घरेलू हिंसा पर भाषण speech on domestic violence in hindi

speech on domestic violence in hindi

दोस्तों आज हम आप सभी के लिए लाए हैं घरेलू हिंसा पर हमारे द्वारा लिखित यह भाषण इससे आप घरेलू हिंसा के विषय पर भाषण की तैयारी कर सकते हैं और अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं चलिए पढ़ते हैं घरेलू हिंसा पर लिखित भाषण।

speech on domestic violence in hindi
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दोस्तों नमस्कार आज आप सभी के समक्ष मुझे घरेलू हिंसा के विषय पर कुछ कहने का मौका मिला इसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूं घरेलू हिंसा के बारे में कुछ कहते समय मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा है क्योंकि हमारे समाज में महिलाओं के साथ जो घरेलू हिंसा की जाती है वह वास्तव में सोचनीय है महिलाएं जिन्हें हम देवी का अवतार समझते हैं, घर की लक्ष्मी कहते हैं उनके साथ कई तरह से घरेलू हिंसा की जाती है कई तरह की प्रथाएं जैसे कि सती प्रथा, दहेज प्रथा से महिलाओं पर कई तरह की घरेलू हिंसा की गई।

आज भी इस तरह की कई प्रथाएं हमारे बीच में है जिनकी वजह से महिलाओं पर कई तरह से अत्याचार किए जाते हैं. जब लड़की जन्म लेती है तो ज्यादातर मां बाप उसे बोज समझते हैं और कुछ मां-बाप ऐसे भी होते हैं जो लड़के के मुकाबले लड़की को सही तरह से नहीं रखते उसका पालन-पोषण ठीक तरह से नहीं करते क्योंकि वह एक तरह से लड़की को बोज समझते हैं क्योंकि वह समझते हैं कि लड़की बड़ी होकर अपने साथ में दहेज तो ले जाएगी घर पराया धन है .

इस तरह की बातों की वजह से कई मां बाप अपनी लड़की को समझते हैं कुछ मां-बाप ऐसे होते हैं जो लड़कियों को पढ़ाने पर कोई भी विशेष जोर नहीं देते, यह सब गलत है हमें लड़कियों को लड़कों के समान समझ कर उनको आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा दिलवानी चाहिए जिससे वह बड़ी होकर सही और गलत को समझ सके और अपने परिवार को सही तरह से चला सके।

जब लड़की बड़ी होती है तो लड़के वाले दहेज मांगते हैं और यदि लड़की वाले मांग के अनुसार दहेज नहीं दे पाते तो बेचारी उस लड़की पर कई तरह के अत्याचार किए जाते हैं यह घरेलू हिंसा आजकल हमारे भारत देश में कई जगह देखने को मिलती है यहां तक कि कुछ पढ़े-लिखे लोग भी घरेलू हिंसा करने से नहीं चूकते। कुछ लोग औरत को अपने हाथ की कठपुतली समझते हैं यदि वह अपने मुताबिक नहीं चलती तो उसके साथ कई तरह की घरेलू हिंसा की जाती है।

कई जगह देखा गया है सास-ससुर पति एवं अन्य परिवार के सदस्य औरत के साथ घरेलू हिंसा करते हैं वह घर की लक्ष्मी को कई तरह से प्रताड़ित करते हैं कुछ औरतें होती हैं जो इसके खिलाफ कार्रवाई करके अपने इस घरेलू हिंसा की प्रताड़ना से बाहर निकल पाती हैं लेकिन कुछ औरतें ऐसी होती हैं जो अपने परिवार वालों के खिलाफ कुछ भी नहीं कर पाती वो बस उस घरेलू हिंसा को सहती जाती हैं जिससे औरतों पर अत्याचार करने बालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती और उनके हौसले और बुलंद होते हैं और वह लगातार अपनी बहू बेटियों पर अत्याचार करते रहते हैं।

घरेलू हिंसा आजकल के जमाने की एक ऐसी समस्या है जिसे हमें जड़ से खत्म करना चाहिए यह घरेलू हिंसा तभी खत्म हो सकती है जब हम शिक्षित हो हमें हर गांव से लेकर शहर तक लोगों को शिक्षित करना चाहिए, अपने अधिकारों के प्रति अपने लोगों को सचेत करना चाहिए, लोगों को शिक्षित करना चाहिए जिससे वह आदमी और औरत को समान दृष्टि से देखें और औरतों के साथ किसी भी तरह का अत्याचार ना करें उन्हें समाज में आगे बढ़ने दें वास्तव में अगर महिला और पुरुष मिलकर देश के लिए कार्य करें तो देश का विकास तेजी से होगा।

यहां पर बैठे हुए प्रत्येक सदस्य से मैं कहना चाहता हूं कि प्रत्येक सदस्य हर एक परिवार से जुड़ा हुआ है कुछ परिवार जरूर ऐसे होंगे जहां पर घरेलू हिंसा देखने को मिल सकती है हमें इस तरह की घरेलू हिंसा को खत्म कर देना चाहिए और महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए जिससे हमारे समाज का, हमारे परिवार का और हमारे देश का विकास हो धन्यवाद।

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