विष्णुपंत छत्रे के जीवन का परिचय Vishnupant chatre biography in hindi

Vishnupant chatre biography in hindi

Vishnupant chatre – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से भारत के पहले सर्कस के संस्थापक विष्णुपंत छत्रे के जीवन परिचय के बारे में बताने जा रहे हैं । तो चलिए हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को पढ़कर विष्णुपंत छत्रे के जीवन परिचय के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं ।

Vishnupant chatre biography in hindi
Vishnupant chatre biography in hindi

विष्णुपंत छत्रे के जन्म स्थान व् जीवन के बारे में – विष्णुपंत छत्रे भारत देश के महान कलाकार थे जिन्होंने भारत देश में पहले सर्कस की नींव रखी थी । विष्णुपंत छत्रे का जन्म 1846 को महाराष्ट्र राज्य में हुआ था  एवं उनका देहांत 1905 को हुआ था । विष्णुपंत छत्रे के जीवन की दास्तां सुनने के बाद यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि उन्होंने भारत देश के नागरिकों को खुश करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है । विष्णुपंत छत्रे  अपने शुरुआती जीवन काल में कुर्डूवाडी रियासत में नौकरी किया करते थे । विष्णुपंत छत्रे कुर्डूवाडी रियासत में वहां के राजा को खुश करने के लिए घोड़े के माध्यम से करतब दिखाया करते थे ।

वहां के राजा के द्वारा घोड़े का करतब जब देखा गया तब वह विष्णुपंत छत्रे के करतब से काफी खुश हुए थे और राजा के द्वारा विष्णुपंत छत्रे को प्रतिदिन घोड़े के माध्यम से करतब दिखाने के लिए कहा गया था और वह नियम के अनुसार प्रतिदिन राजा को करतब दिखाया करते थे । समय बीतने के साथ-साथ जब कुर्डूवाडी साम्राज्य के राजा के दिमाग में एक सर्कस  के निर्माण की योजना  आई तब राजा ने विष्णुपंत छत्रे को बुलाया और सर्कस के निर्माण के बारे में कहा था ।विष्णुपंत छत्रे ने राजा की बात को मानकर भारत ने सर्कस के निर्माण कार्य को प्रारंभ किया था । इसी के साथ विष्णुपंत छत्रे के द्वारा भारत में पहले सर्कस की नींव रखी गई थी ।

जब विष्णुपंत  छत्रे और रियासत के राजा के  अथक प्रयासों से भारत मे पहले सर्कस का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया था तब विष्णुपंत छत्रे और रियासत के राजा के द्वारा इस सर्कस कंपनी का नाम द ग्रेट इंडियन सर्कस रखा गया था । जब भारत की पहली सर्कस कंपनी द ग्रेट इंडिया सर्कस के द्वारा पहला खेल दिखाया गया तब भारतीय लोगों ने द ग्रेट इंडियन सर्कस की काफी प्रशंसा की थी । भारत में यह सर्कस धीरे-धीरे अपने पैर पसारने लगा था । कुछ ही समय में द ग्रेट इंडियन सर्कस भारत देश का फेमस सर्कस हो गया था ।

जहां पर भी द ग्रेट इंडियन सर्कस का करतब दिखाया जाता था वहां पर लाखों की संख्या में लोग इस सर्कस के करतब को देखने के लिए आते थे । सभी लोग सर्कस में करतब को देखकर अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते थे । समय बीतने के साथ-साथ द ग्रेट इंडियन सर्कस के विस्तार में भी काफी बदलाव किए गए थे । सर्कस को सुलभ , सुंदर , दर्शनीय बनाने के लिए विष्णुपंत छत्रे के द्वारा काफी मेहनत की गई थी । द ग्रेट इंडियन सर्कस की सहायता करने के लिए भारत देश के केरल राज्य के कीलेरी  कुन्नी  कानन अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था । इनके बारे मे आपको बता देना चाहता हूं कि यह भारतीय मार्शल आर्ट के बेहतरीन मास्टर थे ।

जो चारों तरफ अपनी कला के लिए पहचाने जाते थे । विष्णुपंत छत्रे के माध्यम से सन 1901 कोल्लम शहर के एक छोटे से गांव में जिस गांव का नाम चिरक्कारा था उस गांव में उन्होंने बोनाफाइड सर्कस नाम का एक स्कूल स्थापित किया था । जहां पर लोगों को सर्कस की कलाएं सिखाई जाती थी । जब यह स्कूल स्थापित किया गया तब इस स्कूल में विष्णुपंत छत्रे के द्वारा कई शिष्यों को सर्कस की कला सिखाई गई थी । इसके द्वारा विष्णुपंत छत्रे के द्वारा कई शिष्य तैयार किए गए थे ।

इसके बाद विष्णुपंत छत्रे के सभी शिष्यों के द्वारा यह योजना बनाई गई थी कि वह अपने गुरु की इच्छाओं को पूरा करेंगे , अपने गुरु के द्वारा सीखी गई कला का प्रचार प्रसार करेंगे । इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने  कुन्ही  मेमोरियल सर्कस  की स्थापना की गई थी । जहांं पर कई लोगोंं को सर्कस के  करतब सिखाएं जाते थे । इसके साथ-साथ  शिष्यों के द्वारा जिमनास्टिक  ट्रेनिंग सेंटर खोले गए थे  जिस सेंटर के माध्यम से सर्कस की कला का प्रचार प्रसार किया गया था । यह सेंटर आज भी भारत में मौजूद हैैैै जिस सेंटर को विष्णुपंत छत्रे के शिष्यों के द्वारा चलाया जाता हैं । आज यह सेंटर कैंसर कलाकारों का ट्रेनिंग सेंटर बना दिया गया है । इस तरह से भारत देश में  पहली सर्कस कंपनी  की स्थापना विष्णुपंत छत्रे के द्वारा की गई थी ।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा गया यह बेहतरीन लेख विष्णुपंत छत्रे का जीवन परिचय Vishnupant chatre biography in hindi यदि आपको पसंद आए तो सबसे पहले आप सब्सक्राइब करें इसके बाद अपने दोस्तों , रिश्तेदारों में शेयर करना ना भूलें । दोस्तों यदि आपको इस आर्टिकल में कुछ गलतियां,  कमी नजर आती है तो आप हमें उस गलती के बारे में जरूर बताएं जिससे कि हम उस गलती को सुधार कर यह आर्टिकल आपके समक्ष पुनः प्रस्तुत कर सकें धन्यवाद ।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *