कृषि पर भाषण Speech on agriculture in hindi

Speech on agriculture in hindi

Agriculture – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से कृषि पर एक भाषण सुनाने जा रहे हैं । चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस जबरदस्त आर्टिकल को पढ़कर कृषि पर लिखे भाषण के बारे में जानते हैं ।

Speech on agriculture in hindi
Speech on agriculture in hindi

नमस्कार दोस्तों, मैं अरुण नामदेव यहां पर उपस्थित सभी किसानों को और दूर दूर से आए लोगों का स्वागत , वंदन , अभिनंदन करता हूं । आज हमने यह कार्यक्रम किसान के सम्मान के लिए रखा है । इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने से पहले मैं आप लोगों को इस कार्यक्रम के बारे में बताने जा रहा हूं । इस कार्यक्रम के माध्यम से हम किसानों को उत्तम खेती के बारे में बताएंगे । जिसमें कृषि विभाग के वैज्ञानिक और अधिकारी स्टेज पर आकर किसानों को रसायनिक खेती से हो रहे नुकसान और जैविक खेती के फायदे के बारे में बताएंगे ।

दोस्तों मैं आपको बता दूं कि कुछ ही देर में हमारे इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी कुछ ही क्षणों में यहां पर पधारने वाले हैं । मुख्यमंत्री जी के साथ साथ यहां पर जिले के विधायक एवं कलेक्टर महोदय भी पधारेंगे । आप सभी लोगों से मैं निवेदन करता हूं कि जब हमारे इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आए तब तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत करें । अब हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हैं । जैसे कि दोस्तों हम सभी जानते हैं कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा तकरीबन 70% कृषि पर निर्भर है ।

किसान खेती के माध्यम से अनाज की पैदावार करते हैं और जो अनाज की पैदावार किसान करते हैं वह अनाज देश के सभी नगरवासी उपयोग करते हैं । किसान देश के नागरिकों का पेट भरने का कार्य करते हैं । इसलिए आज हम यहां पर किसानों के सम्मान मैं उपस्थित हुए हैं । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसानों का सम्मान किया जाए । मैं सबसे पहले  हमारे जिले के कृषि विभाग के अधिकारी को  स्टेज पर बुलाता हूं और उन से विनम्र निवेदन करता हूं कि वह किसान को जैविक खेती से होने वाले लाभ के बारे में अवगत कराएं ।

कृषि अधिकारी के द्वारा कृषि पर भाषण – नमस्कार किसान भाइयों और दूर-दूर से यहां पर पधारे सभी नागरिक गण मैं आप सभी लोगों का इस कार्यक्रम में पधारने के लिए धन्यवाद करता हूं । मैं आप लोगों से आशा करता हूं कि हम सभी मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएंगे । सबसे पहले मैं सभी किसानों का तहे दिल से अभिनंदन करता हूं क्योंकि किसान ही देश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है और भारतीय नागरिकों की भूख को मिटाने का काम किसान करता है ।

इसलिए आज मैं किसान भाइयों को भारत सरकार और प्रदेश की सरकार के द्वारा चल रही योजनाओं के बारे में बताने जा रहा हूं । सबसे पहले मैं आप सभी किसान भाइयों से यह आग्रह करता हूं कि आप एक डायरी और पेन निकाल कर रख लें और मैं कुछ योजनाओं के बारे में आप सभी किसान भाइयों को अवगत कराने जा रहा हूं । किसान भाइयों जैसे कि खेती प्रकृति पर और किसान भाइयों आप सभी लोगों की मेहनत पर निर्भर रहती है । कभी-कभी प्रकृति की मार खेती पर पड़ जाती है और फसल बर्बाद हो जाती है ।

जब फसल बर्बाद होती है तो किसान कहीं ना कहीं बर्बादी की कगार पर जाकर के खड़ा हो जाता है । इसलिए मैं आप सभी लोगों को कुछ योजनाओं के बारे में अवगत कराने जा रहा हूं जिससे कि आप सभी फसल बर्बाद हो जाने पर उस योजना का लाभ ले सके । तो किसान भाइयों सबसे पहले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में बताने जा रहा हूं ।  आप सभी लोगों से यह निवेदन करता हूं कि आप सभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन करें जिससे कि जब आप की फसल बर्बाद हो तो आप उस बर्बादी का पैसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से निकाल सकें ।

इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा भी कई योजनाएं प्रारंभ की गई हैं जन का लाभ किसान भाइयों को दिया जा रहा है । यदि किसान भाई बाजारों में फसल बेचने के लिए जाता है तो उसको अनाज की लागत मूल्य से अलग से पैसा प्रदेश की सरकार किसानों को देती है ।  किसान भाइयों आप खेती को  सफलता के साथ करते रहे और इसके साथ साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी लेते रहना । सरकार के माध्यम से किसान क्रेडिट योजना प्रारंभ की गई है । जिसका लाभ किसान भाइयों को दिया जा रहा है ।

इसके बाद  कृषि यंत्रीकरण पर ऑफ मिशन के अंतर्गत लागत मानक और सहायता योजना भी किसानों के लिए प्रारंभ की गई है । जिसका लाभ भी किसान भाइयों को दिया जा रहा है । चारा और चारा विकास योजना भी सरकार के द्वारा प्रारंभ की गई है जिसका लाभ किसानों को दिया जा रहा है । कृषि विपणन योजना भी सरकार के माध्यम से किसानों के लिए प्रारंभ की गई है जिसका लाभ कई किसानों ने ले लिया है और जिन किसान भाइयों ने इसका लाभ अभी नहीं लिया है वह भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं ।

सरकार के माध्यम से डेयरी उद्यमिता विकास योजना भी प्रारंभ की गई है । जिसका लाभ किसान भाइयों को दिया जा रहा है । पशुधन बीमा योजना किसानों के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार के माध्यम से प्रारंभ की गई है । जिसका लाभ किसान भाई ले सकते हैं । प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं अन्य सिंचाई योजना भी  भारत सरकार के द्वारा प्रारंभ की गई हैं । जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नति के रास्ते पर ले जाना है । इस तरह से किसान भाई इन सभी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं । किसान भाइयों का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे सुना और योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की  ।

अब मैं पुनः स्टेज पर मंच संचालन कर रहे अरुण नामदेव जी को एक बार फिर स्टेज पर बुलाना चाहता हूं , अब मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं जय हिंद , जय भारत ।

नमस्कार दोस्तों आप सभी लोगों को कृषि विभाग के अधिकारी का भाषण कैसा लगा । कृषि विभाग अधिकारी के द्वारा किसान भाइयों को योजनाओं के बारे में अवगत कराया गया  इसके लिए हम सभी को कृषि विभाग के अधिकारी के लिए तालियां बजाकर उत्साहवर्धन करना चाहिए कि वह इसी तरह से किसान भाइयों को कृषि और कृषि से जुड़ी हुई योजनाओं के बारे में अवगत कराते रहें ।अब हम इस कार्यक्रम की बेला को आगे बढ़ाते हैं । कृषि देश की उन्नति का एक साधन है । जिससे देश की अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है ।

जिस देश में उन्नत खेती की जाती है , जिस देश के किसान कृषि करके अधिक मात्रा में अनाज उगाते हैं उस देश की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत होती है । खेती करना कोई आम बात नहीं होती है । जब किसान अनाज उगाने में मेहनत करता है तब जाकर के अनाज बाजारों में बिकने के लिए आता है और हम सभी उस अनाज को खरीद कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं । तो मैं एक बार फिर यहां पर उपस्थित किसान भाइयों से और नगर वासियों से अनुरोध करता हूं कि हम हमारे  जोरदार तालियां बजाएंगे ।

अब मैं स्टेज पर हमारे कृषि विभाग के वैज्ञानिक को बुलाना चाहता हूं कि वह स्टेज पर आए और जैविक खेती के बारे में किसान भाइयों को जानकारी दें ।

कृषि  विभाग के वैज्ञानिक का भाषण  – नमस्कार किसान भाइयों मैं आप सभी लोगों का इस कार्यक्रम में पधारने के लिए धन्यवाद करता हूं । जैसा कि आप सभी जानते हैं कि यह कार्यक्रम किसान भाइयों के लिए रखा गया है जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि के बारे में बात करना है । मैं किसान भाइयों को जैविक खेती के बारे में अवगत कराने जा रहा हूं । जैसा कि हम सभी जानते हैं की आज किसान रासायनिक खेती पर ज्यादा निर्भर रहते हैं । रासायनिक खेती के माध्यम से काफी नुकसान भूमि को होता है । कहने का तात्पर्य यह है कि भूमि की उर्वरक क्षमता कम हो जाती है ।

जैविक खेती वह खेती है जो संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों के बिना की जाती है । जिसमें रसायनिक खादों का उपयोग बिल्कुल भी नहीं किया जाता है या कम मात्रा में किया जाता है ।जैविक खेती वह खेती है जिसमें फसल चक्र कंपोस्ट और हरी खाद का उपयोग करके खेती की जाती है । किसान भाइयों जैसा कि हम देख रहे हैं सन 1990 के बाद विश्व में जैविक उत्पादों का बाजार काफी बढ़ा है क्योंकि जैविक खेती करना बहुत ही आवश्यक हो गई है क्योंकि जैविक खेती के माध्यम से ही हम भूमि की उर्वरक क्षमता को बनाए रख सकते हैं ।

जैविक खेती करके हम कई तरह के लाभ ले सकते  है । यदि जैविक खेती की जाए तो भूमि की उपजाऊ क्षमता में काफी वृद्धि होती है । जैविक खेती के माध्यम से सिंचाई अंतराल में भी काफी वृद्धि होती है । जब कोई किसान जैविक खेती करना प्रारंभ कर देता है तब किसान भाई रासायनिक खाद का  उपयोग करना बंद कर देता है । जिससे खेती में कम लागत आती है और फसलों की उत्पादकता में भी काफी वृद्धि होती है । किसान भाइयों यदि हम मिटटी की दृष्टि से जैविक खेती से होने वाले लाभ के बारे में देखें तो जब जैविक खेती के माध्यम से फसल उगाई जाती है तब मिट्टी की गुणवत्ता में काफी सुधार होता है ।

भूमि की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ भूमि की जल धारण क्षमता में भी काफी वृद्धि होती है । किसान भाइयों जैविक खेती का उपयोग करने से भूमि में होने वाले पानी का वाष्पीकरण में भी कमी आती है । इस तरह से जैविक खेती के माध्यम से काफी लाभ होता हैं । यदि हम पर्यावरण की दृष्टि से जैविक खेती के लाभ के बारे में जाने तो हमें कई लाभ प्राप्त हो सकते हैं । जैविक खेती के माध्यम से भूमि के अंदर जलस्तर में काफी वृद्धि होती है ।

किसान भाइयों जैविक खेती करने से मिट्टी , खाद पदार्थ एवं जमीन के अंदर पानी के माध्यम से होने वाले प्रदूषण में काफी कमी आती है क्योंकि जब हम फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए कीटनाशक दवाइयों का उपयोग करते हैं तब वह रसायन मिट्टी के माध्यम से जमीन के अंदर चला जाता है और पानी में घुलनशील हो जाता है । जब हम उस पानी का उपयोग करते हैं तब हमें काफी बीमारियां हो जाती हैं । इसीलिए किसान भाइयों जैविक खेती करना आज के समय की मांग है । किसान भाइयों आज हम देख रहे हैं कि कचरे के माध्यम से काफी प्रदूषण फैल रहा है ।

यदि जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए तो हम उस कचरे का उपयोग खाद बनाने में कर सकते हैं । जिससे उस कचरे से होने वाली कई बीमारियों से बचा जा सकता है । किसान भाइयों इस तरह से जैविक खेती से हम लाभ प्राप्त कर सकते हैं । अब मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं और मैं अरुण नामदेव जी को पुनः स्टेज पर मंच संचालन के लिए आमंत्रित करता हूं । जय हिंद , जय भारत ।

किसान भाइयों कृषि विभाग के वैज्ञानिक के माध्यम से आप लोगों को जैविक खेती के बारे में बताया गया । मैं आप सभी लोगों से आशा करता हूं कि आप ने जैविक खेती से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी प्राप्त की होगी । मैं कृषि विभाग के वैज्ञानिक को धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने स्टेज पर आकर जैविक खेती के बारे में बताया और मैं किसान भाइयों से अनुरोध करता हूं कि कृषि विभाग के वैज्ञानिक के माध्यम से जो जानकारी हमें दी गई है उसके लिए  वैज्ञानिक के सम्मान में हम सभी को तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन करना चाहिए । मैं कृषि विभाग के  वैज्ञानिक  के पद पर कार्यरत सभी लोगों से  यह आशा करता हूं  कि वह इसी तरह से हमें जानकारियां देते रहे , उन्नत खेती के बारे में बताते रहे ।

अब मैं किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि मुझे जानकारी प्राप्त हुई है कि हमारे मुख्य अतिथि गण पधार चुके हैं । मैं आप सभी लोगों से निवेदन करता हूं कि ताली बजाकर उनका स्वागत करें । मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि वह स्टेज पर आएं और अपना स्थान ग्रहण करें । मैं मुख्यमंत्री जी के साथ में पधारे हुए सभी अतिथियों का भी स्वागत बंधन अभिनंदन करता हूं । किसान भाइयों की ओर से इस कार्यक्रम में पधारने के लिए स्वागत बंधन अभिनंदन करता हूं । मैं जिले के कलेक्टर साहब का भी स्वागत बंधन अभिनंदन करता हूं ।

किसान भाइयों  हम भारतीयों की एक संस्कृति रही है कि किसी कार्यक्रम को सफलता की ओर बढ़ाने के लिए हम मां सरस्वती की पूजा वंदना करते हैं तो मैं हमारे मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि वह मां सरस्वती के प्रतिमा पर माला चढ़ाकर इस कार्यक्रम की बेला को आगे बढ़ाएं ।

अब मैं हमारे विधायक महोदय से निवेदन करता हूं कि वे मुख्यमंत्री को माला पहनाकर इस कार्यक्रम में पधारने के लिए स्वागत करें बंधन करें अभिनंदन करें । अब मैं हमारे जिले के विधायक साहब से अनुरोध करता हूं कि वह यहां पर आएं और कृषि के बारे में दो शब्द कहें ।

 विधायक जी का कृषि पर भाषण – नमस्कार किसान भाइयों , मैं यहां पर उपस्थित प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री साहब का स्वागत बंधन अभिनंदन करता हूं और जहां पर उपस्थित सभी किसान भाइयों का भी तहे दिल से धन्यवाद करता हूं कि वह काफी मात्रा में इस कार्यक्रम में पधारे और इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया । जैसा कि किसान भाइयों हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर करती है । इसलिए मेरा यह उद्देश्य होता  है कि मैं कृषि  क्षेत्र में कई लाभ किसान भाइयों को  दिला सकूं ।

मेरा यही उद्देश्य रहता है कि मैं किसान भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा रह सकूं । किसान भाइयों के सम्मान में यह कार्यक्रम रखा गया है । जिसमें कृषि से संबंधित जानकारियां किसान भाइयों को दी जा रही हैं । कम समय है इसलिए मैं ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहता हूं क्योंकि आज हम सब यहां पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के शब्दों को सुनने के लिए आए हुए हैं । तो मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं जय हिंद जय भारत ।

नमस्कार दोस्तों अब हमें  हमारे जिले के सम्मानीय विधायक साहब का ताली बजा कर उत्साह वर्धन करना चाहिए । अब हम इस कार्यक्रम की बेला को आगे बढ़ाते हैं । अब मैं जिले के कलेक्टर महोदय से निवेदन करता हूं कि वह स्टेज पर आएं और कृषि के बारे में किसानों को दो शब्द कहें ।

कलेक्टर  महोदय  का कृषि पर भाषण – नमस्कार दोस्तों मैं यहां पर उपस्थित सभी किसानों को , यहां उपस्थित प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री महोदय और उनके साथ में पधारे हुए सभी अतिथि गणों का स्वागत बंधन अभिनंदन करता हूं ।  हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मुख्य साधन कृषि क्षेत्र है । जिसके माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार होता है ।भारत देश की सरकारों के माध्यम से यह अक्सर प्रयास किया जाता है कि कृषि के क्षेत्र को काफी बढ़ाया जाए और किसानों को योजनाओं के माध्यम से लाभ देकर कृषि के माध्यम से किसानों को काफी लाभ दिलाया जाए ।

किसान ही नहीं बल्कि पूरा देश कृषि पर निर्भर करता है ।एक किसान जब हल चलाकर खेती करके अनाज उत्पन्न करता है तब वह अनाज हम अपने घर पर लाकर अपना और अपने परिवार का पेट भरते हैं । मैं किसान भाइयों को उनकी मेहनत लगन के लिए धन्यवाद करता हूं और मैं अपनी वाणी को विराम कर देता हूं धन्यवाद जय हिंद जय भारत ।

मैं यहां पर उपस्थित सभी लोगों से निवेदन करता हूं कि कलेक्टर महोदय के शानदार भाषण के लिए तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन करें । अब हम इस कार्यक्रम की बेला को आगे बढ़ाते हैं । अब मैं एक ऐसे  व्यक्ति को स्टेज पर बुलाना चाहता जिसने किसानों के हित में कई कार्य किए हैं । मैं हमारे प्रदेश के मुखिया  मुख्यमंत्री साहब को स्टेज पर आने के लिए एवं कृषि के संबंध में  दो शब्द कहने के लिए निवेदन करना चाहता हूं । कृपया कर माननीय मुख्यमंत्री जी यहां पर आएं और कृषि के बारे में दो शब्द कहें ।

मुख्यमंत्री जी का कृषि पर भाषण – नमस्कार दोस्तों , यहां पर उपस्थित सभी किसान भाइयों को मेरी तरफ से धन्यवाद , मंच पर विराजमान सभी अधिकारीगण , विधायकगण और प्रदेश के कलेक्टर महोदय को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इस कार्यक्रम को सफलता की ओर ले जाने के लिए काफी मेहनत की है । इस कार्यक्रम का  मुख्य उद्देश्य है कृषि के बारे में किसानों को अवगत कराना । मेरा राजनीति में आने का सिर्फ एक ही उद्देश्य था कि मैं कृषि के क्षेत्र मे काफी व्यवस्थाएं किसानों को दिला सकूं । जिससे किसान खेती करके अनाज की पैदावार बढ़ा सकें ।

जैसे कि हम सभी जानते हैं की देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर करती है । प्रदेश का मुखिया होने के कारण मेरा यह फर्ज बनता है कि मैं किसानों को विकास के रास्ते पर ले जाने का कार्य करूं ।  मैं अपनी ओर से पूरी कोशिश करता हूं की कृषि के व्यापार को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाया जाए । जब कृषि का व्यापार बढ़ेगा तब किसान मजबूत होगा , किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी । मैं किसान भाइयों से भी यह निवेदन करता हूं की वह रासायनिक खेती को कम से कम करने की कोशिश करें और जैविक खेती के माध्यम से काफी लाभ प्राप्त करें ।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि रासायनिक खेती के माध्यम से हमारी भूमि की उर्वरक क्षमता काफी कम होती जा रही है । यदि इसी तरह से हम रासायनिक खेती करते रहे तो आने वाले समय में भूमि से खेती करना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा इसलिए मैं किसान भाइयों से अनुरोध करता हूं कि वह धीरे-धीरे जैविक खेती की ओर अपने कदम बढ़ाएं । प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के नाते में यह प्रयास करता रहता हूं कि जैविक खेती करने वाले किसानों को योजनाओं के माध्यम से काफी लाभ दे सकूं ।

किसान भाइयों  प्रदेश के कई किसानों ने जैविक खेती के माध्यम से काफी लाभ प्राप्त किया है । जैविक खेती पर्यावरण को दूषित होने से रोकता है । जैविक खेती के माध्यम से हमारी भूमि की उर्वरक क्षमता मे वृद्धि होती है । रसायनिक खेती को करने में जो पैसा बर्बाद होता है जैविक खेती करने पर पैसे की बचत होती है क्योंकि जैविक खेती करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है ना कि रासायनिक खादों का उपयोग । किसान हरी खाद कंपोस्ट के माध्यम से जैविक खेती करेगा तो किसान भाई को काफी लाभ प्राप्त होगा ।

अब हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हैं । इस कार्यक्रम में जैसे की किसान भाइयों को मेरे आने से पहले ही यह समझा दिया गया था की  प्रदेश की सरकार की ओर से , भारत देश की सरकार की ओर से इतनी  योजनाएं किसान भाइयों के लिए प्रारंभ की गई है । मैं प्रदेश का मुखिया होने के नाते किसान भाइयों से यह अनुरोध करता हूं कि वह भारत सरकार के द्वारा एवं प्रदेश की सरकार के द्वारा जो योजनाएं प्रारंभ की गई है उन योजनाओं का लाभ लें और कृषि को बेहतर बनाएं । कृषि क्षेत्र किसान का ही नहीं बल्कि देश के विकास का कार्य करती है ।

इसलिए हमें कृषि के क्षेत्र में काफी सजग रहना चाहिए । अब मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं और किसान भाइयों से अनुरोध करता हूं कि वह जैविक खेती की ओर अपने कदम बढ़ाएंगे जय हिंद जय भारत ।

दोस्तों अब हमें  तालियां बजाकर माननीय मुख्यमंत्री जी का उत्साहवर्धन चाहिए क्योंकि मुख्यमंत्री जी ने  अपने कीमती समय में से कुछ समय निकालकर यहां पर उपस्थित हुए और मंच पर आकर दो शब्द कहें । अब हम इस कार्यक्रम को समाप्त करते हैं जय हिंद जय भारत ।

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