आज्ञाकारिता पर कहानी Story on obedience in hindi

Story on obedience in hindi

एक गांव में एक लड़का कमल रहता था उसके मां-बाप ने उसको नजदीक के ही एक स्कूल में दाखिला दिलवाया. उसके पिता उसे अपने साथ स्कूल छोड़ने ले जाते लेकिन कुछ दिनों बाद वह उसको अकेले ही स्कूल जाने देते लेकिन कमल को स्कूल जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था एक दिन कमल के पिता को जब यह बात पता लगी कि कमल स्कूल नहीं गया है वह पास में ही खेल रहा है तो उन्होंने कमल को समझाया लेकिन कमल फिर भी स्कूल जाने के बहाने लड़कों के साथ खेल कूद करने लगता है

वो अपने स्कूल का बैग साथ में ले जाता और स्कूल जाने के बहाने अपने बिगड़े हुए दोस्तों के साथ रहता इसी तरह कई महीने बीत गए.कभी जब कमल कुछ गलती करता है तो उसके मां-बाप उसे समझाते लेकिन कमल अपने मां-बाप की बात बिल्कुल भी नही सुनता था.

Story on obedience in hindi
Story on obedience in hindi

धीरे-धीरे वह बड़ा हो गया उसकी शिकायत आने लगी उसके पिता ने उसको डाटा और प्यार से भी समझाया लेकिन कमल बिल्कुल भी अपने मां-बाप की बात नहीं मानता था. वह सातवीं क्लास तक पढ़ा और फेल हो गया आखिर में स्कूल की शिकायतें सुन सुनकर उनके मां-बाप थक चुके थे उन्होंने कमल का स्कूल से नाम कटवा दिया अब कमल दिन भर शरारते करता जब कमल 18 साल का हो गया तो उसके पिता ने उसको एक दुकान पर लगवा दिया.कमल अब बहुत ही बिगड़ चुका था वह बिल्कुल अपने मां-बाप की बात नहीं मानता था उसकी आदतें भी खराब हो गई थी.

एक दिन वह अपने दोस्तों के साथ जुआ खेलते हुए ₹20000 हार गया था अब वह बीस हजार रुपये कहा से देता.एक दिन दुकान पर जब कमल का सेठ नहीं था तो कमल को ₹20000 दुकान में रखे मिले.कमल ने रूपये चुरा लिए और दुकान बंद करके अपने घर चला गया और जब सेठ अगले दिन दुकान पर आया तो उसको वह ₹20000 नहीं मिले तो वह समझ चुका था की जरूर ही ये चोरी कमल ने की है उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी और पुलिस कमल को पकड़ कर जेल में ले गई आखिर में सख्ती से पूछताछ करने पर कमल ने कह दिया कि यह चोरी उसने की है.

कमल को अब बहुत ही अफसोस था वह विचार कर रहा था कि काश मैं अपने मां-बाप की बात मानता और स्कूल जाता तो पढ़ लिखकर कुछ अच्छा करता और पैसा भी कमाता तो मुझे आज चोरी नहीं करना पड़ती.अगर मैं अपने मां-बाप की मानता तो बुरे कामों में नहीं फंसता और जुआ भी कभी नहीं खेलता. उसे अब अपनी गलती का बहुत पछतावा हुआ लेकिन बेचारा वह अब कर भी क्या सकता था.
दोस्तों इसलिए हमें हमेशा अपने मां-बाप की बात माननी चाहिए उनकी आज्ञा का पालन जरूर करना चाहिए जिससे हम अपने भविष्य को उज्जवल बना सके.

अगर आपको हमारी ये कहानी Story on obedience in hindi पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें और हमारा Facebook पेज लाइक करना ना भूलें और हमें कमेंटस के जरिए बताएं कि आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *