शिक्षा का माध्यम मातृभाषा पर निबंध shiksha ka madhyam essay, speech in hindi

shiksha ka madhyam speech in hindi

दोस्तों नमस्कार, शिक्षा का माध्यम मातृभाषा पर लिखा गया निबंध आप सभी के लिए शिक्षाप्रद है इससे आप अपने विषयों की अच्छी से अच्छी तैयारी कर सकते हैं चलिए पढ़ते हैं आज के इस आर्टिकल को

shiksha ka madhyam essay, speech in hindi
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हम सभी स्कूल, कॉलेजों में शिक्षा प्राप्त करते हैं पहले जहां गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी जाते थे वहीँ आजकल के इस आधुनिक जमाने में गांव से लेकर शहरों तक स्कूल खुले गए हैं, बच्चे स्कूलों में अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और शिक्षा की ओर जागरूक हो रहे हैं. शिक्षा जो हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है शिक्षा की वजह से एक इंसान इतना योग्य बनता है कि वह सही और गलत को समझकर जीवन में कुछ कर पाता है. यदि कुछ गलत उसके साथ होता है तो वह उसके खिलाफ आवाज उड़ाता उठाता है और जीवन में आगे बढ़ता जाता है.

शिक्षा का हर किसी ने महत्व समझा है शिक्षा की वजह से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में मदद मिली है वास्तव में शिक्षा का महत्व है हम सभी जो शिक्षा प्राप्त करते हैं वह किसी भाषा के माध्यम से करते हैं. शिक्षा का माध्यम यदि हमारी मातृभाषा में हो तो बहुत ही अच्छा होता है, बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई परेशानी नहीं होती लेकिन यदि मातृभाषा अलग हो और दी जाने वाली शिक्षा का माध्यम अलग हो तो बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

आज हमारे भारत देश में हिंदी राष्ट्रभाषा है ज्यादातर भारत देश में हिंदी ही लोगो की मातृभाषा हैं लेकिन भारत देश में मात्रभाषा के रूप में कई अन्य भाषाएं भी हैं यदि हम इन भाषाओं के जरिए शिक्षा के माध्यम की ओर ध्यान दें तो बच्चों को पढ़ाई करने में कोई समस्या नहीं होगी और पढ़ाई को और भी अच्छी तरह से बहुत ही कम समय में उचित शिक्षा प्राप्त की जा सकती है.

आज हम देखें तो कई लोग अंग्रेजी भाषा की ओर आकर्षित हो रहे हैं आजकल इंग्लिश मीडियम के स्कूल खोले जा रहे हैं जिनके पास पर्याप्त पैसा होता है वह अपने बच्चों को अच्छे अच्छे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ाते हैं भले ही उनकी मातृभाषा हिंदी ही क्यों ना हो लेकिन जिनके पास धन का अभाव होता है या फिर जिनको अपनी मातृभाषा से प्यार होता है वह लोग हिंदी मीडियम स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हैं.

हम सभी को हमारी मातृभाषा हिंदी को आगे बढ़ाने की जरूरत है. हिंदी हमारी मातृभाषा है, हिंदी राष्ट्रभाषा है हमें शिक्षा का माध्यम अपनी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा हिंदी को बनाने की जरूरत है तभी हम आगे बढ़ सकते हैं और पूरी दुनिया में हिंदी को बढ़ावा देते हुए हिंदी का प्रचार प्रसार कर सकते हैं. मातृभाषा हिंदी बहुत ही सरल एवं स्पष्ट भाषा है इसे शिक्षा का माध्यम बनाना बहुत ही अच्छा कदम है. हर किसी को शिक्षा का माध्यम अपनी मातृभाषा हिंदी को बनाना चाहिए और राष्ट्रभाषा को आगे बढ़ाना चाहिए.

कई ऐसे विद्यार्थी होते हैं जो शुरुआत में किसी अन्य भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाते हैं और उसके बाद अपनी मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाते हैं मेरे ख्याल से इस तरह से पढ़ाई करना सही नहीं है. हमें किसी एक भाषा को ही शिक्षा का माध्यम बनाना चाहिए. शिक्षा का माध्यम बनाने से संबंध है जिस भाषा में हमारे हर एक विषय हमारे विषय की तैयारी करने के लिए उपलब्ध हो वही भाषा शिक्षा का माध्यम होती है.

हमें किसी एक भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाना चाहिए तभी हम उस भाषा में परफेक्ट हो सकते हैं और अपनी भाषा को और भी आगे बढ़ा सकते हैं और देश दुनिया में एक बड़ी पहचान बना पाते हैं. शिक्षा का माध्यम समय के साथ बदलता भी रहता है हो सकता है आज हमारी शिक्षा का माध्यम अलग हो तो कल हमारी शिक्षा का माध्यम अलग हो या हमारी आने वाली पीढ़ियों का शिक्षा का माध्यम अलग हो क्योंकि बदलाव हर समय, हर जगह देखने को मिलता है वहीं शिक्षा का माध्यम में भी काफी बदलाव देखने को मिलता है.

दोस्तों हमें बताएं कि शिक्षा के माध्यम पर हमारे द्वारा लिखा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा धन्यवाद.

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