रानी जोधाबाई का इतिहास Rani jodha bai history in hindi

Rani jodha bai history in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस लेख के माध्यम से रानी जोधाबाई के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं । चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और रानी जोधाबाई के इतिहास को पढ़ते हैं । रानी जोधाबाई का इतिहास काफी पुराना है ।रानी जोधा बाई का जन्म कछवाहा राजा भारमल के यहां पर हुआ था । उस समय वहां के आसपास और भारत के अन्य राज्यों में मुगल साम्राज्य के राजा अकबर का शासन चलता था ।

rani jodha bai history in hindi
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उस समय का सबसे शक्तिशाली और बुद्धिमान राजा अकबर था । भारमल राजा ने कई बार अकबर के चर्चे सुने और उसकी शक्ति  को देखा है । कछवाहा राजा भारमल ने राजनीतिक  कारणों के कारण अपनी पुत्री का विवाह अकबर से करने का फैसला किया और अकबर की ताकत पहचान कर उस की शरण में चला गया था । 1562 में भारमल अकबर की शरण में जा गिरा था और उसने अपनी पुत्री जोधा बाई का विवाह अकबर से कर दिया था ।

इससे पहले भी अकबर की कई पत्नियां थी । अकबर भारमल की पुत्री यानी जोधाबाई को अपने साथ ले गया था । धीरे-धीरे समय बीतता गया जब जोधा बाई के गर्भ से एक पुत्र ने जन्म दिया तब अकबर का प्रेम जोधाबाई के लिए बढ़ने लगा था क्योंकि जोधा बाई के द्वारा जन्म लिया गया पुत्र ही मुगल साम्राज्य का अगला उत्तराधिकारी था । सभी लोग जोधाबाई को इज्जत देने लगे । सुंदर पुत्र को जन्म देने के बाद जोधाबाई को मरियम उज  जमानी  की उपाधि प्राप्त हुई थी ।

अकबर एवं जोधा बाई के पुत्र का नाम जहांगीर रखा गया था जो मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना । अकबर कि हिंदू धर्म के प्रति आस्था जोधाबाई के विवाह के बाद ही बड़ी थी । जोधा बाई शादी के बाद भी हिंदू धर्म से जुड़ी रही थी लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था ।अकबर जोधा बाई से बहुत प्रेम करने लगे थे । इसलिए अकबर ने फतेहपुर सीकरी में जोधाबाई महल बनवाया था । यह महल अकबर ने बहुत ही अद्भुत एवं सुंदर बनवाया था ।

इस महल में जो नक्काशी की गई थी उसमें किसी तरह की कोई भी कमी नहीं रखी गई थी । यह महल आज भी फतेहपुर सीकरी में स्थित है । जोधाबाई और अकबर के विवाह के बारे में ऐसा कहा जाता है कि उनके पिता भारमल ने यह विवाह राजनीतिक समझौते के कारण क्या था । परंतु बाद में अकबर और जोधा बाई के बीच मे प्रेम हो गया था , दोनों एक दूसरे से प्रेम करने लगे थे । शादी के बाद अकबर ने जोधा बाई को पूरा मान-सम्मान दिया था ।

जोधा बाई  शादी के बाद हिंदू धर्म से जुड़ी रही लेकिन बाद में जोधा बाई को मुस्लिम धर्म अपनाना पड़ा ।ऐसा कहा जाता है कि जोधा बाई के साथ शादी हो जाने के बाद ही अकबर के मन में हिंदू धर्म के लिए आस्था जागृत हुई थी । इससे पहले अकबर हिंदू धर्म के लोगों से नफरत करता था लेकिन विवाह के बाद उसको मालूम पड़ा कि हिंदू धर्म के लोग इतने अच्छे होते हैं ।

जोधाबाई एवं अकबर की कहानी पर एक फिल्म भी बनाई गई है ।उस फिल्म में जोधाबाई एवं अकबर की पूरी दास्तां बताई गई है । किस तरह से अकबर का विवाह जोधाबाई से हुआ था और जोधाबाई के पिता ने अपनी पुत्री जोधाबाई का विवाह राजनीतिक फायदे के लिए किया था यह सब फिल्म के माध्यम से भी लोगों को बताया गया है ।

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