शनि शिंगणापुर मंदिर का इतिहास Shingnapur shani dev mandir history hindi

Shingnapur shani dev mandir history in hindi

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं भारत के एक विख्यात शनि शिंगणापुर मंदिर Shingnapur shani dev mandir के इतिहास के बारे में

दोस्तों हम सभी शनि महाराज से डरते हैं, उनके नाम से कांपते हैं कहते हैं शनि जिसकी राशि पर आ जाते हैं उसके दिन खराब होना शुरू हो जाते हैं और जिसपर कृपा शनि की होती है उसकी किस्मत चमक जाती है दोस्तों हम इन्हीं शनि महाराज के इस विख्यात मंदिर के बारे में आपको बताने वाले हैं।

Shingnapur shani dev mandir history in hindi
Shingnapur shani dev mandir history in hindi

image source-https://hi.m.wikipedia.org/wiki

यह मंदिर शिंगणापुर नामक ग्राम में स्थित है यह मंदिर वहां का सबसे विख्यात मंदिर है इस मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु लोग आते हैं लेकिन विशेष त्योहारों जैसे कि शनि जयंती आदि पर भारी मात्रा में श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं इस मंदिर के बारे में लोगों का कहना है की यह मंदिर जिस गांव में है उस गांव में सभी गांव वासियों पर शनि महाराज की कृपा है।

उस गांव में कोई भी व्यक्ति अपने घर में दरवाजे नहीं लगाता है वह कितनी भी कीमती चीज अपने घर पर रखे उसको कोई भी चोरी नहीं करता है यहां तक कि यहां के बैंकों में भी दरवाजे नहीं लगाए गए हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक इस शिंगणापुर में एक भी चोरी डकैती जैसी समस्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है क्योंकि यहां पर शनिदेव की कृपा है।

शिंगणापुर ग्राम अहमदनगर से 35 किलोमीटर दूर है यह मुंबई से लगभग 295 किलोमीटर दूर है। यहा पर शनि भगवान की मूर्ति काले रंग की है जो कि एक संगमरमर के चबूतरे पर विराजमान है और शनिदेव को तेल और जल से नहलाया जाता है। अमावस को और शनिवार को यहां पर बहुत सारे श्रद्धालु शनि देव के दर्शन के लिए आते हैं जो भी व्यक्ति शनि के प्रकोप से ग्रसित है उन्हें यहां के मंदिर के दर्शन करने के लिए जरूर आना चाहिए क्योंकि यहां पर शनिदेव की कृपा है।

दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया ये आर्टिकल Shingnapur shani dev mandir history in hindi पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों में शेयर करना ना भूले इसे शेयर जरूर करें और हमारा Facebook पेज लाइक करना ना भूलें और हमें कमेंटस के जरिए बताएं कि आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा

जिससे नए नए आर्टिकल लिखने प्रति हमें प्रोत्साहन मिल सके और इसी तरह के नए-नए आर्टिकल को सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए हमें सब्सक्राइब जरूर करें जिससे हमारे द्वारा लिखी कोई भी पोस्ट आप पढना भूल ना पाए.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *