प्रयागराज इलाहाबाद का इतिहास Prayagraj history in hindi

Prayagraj history in hindi

प्रयागराज ऐसा तीर्थ स्थल है जहां पर प्राचीन काल से ही लोग घूमने के लिए जाते हैं आज हम जानेंगे कि प्रयागराज का इतिहास क्या है और इस जगह का नाम प्रयागराज क्यों पड़ा ? कहते हैं कि गंगा , यमुना के संगम पर कई तरह के यज्ञ हुआ करते थे और राजा महाराजा जब यज्ञ करते थे तो गंगा यमुना के पानी से स्नान करके जलाभिषेक किया जाता था इस कारण से यहां का नाम प्रयागराज पड़ा । प्राचीन काल से ही इस नगर को प्रसिद्ध तीर्थ माना गया है पुराने लोगों द्वारा कहा जाता है कि श्री राम जब वन जा रहे थे तब भारद्वाज ऋषि के आश्रम में रुके थे और गंगा , यमुना के जल से स्नान किया था ।

Prayagraj history in hindi
Prayagraj history in hindi

15 वी शताब्दी के सन 1574 में अकबर ने यहां पर किले की नींव डाली और यहां पर एक नगर बसाया जिसका नाम उसने इलाहाबाद रखने की घोषणा कर दी और इस शहर का नाम इलाहाबाद कर दिया गया। कहते हैं कि यहां पर किले के निर्माण होने से पहले बाढ़ आई होगी जिसके कारण यहां की नदियां छोटी हो गई होंगी । कहा जाता है की प्रयागराज को बाढ़ से बचाने के लिए अकबर ने यहां पर बेनी और बक्शी नामक बांधों को बनाया है जिससे की बाढ़ की समस्या से निपटा जा सके इन बांधों के निर्माण से प्रयागराज के आसपास का भाग सुरक्षित हो गया और यहां पर कई तरह के बांध भी बनाए गए हैं । कहा जाता है कि यहां के बागों का निर्माण जहांगीर काल में हुए होंगे जब यहां पर मुसलमानों का शासन चलता था तब यहां के हालात ठीक नहीं थे ।

सन 1857 की गदर में प्रयागराज को कई तरह का नुकसान पहुंचाया गया और प्रयागराज को बहुत सारी क्षति पहुंची , सन 1858 में इलाहाबाद को उत्तरी पश्चिमी की राजधानी घोषित किया गया और कई तरह की इमारतें और संस्थान यहां पर बनाए गए थे, कई तरह के कॉलेज, हाई कोर्ट , सरकारी प्रेस यहां पर बनाए गए थे । कहते हैं कि जब हमारा देश आजाद हुआ तब प्रयागराज को उत्तर प्रदेश की राजधानी के रूप में चुना जाना था लेकिन लखनऊ को उत्तर प्रदेश की राजधानी चुन लिया गया जिसके कारण प्रयागराज की उन्नति रुक गई और यह भी कहा जाता है कि यह प्रमुख तीर्थ स्थल होने के कारण प्रयागराज को उत्तर प्रदेश की राजधानी नहीं चुना गया ।

प्रयागराज हमारे भारत का धार्मिक स्थल है और यहां पर कुंभ का आयोजन किया जाता है जब यहां पर कुंभ का आयोजन किया जाता है तो हजारों करोड़ों लोग देश-विदेश से आकर यहां पर गंगा के तट पर स्नान करते हैं । कहते हैं कि जब कुंभ होता है तो यहां के पानी में अमृत की वर्षा होती है और जो व्यक्ति कुंभ के समय प्रयागराज में गंगाजल से स्नान करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं । यह भी कहा जाता है कि प्रयागराज में ब्रह्मा जी के द्वारा यज्ञ किया गया था इसलिए यहां का नाम प्रयागराज रखा गया । पृथ्वी को बचाने के लिए ब्रह्मा जी के द्वारा यहां पर यज्ञ किया गया था और भगवान शिव और विष्णु जी उस यज्ञ के देवता बने थे और यहां पर एक वृक्ष उत्पन्न किया गया था इस वृक्ष को हम सभी अक्षयवट के नाम से जानते हैं यह आज भी प्रयागराज में स्थित है । कहते हैं कि औरंगजेब के शासनकाल में इस वृक्ष को नष्ट करने के प्रयास किए गए , इसको कटवाया गया लेकिन यह वृक्ष आज भी वहां पर उपस्थित है ।

दोस्तों इस शहर का नाम प्रयागराज के नाम से जाना जाता है लेकिन जब यहां पर मुस्लिम शासन काल आया तब अकबर के शासनकाल में सन 1513 ई. में इसका नाम बदल दिया गया और इस शहर का नाम और इस जगह का नाम इलाहाबाद रख दिया गया लेकिन कई सालों बाद 21वीं सदी में हमारे भारत मैं जब लोगों ने कहा कि इस शहर का नाम तो प्रयागराज ही होना चाहिए तब हमारे देश के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीने इस पर चर्चा की और इलाहाबाद को बदलकर पुनः प्रयागराज नाम रख दिया गया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा 14 अक्टूबर को यह ऐलान कर दिया गया कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज होने वाला है यह सरकार पूरी कोशिश करने जा रही है । मुख्यमंत्री जी के द्वारा यह घोषणा की गई थी कि इलाहाबाद में जब अर्धकुंभ होगा उससे पहले ही यहां का नाम प्रयागराज कर दिया जाएगा और योगी आदित्यनाथ जी ने अर्धकुंभ के पहले ही यहां का नाम बदल दिया और यहां का नाम प्रयागराज कर दिया ।

यहां पर जब कुंभ का मेला लगता है तो यहां पर कई साधु-संत स्नान करने के लिए आते हैं और देश विदेश के लोग भी यहां पर स्नान करने के लिए आते हैं । जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री यहां का नाम बदलने की कोशिश कर रहे थे तब हमारे देश के ही कुछ लोगों ने इसका विरोध भी जताया लेकिन हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी की मेहनत से इसका नाम बदला जा सका है।

दोस्तों वास्तव में प्रयागराज का इतिहास काफी रोचक पूर्ण रहा है हमें बताएं कि प्रयागराज पर लिखा हमारा यह लेख Prayagraj history in hindi आपको कैसा लगा।

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