प्रकृति और मानव पर निबंध Prakriti aur manav essay in hindi

Essay on prakriti ki raksha manav ki suraksha

prakriti aur manav essay in hindi hindi-हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल प्रकृति और मानव पर निबंध आप सभी के लिए बहुत ही हेल्पफुल है इस निबंध का उपयोग विद्यार्थी अपने स्कूल,कॉलेज की परीक्षा में निबंध लिखने के लिए यहां से जानकारी ले सकते हैं साथ में आप प्रकृति और मानव के संबंधों के बारे में जानकारी जानने के लिए भी इस निबंध को पढ़ सकते हैं इस निबंध में आप जानेंगे कि प्रकृति की रक्षा मानव की सुरक्षा तो चलिए पढ़ते हैं हमारे इस निबंध को

Prakriti aur manav essay in hindi
Prakriti aur manav essay in hindi

प्रकृति जिसमें हम निवास करते हैं जबसे मानव इस प्रकृति पर आया है तब से ही वह प्रकृति के साथ संबंध बनाए हुए हैं हमारी इस प्रकृति की रक्षा करना बेहद जरूरी है प्रकृति ने हमें पेड़ पौधे रहने के लिए स्थान, सूरज की रोशनी, हवा,जल आदि प्रदान किए हैं जो हर तरह से हमारे लिए अति आवश्यक है.

हम देखें तो इन सभी चीजों के बगैर हमारा कुछ भी अस्तित्व नहीं है अगर हम इस प्रकृति की सुरक्षा करते हैं तो हम भी सुरक्षित हैं.पेड़ पौधे जो कार्बन डाइऑक्साइड स्वयं ग्रहण करके हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं ये प्रकृति के ही एक रूप है लेकिन इंसान इन्हें भी नुकसान पहुंचा रहे है. प्रकृति मैं उपस्थित पेड़ पौधों से हमें और सभी जीव जंतुओं को घास फूस, फल फूल आदि प्राप्त होता है जिससे हम अपने जीवन यापन करने के लिए खाद्य सामग्री का उपयोग कर पाते हैं आज हम देखें लोग प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं हम सभी को समझना चाहिए की जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण आदि ना करें.

लोग अपने थोड़े से स्वार्थ के लिए प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं जल प्रदूषण,वायु प्रदूषण, पेड़ों की अंधाधुन्ध कटाई कर रहे है जिसकी वजह से प्रकृति का नुकसान हो रहा है जंगल में रहने वाले जीव जंतुओं का पेड़ों की कटाई की वजह से लुप्त होना और यह सभी मानव का ही किया हुआ है.शहरीकरण की वजह से पेड़ों की कटाई की जा रही है जिससे वायु भी शुद्ध नहीं होती और मनुष्य,जीव जंतुओं को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

फैक्ट्रियों से निकलने वाला हानिकारक धुंआ वातावरण में मिल जाता है और वातावरण प्रदूषण हो रहा है और हम बहुत सारी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं. शाकाहारी मनुष्य पेड़ पौधों से प्राप्त फल फूल,अनाज पर निर्भर होता है और मासाहारी मनुष्य जीव जंतुओ का शिकार करके अपना भरण पोषण करता है.

फसलें हमें मिट्टी से प्राप्त होती हैं लेकिन मनुष्य ने प्रकृति की मिट्टी को भी दूषित कर दिया है उसने बहुत सारे कीटनाशक, हानिकारक केमिकल युक्त पदार्थ का उपयोग करके भूमि की उर्वरक क्षमता को नष्ट किया है जिस वजह से आजकल की पैदावार पर बहुत बुरा असर पड़ा है. पहले लोग फसल उगाने के लिए घरेलू चीजों का उपयोग करते थे लेकिन आजकल केमिकल युक्त हानिकारक पदार्थों का उपयोग करके भूमि की उर्वरक क्षमता लगातार नष्ट हो रही है और भी दुष्परिणाम हमें आने वाले समय में भी मिल सकते है.वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण मानव के क्रियाकलापों के कारण हुआ है जिस वजह से बहुत सी बीमारियां बहुत ही तेजी से हमारे बीच फैल रही है और हमारे जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है.

मानव को प्रकृति की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है.इस प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है प्रकृति के द्वारा दिया गया जलवायु, पेड़-पौधे, सूर्य की रोशनी आदि का उपयोग प्रकृति स्वयं नहीं करती है उसका उपयोग हम करते हैं ये सभी को समान मात्रा में ऐसे ही प्रदान करती है वह किसी से भेदभाव नहीं करती इसलिए हम सभी को प्रकृति के साथ खिलवाड़ ना करके प्रकृति की प्राकृतिक संपदाओं की रक्षा करनी चाहिए जिससे आने वाले समय में हम बहुत सारी प्रॉब्लम से बच सकें.

जब भी प्रकृति की सुरक्षा की बात आती है तो लोग कहते तो हैं लेकिन करते कुछ नहीं उन्हें सिर्फ यह बातें लगती हैं लेकिन अगर हम प्रकृति के द्वारा प्रदान की गई प्राकृतिक संपदाओं का इसी तरह से दुरुपयोग करते रहे और उन्हें इसी तरह से हानि पहुंचाते रहैं तो सबसे बड़ा नुकसान हमारा ही होगा.बहुत सारे बड़े-बड़े विज्ञानिको ने मनुष्यो को चेतावनी भी दी है कि हमको अगर इस पृथ्वी पर रहना है तो प्रकृति की रक्षा करनी होगी वरना यहां पर रहना नामुमकिन होगा उनका कहना है कि कुछ हजारों सालों में मानव का अस्तित्व इस पृथ्वी पर नहीं होगा उसे अपने जीवन को बचाने के लिए किसी दूसरे ग्रह पर जाना होगा क्योंकि हम हमारी इस प्राकृतिक संपदाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं.

वास्तव में प्रकृति की रक्षा मानव की सुरक्षा है सबसे पहले हमें प्रकृति की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए अगर हम अपने बारे में ही सोचते हैं और प्रकृति को लगातार नुकसान पहुंचाते हैं और उन छोटी-छोटी गलतियों को दैनिक जीवन में करते हैं जिससे पर्यावरण और प्रकृति प्रभावित होती है तो हमें जीवन में बहुत बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

जब भी हम इस प्रकृति को प्रदूषित करते हैं तो समय-समय पर प्रकृति हमें चेतावनी देती है. आज हम देखे कई जगह सूखा है तो कई जगह तूफान, भूकंप आदि जैसी समस्याएं आती है यह सब प्रकृति की चेतावनी ही है अगर हम इन चेतावनी से समझ गए तो जरूर ही हम अपने आने वाले भविष्य को, अपने अस्तित्व को बचा सकेंगे और अगर हम यूं ही प्रकृति के साथ खिलवाड़ करते हैं तो हमारे अस्तित्व को बचाना भी मुश्किल होगा इसलिए दोस्तों प्रकृति की रक्षा कीजिए क्योंकि प्रकृति की रक्षा ही हमारी सुरक्षा है प्रकृति ने हमें बिन मांगे ही सब कुछ दे दिया है.

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