रानी सती मंदिर झुंझुनू का इतिहास Rani sati temple jhunjhunu history in hindi

Rani sati temple jhunjhunu history in hindi

Rani sati temple – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से भारत देश के राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले में स्थित रानी सती मंदिर के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं । तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को पढ़कर रानी सती मंदिर के इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं ।

Rani sati temple jhunjhunu history in hindi
Rani sati temple jhunjhunu history in hindi

राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले में स्थित रानी सती मंदिर के बारे में – भारत देश में कई प्रसिद्ध मंदिर है जिन मंदिरो से हिंदू धर्म के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है । उन्हीं प्रसिद्ध मंदिरों में भारत का सबसे धनी मंदिर , प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले में स्थित है और उस मंदिर का नाम रानी सती मंदिर है जिस मंदिर से सभी लोगों की आस्था जुड़ी हुई है । यह मंदिर रानी सती को समर्पित है ।इस मंदिर के निर्माण के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर तकरीबन 400 साल पुराना मंदिर है जिस मंदिर की सुंदरता देखने के लायक है ।

जब कोई भक्त राजस्थान के झुंझुनू जिले के रानी सती मंदिर को देखने के लिए पहुंचता है वह रानी सती मंदिर की सुंदरता , नक्काशी को देखकर आनंद प्राप्त करता है । मंदिर पर प्रति शनिवार और रविवार को भक्तों का जमावड़ा लगता है और मंदिर के दर्शन करने के लिए जो भक्त वहां पर आता है उस भक्त के ठहरने की व्यवस्था भी मंदिर परिसर में की गई है ।राजस्थान के झुंझुनू में स्थित रानी सती का यह मंदिर सम्मान स्त्री शक्ति का एक प्रतीक है । जो महिला के सम्मान को दर्शाता है । मंदिर के अंदर तकरीबन 16 देवियों की मूर्ति स्थित है जिन मूर्तियों को देखने के बाद आनंद प्राप्त होता है ।

16 देवियों की मूर्ति के साथ-साथ इस मंदिर में गणेश जी , शिव जी की मूर्ति भी है जिस मूर्ति के दर्शन के लिए लोग वहां पर आते हैं और मूर्ति के दर्शन करके आनंद प्राप्त करते हैं । मंदिर के अंदर राम सीता और राम जी के सबसे परम भक्त हनुमान जी की मूर्ति भी है जिस मूर्ति की सुंदरता वाकई में ऐसी लगती है जैसे कि सच में भगवान वहां पर स्थित हैं । मंदिर की पूरे परिसर में जब लोग घूमने के लिए आते हैं , दर्शन करने के लिए आते हैं तब वह मंदिर परिसर में स्थित षोडश  माता का मंदिर देखकर , मंदिर के दर्शन करके अपने  जीवन में सुख समृद्धि प्राप्त करते हैं ।

इसके बाद मंदिर परिसर में लक्ष्मी नारायण मंदिर भी स्थित है जिस लक्ष्मी नारायण मंदिर की सुंदरता और नक्काशी की चर्चा चारों तरफ की जाती है और सभी लक्ष्मी नारायण मंदिर के दर्शन करने के लिए वहां पर आते हैं और मंदिर के दर्शन करके भगवान से अपनी मुरादें पूरी करने की गुहार लगाते हैं । मंदिर के खुलने का समय भी निश्चित है । मंदिर सुबह 5:00 बजे सभी भक्तों के लिए खोल दिया जाता है और सभी भक्त  सुबह 5:00 बजे मंदिर मे उपस्थित होकर मंदिर की पहली पूजा में शामिल होते हैं । पहली पूजा के बाद मंदिर में सभी भक्तों का जमावड़ा लगा रहता है और मंदिर दिन में 1:00 बजे तक खुलता है ।

1:00 बजे के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं । इसके बाद 3:00 बजे मंदिर के पट पुनः सभी भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं जिससे कि सभी मंदिर में प्रवेश करके रानी सती मंदिर के दर्शन करके अपनी मुरादे भगवान के सामने रख सकें । 3:00 बजे से लेकर रात्रि 10:00 बजे तक यह मंदिर सभी भक्तों के लिए खुला रहता है । जो भी भक्तगण दूर-दूर से झुंझुनू में स्थित रानी सती के मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचता है वह भक्त झुंझुनू के बस स्टैंड से ऑटो के माध्यम से रानी सती मंदिर के दर्शन के लिए पहुंच सकता है । बस स्टैंड से मंदिर परिसर की दूरी तकरीबन 3 किलोमीटर है ।

यदि कोई भक्त रेलवे स्टेशन से रानी सती मंदिर के दर्शन के लिए जाना चाहता है तो वह ऑटो के माध्यम से रानी सती मंदिर के दर्शन करने के लिए जा सकता है । रेलवे स्टेशन से रानी सती मंदिर की दूरी तकरीबन 2 किलोमीटर है । कुछ भक्त रेलवे स्टेशन से रानी सती मंदिर के दर्शनों के लिए पैदल यात्रा भी करते हैं । जो भक्त रानी सती मंदिर के दर्शन के लिए आता है वह रानी सती की आराधना करके मां रानी सती का आशीर्वाद प्राप्त करता है । जो भक्त रानी सती के मंदिर में जाकर रानी सती के चरणों में माता टेक कर रानी सती से प्रार्थना करता है रानी सती उसकी सभी मुरादें पूरी कर देती हैं । राजस्थान के झुंझुनू जिले में स्थित रानी सती मंदिर से राजस्थान के रहने वाले मारवाड़ी लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है ।

मारवाड़ी लोगों का  विश्वास इस मंदिर पर है और वह  इस मंदिर के दर्शन करने के बाद खुशी प्राप्त करती हैं ।

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