छत्रपति शिवाजी पर निबंध shivaji maharaj essay in hindi

shivaji maharaj essay in hindi

दोस्तों आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के निबंध को पढ़ेंगे . चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल के जरिए छत्रपति शिवाजी महाराज के निबंध को पढ़ते हैं . छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे . छत्रपति शिवाजी महाराज एक साहसी एवं वीर योद्धा थे जिन्होंने अपनी ताकत और बुद्धि से मुगल साम्राज्य को हिलाकर रख दिया था . छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 1627 में शिवनेरी के दुर्ग में हुआ था .

छत्रपति शिवाजी महाराज की हिंदू धर्म में अटूट आस्था थी . छत्रपति शिवाजी महाराज एक सच्चे देशभक्त थे .

shivaji maharaj essay in hindi
shivaji maharaj essay in hindi

छत्रपति शिवाजी महाराज के पिता का नाम शाहजी भोंसले था जो एक बहुत बड़े जागीरदार थे . जब उनके पिता ने दूसरा विवाह कर लिया था तब छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई अपने पुत्र शिवाजी महाराज को साथ लेकर शिवनेरी से पूना आ गई थी . उनकी माता अत्यंत धार्मिक विचारों की महिला थी . अपनी माता से छत्रपति शिवाजी महाराज को धार्मिक विचार प्राप्त हुए थे . छत्रपति शिवाजी महाराज सभी धर्मों का आदर करते थे . छत्रपति शिवाजी महाराज के समय मुगल शासन था .

मुगल शासन के राजाओं ने हिंदू धर्म के लोगों के साथ बहुत अत्याचार किए थे . जो हिंदू था उसको विशेषकर मुगल शासन के  राजाओं को देना पड़ता था . मुगलों के द्वारा किए गए अत्याचार को छत्रपति शिवाजी महाराज नहीं देख सके और उन्होंने भारत से मुगल शासन  को पूरी तरह से खत्म करने का बीड़ा उठाया था . उन्होंने अपने जीवन में एक बहुत बड़ा संकल्प लिया था कि वह जब तक आराम से नहीं बैठेंगे तब तक की मुगल साम्राज्य पूरी तरह से नष्ट ना हो जाए .

छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुगलों से आजादी पाने के लिए अपनी सेना का गठन किया था . छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी सेना को अस्त्र-शस्त्र की विद्या सिखाई और मुगल सेना पर आक्रमण करने के रास्ते खोजे . छत्रपति शिवाजी महाराज को युद्ध विद्या में महारत हासिल थी . वह मुगलों की सेना से युद्ध करते गए और जीत हासिल करते गए . छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने विजय रथ की शुरुआत छोटे-छोटे किलो को जीतकर की थी . छत्रपति शिवाजी महाराज ने बीजापुर के कई राज्यों के कुछ प्रदेशों पर  जीत हासिल की थी .

मुगल साम्राज्य के राजाओं को यह भय सताने लगा था कि कहीं छत्रपति शिवाजी हम पर आक्रमण ना कर दे . बीजापुर के राजा ने छत्रपति शिवाजी महाराज को पकड़ने के लिए कई प्रयास किए थे लेकिन उनके यह प्रयास सफल नहीं हुए थे . बीजापुर के राजा ने अफजल खान को छत्रपति शिवाजी महाराज से बातचीत करने के लिए भेजा था यह बीजापुर के राजा की चाल थी . अफजल खान के द्वारा वह छत्रपति शिवाजी महाराज को मारना चाहते थे लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज उनकी चाल समझ चुके थे और छत्रपति शिवाजी महाराज में अफजल खान को मार दिया .

कई बार छत्रपति शिवाजी महाराज ने बीजापुर के राजा की सेना को हराया था . जब बीजापुर का राजा यह समझ चुका था कि अब छत्रपति शिवाजी महाराज से हमारी सेना नहीं जीत सकती है तब वहां के राजा ने शिवाजी महाराज से शांति संधि कर ली थी . छत्रपति शिवाजी महाराज के बढ़ते कदम को देखते हुए औरंगजेब बहुत भयभीत होने लगा था . छत्रपति शिवाजी महाराज की गोरिल्ला तकनीक के समक्ष मुगल शासन नहीं टिक सका था .

औरंगजेब ने उन्हें धोखे से बंदी बना लिया था और उनको जेल में बंद कर दिया था लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज अधिक दिनों तक जेल में  नहीं रहे थे . छत्रपति शिवाजी महाराज अपनी बुद्धि और शक्ति से औरंगजेब की जेल से भाग निकलने में सफल हुए थे . औरंगजेब की सेना से युद्ध करने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी सेना को मजबूत किया और मुगल शासन के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था . उस युद्ध में छत्रपति शिवाजी महाराज की जीत हुई थी .

1664 ईसवी में छत्रपति शिवाजी महाराज को रायगढ़ का राजा बनाया गया था . छत्रपति शिवाजी महाराज ने लंबे अंतराल के बाद हिंदुपद पारदर्शी की स्थापना की थी .

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा गया यह बेहतरीन लेख छत्रपति शिवाजी पर निबंध shivaji maharaj essay in hindi यदि आपको पसंद आए तो सब्सक्राइब अवश्य करें धन्यवाद .

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *