भारतीय स्वतंत्रता संग्राम निबंध Swatantrata andolan essay in hindi

swatantrata andolan essay in hindi

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल Swatantrata andolan essay in hindi आप सभी के लिए स्वतंत्रता आंदोलन की पूरी जानकारी देगा तो चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के लिखित इस निबंध को

Swatantrata andolan essay in hindi
Swatantrata andolan essay in hindi

Image source- http://indiafacts.org/distorting-the-history-of-the-freedom-movement/

हमारे भारत देश में हर कोई रहना चाहता है और हर कोई भारत देश आने के लिए हमेशा उत्सुक रहता था हमारे भारत देश में बहुत सारे लोग रहने के लिए आए यहां यूरोप से,पुर्तगाल से बहुत से लोग आए इसके अलावा यहां पर मुगल भी आए और वह यहां पर स्थाई रूप से वस चुके थे.बहुत से लोगों ने भारत देश में आक्रमण किया और लूटपाट भी की लेकिन जब ब्रिटिश लोग हमारे भारत देश में आए तो उन्होंने काफी लंबे समय तक भारत देश में राज किया और तो और राजनीतिक अधिकार भी उन्होंने प्राप्त कर लिए और भारतीयों पर अपना हक़ जताने लगे.

उनके साथ गुलामों की तरह व्यवहार करने लगे यहां पर मजदूरों को भारी करो के दवाब में रखा गया उनके अधिकार छीन लिए गए.भारत देश के अलग-अलग राज्यों के लोगो को तरह तरह से प्रताड़ित किया जाता था इसी वजह से हमारे भारत देश में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत हुई.

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन शुरुआत करने वाले वह लोग थे जो अपने भारत देश को स्वतंत्र करवाना चाहते थे जो अपने भारत देश को बहुत सारी परेशानियों से निकलवाकर आजादी की सांस लेते हुए देखना चाहते थे.हमारे भारत देश में बहुत से ऐसे लोग हुए थे जिन्होंने भारत को स्वतंत्र कराने के लिए स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया इन स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी.वह पीछे नहीं हटे वह अपने अधिकारों के लिए लगातार अंग्रेजी शासकों से लड़ते गए.

अंग्रेजी शासकों ने भारत पर बहुत से अत्याचार किये.भारतीयों की धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाई उन्होंने गाय और सूअर की चर्बी कारतूस में लगाई और जब उन्हें इस तरह की कारतूसों को मुंह से खोलने के लिए कहा गया तो उनकी भावनाएं आहत हुई.

Related- घायल सैनिक की आत्मकथा निबंध Ghayal sainik ki atmakatha essay in hindi

अंग्रेजो के खिलाफ ये स्वतंत्रता आंदोलन दो प्रकार का था एक अहिंसक था और दूसरा सशस्त्र था अहिंसक आंदोलन में बिना शस्त्र के बहुत से प्रयास किए गए जिसके जरिए अंग्रेजों को हम भारतीयों के आगे झुकना पड़ा.ससस्त्र आंदोलन के जरिए भी अंग्रेजों को भारत से दूर करने में काफी मदद मिली.

इस क्रांतिकारी आंदोलन का समय 1857 से 1942 तक माना है लेकिन एक मत के अनुसार इस आंदोलन का समय 1757 से 1961 के बीच तक भी माना गया है क्योंकि 1961 तक गोवा भी पूरी तरह से स्वतंत्र हो चुका था हमारे देश के बहुत से क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष भूमिका निभाई इस आंदोलन में भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु जैसे महान क्रांतिकारियों ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे.

शुरुआत में स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांति करने वाले लोगों को जनता का पूरी तरह से सपोर्ट नहीं था उन्हें सहानुभूति नहीं थी लेकिन जब जनता पर अंग्रेज शासकों ने कुछ ज्यादा ही अत्याचार करना शुरू किया तो धीरे-धीरे जनता इन अंग्रेजी शासकों के खिलाफ खड़ी हुई और स्वतंत्रता सेनानियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लगी.वैसे देखा जाए तो अंग्रेजो के पास सेना बहुत ही कम थी लेकिन भारतीय सैनिकों की वजह से वह पूरे भारत देश में राज्य कर रहे थे एक और जहां भगत सिंह,सुखदेव और राजगुरु अपने सशस्त्र प्रयासों से भारत देश को स्वतंत्र कराने का प्रयास कर रहे थे वहीं दूसरी ओर गांधीजी जैसी महान अनुभूति जो कि अहिंसा के रास्ते पर चलते थे वह भी अपने प्रयासों से देश को स्वतंत्र कराने के लिए हमेशा प्रयासरत थे.

भारत में स्वतंत्रता आंदोलन के जरिए स्वतंत्रता पाने के लिए बहुत से प्रयास किए गए भारत के विभिन्न भागों में क्रांतिकारियों द्वारा विशेष प्रयास किए गए.सन 1757 में प्लासी का युद्ध हुआ प्लासी का युद्ध अंग्रेजों और बंगाल के शासक के बीच हुआ था इस युद्ध में बंगाल के शासक की ओर से मीर जफर ने गद्दारी कर दी और इसका फायदा अंग्रेजो ने उठा लिया और भारत में अपनी नींव को मजबूत बनाया.इसके बाद मीर जाफर ने कुछ जिलो की जमींदारिया अंग्रेजो को दे दी वही से फिर विद्रोह शुरू हुआ

इसके बाद भी कई जगह विद्रोह शुरू हुए और धीरे धीरे ये आन्दोलन एक जन आन्दोलन बन गया और जनता ने इस स्वतंत्रता आन्दोलन को सहयोग प्रदान किया और आखिर में इस आन्दोलन को सफलता मिली और हमारा देश स्वतंत्र हो गया इस आन्दोलन में बहुत से ऐसे लोग भी है जिन्होंने इस आन्दोलन में सहयोग प्रदान किया था लेकिन लोग उन्हें नहीं जानते है.

दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल Swatantrata andolan essay in hindi पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें और हमारा Facebook पेज लाइक करना ना भूलें और हमें कमेंट के जरिए बताएं कि आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा इसी तरह के नए-नए आर्टिकल के लिए हमें सब्सक्राइब जरूर करें.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *