परहित सरिस धर्म नहिं भाई पर कहानी story on parhit saris dharam nahi bhai in hindi

story on parhit saris dharam nahi bhai in hindi

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं परहित सरिस धर्म नहीं भाई पर हमारे द्वारा लिखित यह कहानी आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज की इस कहानी को

story on parhit saris dharam nahi bhai in hindi
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एक छोटा सा गांव था वह गांव जंगल के पास में बसा हुआ था एक व्यक्ति रोज रोज उस गांव से जंगल में बकरियों को चराने ले जाता था। एक दिन वह जंगल में बकरियों को चरा रहा था तभी उसने देखा कि एक लकड़हारा पेड़ से लकड़ियों को काट रहा है। वह उस लकड़हारे को देख ही रहा था तभी उसकी नजर लकड़हारे के पास में स्थित एक सांप पर पड़ी जोकि काला सर्प था वह बहुत ही जहरीला था। उस व्यक्ति ने लकड़हारे को आवाज भी दी लेकिन लकड़हारा लकड़ी काटने में इतना व्यस्त था कि उसने आवाज पर ध्यान नहीं दिया।

धीरे-धीरे सांप उस लकड़हारे के पास जा पहुंचा वहां पर कुछ लोग और भी उपस्थित थे लेकिन किसी ने भी लकड़हारे को बचाने की कोशिश नहीं की लेकिन उस व्यक्ति ने पास में जाकर उस सांप की पूंछ को पकड़कर दूर फेंक दिया इस तरह से लकड़हारे की जिंदगी बच गई तभी वहां पर उपस्थित सभी लोग पास में आए उन्होंने उस व्यक्ति की तारीफ की और उस लकड़हारे ने भी उसका धन्यवाद कहा।

सभी लोगों ने उस व्यक्ति से उसके बारे में पूछा की तुम कहां से हो, किस गांव से हो, तुम्हारा धर्म क्या है तभी उस व्यक्ति ने बताया कि परहित सरिस धर्म नहिं भाई। उस व्यक्ति की बात सुनकर सभी लोग शर्मसार हो गए क्योंकि वह सभी डर की वजह से उस लकड़हारे को बचाने की कोशिश नहीं कर रहे थे जबकि उस व्यक्ति ने आगे बढ़कर उस लकड़हारे की जान बचाई और अपने खुद की बिल्कुल भी परवाह नहीं की वास्तव में दूसरों का हित करने से बढ़कर दुनिया में कोई भी धर्म नहीं होता।

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