उनका स्वागत करें । जब तक हमारे कलेक्टर साहब नहीं आ जाते तब तक हम इस कार्यक्रम मे गरिमा बनाए रखें । मैं अरुण नामदेव सबसे पहले इस कार्यक्रम के कार्यकर्ता को तहे दिल से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने विद्यार्थियों के लिए शिक्षक दिवस कार्यक्रम मनाने का प्रस्ताव स्वीकार किया और शिक्षक दिवस कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों की मदद की । सभी विद्यार्थियों की ओर से मैं उनका तहे दिल से धन्यवाद करता हूं । दोस्तों अब हमारे बीच में हमारे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर साहब पधार चुके हैं ।

मैं स्कूल के ट्रस्टी से अनुरोध करता हूं कि वह कलेक्टर साहब को अपने साथ मे लाकर उचित स्थान पर बैठाए । दोस्तों अब हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हैं । अब मैं सबसे पहले यहां पर उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों और कलेक्टर साहब का स्वागत बंधन अभिनंदन करता हूं और उन से अनुरोध करता हूं कि वह स्टेज पर आएं और मां सरस्वती की पूजा करके इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएं । दोस्तों हमारा भारत देश एक सांस्कृतिक देश माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले यदि मां सरस्वती की पूजा की जाए तो वह काम सफलता की ओर बढ़ता है ।

हमने भी इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने से पहले मुख्य अतिथि कलेक्टर साहब के द्वारा मां सरस्वती की पूजा वंदना की और सभी लोगों ने साथ दिया । मैं कलेक्टर साहब से कहना चाहता हूं कि यह कार्यक्रम सभी विद्यार्थियों के द्वारा किया गया है । यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के द्वारा शिक्षकों के सम्मान के लिए रखा गया है । अब मैं कुछ विद्यार्थियों को स्टेज पर बुलाना चाहता हूं जो अपने शिक्षकों के सम्मान में कुछ कहना चाहते हैं । मैं एक-एक करके उन सभी का नाम बोलूंगा और वह स्टेज पर आएं और दो शब्द कहें ।

अब मैं सबसे पहले हमारे स्कूल के सबसे होनहार विद्यार्थी अशोक को बुलाना चाहता हूं कि वह स्टेज पर आएं और दो शब्द कहें ।

नमस्कार विद्यार्थियों , मेरे साथियों मैं अशोक यहां पर उपस्थित सभी अतिथि गण माननीय कलेक्टर महोदय एवं हमारे प्रिय शिक्षक गण  आप सभी लोगों का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं कि आपने मुझे इस स्टेज पर दो शब्द कहने का मौका दिया । जैसे कि हमारे स्कूल में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और हम सभी विद्यार्थी शिक्षक दिवस मनाने की तैयारी 15 से 20 दिन पहले से ही करते हैं । शिक्षक दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सबसे बड़ा महत्वपूर्ण योगदान स्कूल के ट्रस्टी साहब का है मैं उनका भी धन्यवाद करता हूं ।

आज से तकरीबन 15 दिन पहले हम सभी विद्यार्थियों ने यह प्लानिंग की थी कि इस बार स्कूल में शिक्षक दिवस कुछ अलग तरह से मनाया जाए जिससे हम सभी विद्यार्थियों को सभी शिक्षकों का सम्मान करने का मौका प्राप्त हो सके । इस तरह से प्लानिंग बनाकर हम स्कूल के प्रिंसिपल के पास प्रस्ताव लेकर पहुंचे । जिस प्रस्ताव को स्कूल के सबसे अच्छे और सम्माननीय प्रिंसिपल साहब ने स्वीकार कर लिया । प्रिंसिपल साहब ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हमारी पूरी मदद की तो मैं प्रिंसिपल साहब को भी इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए सभी विद्यार्थियों की ओर से धन्यवाद कहता हूं ।

हमारे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर साहब को बुलाने का हम सभी विद्यार्थियों का बड़ा मन था और हम इस प्रस्ताव को लेकर बड़े चिंतित थे कि ना जाने कलेक्टर साहब अपने कीमती समय में से कुछ समय निकालकर हमको यहां पर ज्ञान देने के लिए आएंगे या नहीं । परंतु हम सभी विद्यार्थियों की बात को कलेक्टर साहब ने स्वीकार किया और अपने कीमती समय में से समय निकालकर यहां पर उपस्थित हुए तो मैं सभी विद्यार्थी की ओर से कलेक्टर साहब का भी धन्यवाद करता हूं और स्कूल की ओर से कलेक्टर साहब का हमारे इस कार्यक्रम में स्वागत बंधन अभिनंदन करता हूं ।

मैं स्टेज के माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि हम प्रतिवर्ष इसी तरह से शिक्षक दिवस बड़ी धूमधाम से मनाते रहें और स्कूल के ट्रस्टी और प्रिंसिपल साहब इसी तरह से विद्यार्थियों की मदद करते रहे हम सभी यही आशा करते हैं । अब मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं धन्यवाद जय हिंद , जय भारत ।

यह सभी विद्यार्थी हमारे देश के भविष्य हैं और अशोक जैसे  विद्यार्थियों का हमें सम्मान करना चाहिए । अशोक ने जिस तरह की स्पीच स्टेज पर दी हम सभी को तालियां बजाकर उसकी स्पीक का सम्मान करना चाहिए । अब हम इस कार्यक्रम की बेला को आगे बढ़ाते हैं । अब मैं हमारे स्कूल के एक और होनहार विद्यार्थी संजीव श्रीवास्तव को यहां स्टेज पर बुलाना चाहता हूं कि वह स्टेज पर आए और शिक्षक के सम्मान में दो शब्द कहे ।

नमस्कार शिक्षक गण , विद्यार्थी गण यहां पर उपस्थित कलेक्टर महोदय और स्कूल के ट्रस्टी एवं प्रिंसिपल साहब का में हाथ जोड़कर नमन करता हूं । मैं संजीव श्रीवास्तव सभी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने इस कार्यक्रम को सफलता की ओर ले जाने के लिए हम सभी विद्यार्थियों की मदद की । हम सभी विद्यार्थियों का एक सपना था कि हम इस कार्यक्रम को बेहतर से बेहतर प्रस्तुत करने में सफल रहे । मैं हमारे स्कूल के शिक्षक महोदय के बारे में दो शब्द कहना चाहता हूं ।

हमारे स्कूल के सबसे प्रिय शिक्षक माननीय सुनील सिन्हा सर जी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हमारा बहुत साथ दिया है । सर के द्वारा हमारा मार्गदर्शन किया गया और हम उनके बताए गए रास्ते पर चलते हैं । आज इस कार्यक्रम को देखकर मुझे ऐसा लग रहा है कि हम इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कामयाब हो गए हैं । जैसे कि मेरे प्रिय मित्र ने अपनी स्पीक में कहा कि हम सभी विद्यार्थियों की बड़ी इच्छा थी कि हम जिला के कलेक्टर साहब की स्पीक सुने ।

जब हम यह प्रस्ताव लेकर स्कूल के ट्रस्टी एवं प्रिंसिपल साहब के पास पहुंचे तब प्रिंसिपल साहब ने हम सभी विद्यार्थियों से यह कहा था कि हम सभी विद्यार्थियों की ओर से , स्कूल की ओर से कलेक्टर साहब से इस कार्यक्रम में पधारने का अनुरोध करेंगे । जब प्रिंसिपल सर ने हमसे यह वादा किया तब हमें बड़ी खुशी हुई थी । मैं कलेक्टर साहब को भी मेरी ओर से , स्कूल के सभी विद्यार्थियों की ओर से धन्यवाद करता हूं कि वह अपने कीमती समय में से कुछ समय निकालकर शिक्षक दिवस कार्यक्रम में उपस्थित हुए हैं ।

मैं आप सभी अतिथियों से , सभी शिक्षकों से यह है आशा करता हूं कि प्रतिवर्ष वह हम विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस कार्यक्रम को धूमधाम से मनाने में मदद करते रहेंगे और हम सभी विद्यार्थी कार्यक्रम को सफलता की ओर ले जाएंगे । मैं अब अपनी वाणी को विराम देता हूं , जय हिंद जय भारत ।

दोस्तों आप सभी को कैसा लगा इस विद्यार्थी ने अपने दिल से यह स्पीक दी है तो हमें भी इस विद्यार्थी का सम्मान करना चाहिए , उसका हौसला बढ़ाना चाहिए और अब हम सभी को  तालियां बजाकर  इसकी स्पीक का सम्मान करना चाहिए क्योंकि एक विद्यार्थी ही आने वाले समय में देश का भविष्य होता है । अब हम इस कार्यक्रम की बेला को हमें बढ़ाते हैं । अब मैं कलेक्टर साहब से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वह स्टेज पर आएं और विद्यार्थियों के संबोधन में दो शब्द कहें क्योंकि विद्यार्थियों को आपकी स्पीक सुनना है । उनके प्रस्ताव पर ही यह कार्यक्रम रखा गया है ।

मैं सभी विद्यार्थियों , यहां पर उपस्थित सभी लोगों से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वह कलेक्टर साहब का तालियों से स्टेज पर स्वागत करें और मैं स्कूल के ट्रस्टी से भी यह अनुरोध करता हूं कि वह भी स्टेज पर आएं और फूल माला पहनाकर कलेक्टर साहब का स्वागत , वंदन , अभिनंदन करें ।

नमस्कार दोस्तों मैं सचिन शर्मा आप सभी लोगों को तहे दिल से धन्यवाद करता हूं । सभी विद्यार्थियों का , शिक्षकों का , स्कूल के ट्रस्टी , यहां के प्रिंसिपल का जी धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में बुलाया है । मैं विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं करता हूं कि वह भी पढ़ लिख कर देश के होनहार बच्चे बने । देश के विकास में , देश की संस्कृति को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें । जिस तरह से हम सभी जानते हैं कि भारत एक सांस्कृतिक देश कहलाता है ।

यहां की संस्कृति पूरे संसार में प्रचलित है । हमारे देश में कई धर्म के लोग निवास करते हैं । हमारे देश की अखंडता प्रभुता बहुत ही सम्माननीय है ,  शक्तिशाली है । हमारे देश के होनहार बच्चे प्राचीन समय से ही भारत देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहे हैं । जब बच्चा खेलने कूदने की उम्र में पहुंच जाता है तब वह अपने जीवन में आगे बढ़ने के निरंतर प्रयास करता है । एक बच्चा पढ़ाई करने के लिए , शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल जाता है और पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई करता है क्योंकि शिक्षा के बिना , ज्ञान के बिना किसी भी व्यक्ति का जीवन अंधकार से भरा हुआ होता है ।

इसीलिए आज हमारे देश में शिक्षा की क्रांति बहुत ही सफलता के साथ आगे बढ़ रही है । आज से यदि 10 से 20 साल पहले की बात करें तो हमारे भारत देश में शिक्षा का स्तर बहुत ही नीचे था ।परंतु आज कई समाज सेवकों के अथक प्रयासों से , भारत देश की सरकार के अथक प्रयासों से भारत देश में शिक्षा के स्तर को निरंतर आगे बढ़ाने में सफलता प्राप्त हुई है । पहले गरीब परिवार के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने में अपने आप को असमर्थ समझते थे । जिस उम्र में बच्चों को पढ़ाई करना चाहिए उस उम्र में उन बच्चों को अपनी मजबूरी के कारण काम करना पड़ता था ।

परंतु हमारे देश में शिक्षा की क्रांति प्रारंभ की गई और आज गरीब परिवार के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जाती है और कई विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करके अपना , अपने परिवार का और देश का नाम रोशन कर रहे है । एक विद्यार्थी को सफल विद्यार्थी बनने के पीछे माता-पिता और शिक्षकों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है । यदि विद्यार्थी के जीवन में एक गुरु नहीं होता तो विद्यार्थी अपने जीवन में कभी सफल व्यक्ति नहीं बन पाता । इसलिए हमारे भारत देश में हमारे शिक्षकों को सम्मानित करने के उद्देश्य शिक्षक दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है ।

मुझे बड़ा अच्छा लगा स्कूल के विद्यार्थी शिक्षक दिवस कार्यक्रम को मनाने में इतनी दिलचस्पी दिखाते हैं । यह एक विद्यार्थी के द्वारा शिक्षक का सम्मान होता है और शिक्षक को यह सम्मान देना सभी विद्यार्थियों का अधिकार भी होता है  क्योंकि विद्यार्थी को सफल बनाने के पीछे शिक्षक का एक बड़ा योगदान होता है । शिक्षकों के द्वारा ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जाता है और विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करके अपने जीवन में इंसान बनता है । कोई विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करके कलेक्टर बनता है तो कोई विद्यार्थी डॉक्टर बनता है ।

मैं भी अपने शिक्षकों का बहुत सम्मान करता हूं जिनके माध्यम से मैंने ज्ञान प्राप्त किया है । मुझे आज भी याद है जब मैं आप विद्यार्थियों की ही तरह स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाता था तब मुझे भी प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस कार्यक्रम के आने का इंतजार रहता था । जब शिक्षक दिवस का दिन आता था तब हम  सभी विद्यार्थी एकत्रित होकर फूलों के गुलदस्ते लेकर , एक बड़ा सा केक लेकर सभी शिक्षकों को एकत्रित करके केक कटवाते थे और हम सभी विद्यार्थी फूलों का गुलदस्ता सभी शिक्षकों को देते थे , उनका आशीर्वाद प्राप्त करते थे ।

मैं उस पल को आज तक नहीं भूल पाया हूं । मैं आप सभी विद्यार्थियों से यह कहना चाहता हूं कि आप सभी बहुत ही भाग्यशाली हो जो आपको इतनी अच्छी प्रिंसिपल , इतने अच्छे स्कूल के ट्रस्टी और इतने अच्छे शिक्षक मिले जो विद्यार्थी को खुशी देने के लिए निरंतर कार्यरत रहते हैं । मैं स्कूल के होनहार विद्यार्थियों की स्पीक सुन रहा था । मुझे स्पीक सुनते समय मुझे मेरा विद्यार्थी जीवन काल याद आया क्योंकि जब अपने पढ़ाई करता था तब मैं भी स्टेज पर स्पीक बोलने के लिए आता था ।

जब मैं स्टेज पर स्पीक बोलने के लिए आता था तब मुझे बहुत अच्छा लगता था ।  मैं स्कूल के प्रिंसिपल साहब , स्कूल के शिक्षक आप सभी लोगों से यही अनुरोध करता हूं कि वह इसी तरह से प्रतिवर्ष  विद्यार्थियों की सहायता करते रहे , उनके प्रस्ताव को स्वीकृति देते रहें । जिससे कि विद्यार्थी अपने जीवन में खुशी का अनुभव करें और इस तरह के कार्यक्रम  करते रहे । अब मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं जय हिंद , जय भारत ।

दोस्तों यहां पर उपस्थित  सभी लोगों से विनम्र अनुरोध करता हूं कि सभी कलेक्टर साहब की इतनी बेहतरीन स्पीक देने के लिए तालियां बजाकर उनका अभिनंदन करें । अब हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हैं और मैं स्कूल के ट्रस्टी महोदय से विनम्र निवेदन करता हूं कि वह स्टेज पर आए और विद्यार्थियों के सम्मान में दो शब्द कहें ।

दोस्तों नमस्कार मैं श्याम चतुर्वेदी यहां पर उपस्थित सभी विद्यार्थी उनके पेरेंट्स , स्कूल के प्रिंसिपल महोदय , कलेक्टर महोदय एवं सभी अतिथि गणों का मैं इस कार्यक्रम में पधारने के लिए स्वागत , बंधन , अभिनंदन करता हूं और मैं एक बार फिर से स्कूल के सभी विद्यार्थियों का भी तहे दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इस कार्यक्रम को सफल बनाया है । विद्यार्थियों की शिक्षक के प्रति सम्मान देखकर मुझे मेरी भारतीय संस्कृति पर बड़ा गर्व होता है कि मेरा जन्म भारत की भूमि पर हुआ है और मुझे भारतीय संस्कृति प्राप्त करने का मौका मिला है ।

जब सभी विद्यार्थी मेरे पास इस कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए उचित व्यवस्था प्राप्त करने के लिए एक प्रस्ताव लेकर मेरे पास आए तब मुझे बड़ा अच्छा लगा कि हमारे देश की युवा पीढ़ी , देश के विद्यार्थी कुछ अलग करने का विचार अपने मन में सोच रहे हैं क्योंकि हम सभी जानते हैं कि देश का विकास तभी होता है जब एक विद्यार्थी अपने दिमाग में नए नए कार्य करने की सोच बनाएगा तब देश के विद्यार्थी एक सफल डॉक्टर , एक सफल इंसान बनता है , एक सफल बिजनेसमैन बनता है ।

जब विद्यार्थी अपने जीवन में एक सफल इंसान बनता है तब वह विद्यार्थी देश के विकास में  अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है । मैं ज्यादा कुछ तो नहीं कहूंगा क्योंकि हमारे पास समय कम है क्योंकि और भी लोगों को इस स्टेज पर आ करके बोलना है । तो मैं यही कहूंगा कि ऐसे ही विद्यार्थी हमारे स्कूल में आते रहे और इस तरह के कार्यक्रम को सफल बनाते रहे ।  मैं स्कूल के ट्रस्टी होने के नाते कलेक्टर साहब का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं कि वह मेरे अनुरोध पर , विद्यार्थियों के प्रस्ताव पर अपने कीमती समय में से कुछ समय निकालकर इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए और सभी विद्यार्थियों को संबोधित किया , सभी विद्यार्थियों की इच्छाओं को पूरा किया ।

अब मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं जय हिंद जय भारत । दोस्तों नमस्कार मैं अरुण नामदेव एक बार फिर आप सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं कि आप सभी लोगों ने स्कूल के ट्रस्टी साहब की स्पीच को बड़े ध्यान से सुना । अब हम इस कार्यक्रम को समाप्ति की ओर ले जाने  से पहले सभी विद्यार्थियों से अनुरोध  करता हूं कि वह सभी स्टेज पर आएं और सभी विद्यार्थियों के द्वारा जो एक सुंदर और बड़ा केक बनाया गया है वह केक  स्टेज पर लाएं और मैं सभी शिक्षकों से अनुरोध करता हूं , कलेक्टर महोदय से अनुरोध करता हूं कि वह भी स्टेज पर आएं और सभी शिक्षक एक साथ मिलकर इस केक को काटने की कृपा करें ।

अब सभी विद्यार्थी सभी शिक्षकों को गुलदस्ता देकर उनका आशीर्वाद लेकर अपनी जगह पर जाकर बैठेंगे । अब हम इस कार्यक्रम को समाप्ति की ओर ले जाते हैं । मैं अरुण नामदेव एक बार फिर यहां पर उपस्थित सभी अतिथि गणों , सभी विद्यार्थियों , सभी शिक्षकों का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने अपने अथक प्रयासों से इस कार्यक्रम को सफल बनाया है । अब हम इस कार्यक्रम को समाप्त करते हैं जय हिंद जय भारत ।

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