वन महोत्सव पर निबंध व कविता Van Mahotsav Essay and poem in Hindi

Van Mahotsav Essay in Hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सभी, दोस्तों हम विद्यार्थियों के लिए उनकी मदद के लिए नए नए विषय पर निबंध प्रस्तुत करते रहते हैं आज हमारा वन महोत्सव पर लिखा गया यह निबंध विद्यार्थियों की काफी मदद करेगा। हमारे इस निबंध से जानकारी लेकर विद्यार्थी वन महोत्सव के ऊपर निबंध अपने स्कूल, कॉलेज की परीक्षा में लिखने के लिए यहां से जानकारी ले सकते हैं तो चलिए पढ़ते हैं हमारे आजके इस निबंध को

Van Mahotsav Essay and poem in Hindi
Van Mahotsav Essay and poem in Hindi

आज हमारे देश में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की वजह से वन बहुत ही कम बचे हैं जिस वजह से जीव जंतुओं की प्रजाति भी लगातार लुप्त होती जा रही है और साथ में मनुष्य के लिए भी एक खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है दरअसल पेड़ पौधे मनुष्य को ऑक्सीजन देते हैं और खुद हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं वास्तव में हमारे जीवन में पेड़ पौधों का बहुत ही ज्यादा महत्व है।

पेड़ वर्षा को भी आकर्षित करते हैं लेकिन इस आधुनिक युग में लोग अपनी तरक्की के प्रति इतने जागरुक हो गए हैं कि वह यह भूल गए हैं कि पेड़ हमारी धरोहर हैं, हमारे लिए सबकुछ हैं अगर पेड़ हम इसी तरह से नष्ट करते गए तो आने वाले समय में जरूर ही मानव जाति का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा क्योंकि पेड़ से हमें बहुत कुछ प्राप्त होता है यह वर्षा को आकर्षित करते हैं

इसी के महत्व को समझते हुए 1947 में देश के प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरु और उनके साथ डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोग से जुलाई के प्रथम सप्ताह में वन महोत्सव मनाया गया लेकिन इसने कोई बड़ा रूप नहीं लिया लेकिन सन 1950 में वन महोत्सव को एक बड़े रूप में मनाया जाने लगा अब हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में वन महोत्सव मनाया जाता है। 2018 में यह वन महोत्सव 1 जुलाई से लेकर 7 जुलाई के बीच में मनाया गया

वन महोत्सव कैसे मनाया जाता है

वन महोत्सव जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है इन दिनों स्कूल और कॉलेजों में अध्यापक बच्चों को वनों को,पेड़-पौधों को सुरक्षित रखने की जानकारी देते हैं और हर एक विद्यार्थी को वृक्षारोपण के फायदे बताते हैं। हर एक स्कूल-कॉलेज में वृक्षारोपण किया जाता है इसके बारे में भाषण भी दिए जाते हैं जिससे हर एक विद्यार्थी जागरुक हो क्योंकि हम सभी जानते हैं कि विद्यार्थी ही हमारे देश का भविष्य हैं.

अगर विद्यार्थी वनों के महत्व को समझें तो वो वृक्षारोपण करेंगे और वनों की सुरक्षा करेंगे इस तरह से हम आने वाले भविष्य को बचा सकेंगे। स्कूल-कॉलेज के अलावा भी कई जगह वन महोत्सव मनाया जाता है इस दिन घरों में मां बाप को अपने बच्चों को वनों का महत्व बताना चाहिए,उनको इस ओर जागरूक होना चाहिए और वृक्षारोपण करना चाहिए।

कई संस्थाएं इस दिन लोगों को मुफ्त में तरह-तरह के वृक्ष उपलब्ध कराती हैं और लोगों को वनों के महत्व के बारे में बताकर उन्हें वृक्षारोपण करने के प्रति जागरुक करती हैं वास्तव में जबसे वन महोत्सव मनाया जा रहा है तबसे वनों की स्थिति में सुधार हुआ है। आज हम देखें तो वनों की स्थिति पहले से ठीक है.

अगर वन महोत्सव नहीं मनाया जाता तो जरूर ही हमारे देश में वन और भी कम हो जाते लेकिन वन महोत्सव की वजह से आज हमारे देश में लगभग 20% की जगह पर वन पाए जाते हैं वास्तव में हम सभी के जीवन में वन महोत्सव अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमें इस वन महोत्सव को बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए

वन महोत्सव मनाने की जरूरत क्यों पड़ी

जैसे की हम सभी जानते हैं कि वन हमारी धरोहर हैं वन हमारे जीवन में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं उनमें ही जीव जंतु रहते हैं जो हमारी प्रकृति की देन है वनों के नष्ट होने की वजह से इनकी प्रजाति तेजी से लुप्त होती जा रही है साथ में वन महोत्सव मनाने की जरूरत हमारे भविष्य को देखते हुए भी पड़ी क्योंकि वन हमारे जीवन है। आज हम देखें तो पेड़ पौधे हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, यह बरसात को भी आकर्षित करते हैं जिससे वर्षा होती है लेकिन अगर वन कम होंगे तो हमारी प्रकृति का चक्र बिगड़ जाएगा।

आज हम देखें तो वातावरण वनों की कटाई की वजह से काफी प्रभावित हो रहा है आज हम देखें तो गर्मियों में बहुत अधिक गर्मी पड़ती है, बरसात के मौसम में ठीक तरह से बरसात नहीं होती कहीं कही सूखा पड़ता है तो कहीं कहीं बाढ़ जैसी स्थिति आ जाती है और आंधी तूफ़ान भी आते रहते हैं, पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है इसी वजह से हमैं वन महोत्सव मनाने की जरूरत पड़ी।

हम इस आधुनिक युग में अपना विकास करते जा रहे हैं लेकिन अगर हम पेड़ पौधों की ओर विशेष ध्यान ना दें तो वास्तव में हमारा भविष्य खतरे में आ जाएगा क्योंकि हमारी इस प्रकृति में वनों की कमी की वजह से बहुत सारी समस्या जन्म ले रही हैं। अगर वनों की ओर हमने विशेष ध्यान नहीं दिया तो वास्तव में अकाल जैसी स्थिति भी आ सकती है इसलिए हमें वन महोत्सव मनाने की जरूरत पड़ी जिससे लोग वनों के प्रति जागरूक रहे,इनके बारे में जानें और समझें और वृक्षारोपण की ओर विशेष ध्यान दें। अगर देश का हर एक नागरिक वृक्ष लगाए तो वास्तव में हम और उन्नति कर सकते हैं। हमें वन महोत्सव मनाकर लोगों को वनों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है

वन महोत्सव पर कविता poem on van mahotsav in hindi

बन महोत्सव मनाओ
जीवन में खुशियां लाओ
अपनों को जागरुक करो
वृक्षारोपण तुम करो

बच्चों को जागरुक करो
नौजवानों को जागरुक करो
खुशियों के संग जियो
वृक्षारोपण तुम करो

अपना विकास तुम करो
लेकिन वनों का नशा ना तुम करो
बन महोत्सव मनाओ
जीवन में खुशियां लाओ

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