कोविड 19 के कारण हुए लॉकडाउन से समाज में हुए सकारात्मक परिवर्तन essay in Hindi

कोविड 19 के कारण हुए लॉकडाउन से समाज में हुए सकारात्मक परिवर्तन essay in Hindi

आज हम पढ़ेंगे कोविड-19 के कारण लॉक डाउन से समाज में हुए सकारात्मक परिवर्तन पर निबंध। हम सभी जानते हैं कि कोविड-19 की वजह से देश में कई जगह काफी बुरी स्थिति है, लोग बीमारी से पीड़ित हैं, कई लोगों बीमारी की वजह से मारे जा रहे हैं। कोविड-19 की वजह से सरकार को इसकी रफ्तार को कम करने के लिए लॉकडाउन लगाना पड़ा। लॉक डाउन लगाने से कुछ सकारात्मक परिणाम मिले तो कुछ नकारात्मक परिणाम भी मिले। आज हम पढ़ेंगे लॉक डाउन से समाज में हुए कुछ सकारात्मक परिवर्तन।

हम सभी जानते हैं कि जब से लॉकडाउन लगा है तब से परिवहन काफी कम हुआ है, सड़कों पर जहां हम दो पहिया वाहनों से लेकर चार पहिया वाहनों को तेजी से दौड़ते हुए देखते थे लॉक डाउन की वजह से हम वाहनों को बहुत ही कम सड़कों पर चलते हुए देख रहे हैं जिस वजह से ध्वनि प्रदूषण कम हुआ है, वायु प्रदूषण भी कम हुआ है, वातावरण साफ हुआ है। इन प्रदूषण की वजह से लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पडता था लेकिन लॉक डाउन में यातायात कम हुआ है क्योंकि लोग लॉकडाउन के समय बहुत ही कम अपने जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकले थे।

कोविड-19 के संक्रमण में कमी- विदेशों के रिकॉर्ड यदि हम देखें तो हम समझ सकेंगे कि जिन देशों में लॉक डाउन नहीं लगा उनमें संक्रमण आग की तरह काफी तेजी से फैला था लेकिन भारत देश की सरकार ने सही समय पर लॉकडाउन लगाया और कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने का प्रयत्न किया, इस बीच समाज में सकारात्मक परिणाम यही हुआ की समाज में जितनी तेजी से संक्रमण फेलना चाहिए था उतना लॉक डाउन की वजह से नहीं फेल पाया। सरकार ने इस बीच लोगों को जागरूक किया जिससे वह खुद भी कोरोनावायरस से बचने के लिए कुछ उपाय कर सकें।

समाज के लोगों को परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिला- बहुत सारे लोग ऐसे थे जो अपने जॉब या बिजनेस की वजह से परिवार वालों से दूर रहते थे उनको अपने परिवार वालों के साथ समय बिताने का मौका नहीं मिलता था। कुछ लोग घर से बाहर दूसरे शहरों में नौकरी करते थे लॉक डाउन की वजह से वह लोग अपने परिवार के पास आए और उनके साथ समय बिताया, जिससे पारिवारिक दूरी कम हुई और परिवार के लोगों को एक दूसरे के साथ समय बिताने का मौका मिला, यह एक परिवार के लिए काफी सकारात्मक हुआ।

कुछ समय तक अपने काम से आजादी- लॉकडाउन के समय में समाज के कुछ लोगों को अपने कार्य से आजादी मिली। बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो साल भर अपने कामकाज में लगे रहते हैं वह अपने परिवार वालों को अपने माता-पिता एवं बच्चों  को समय ही नहीं दे पाते हैं जब ऐसे लोग लॉक डाउन के समय में अपने कार्य से अपने घर आए तो उन्हें हो सकता है अच्छा ना लगा हो लेकिन फिर भी अपने काम से कुछ समय के लिए वह आजादी महसूस जरूर कर रहे होंगे।

कई अच्छी आदतें डालना- लॉक डाउन के इस समय में लोगों ने कई अच्छी आदतें डाली, बहुत से लोग जो खाना खाने से पहले भी साबुन या हैंड वॉश से हाथ नहीं धोते थे वो लोग भी इस समय में हाथ धोना सीख गए क्योंकि टीवी चैनल, अखबारों, सरकार के जरिए बार बार हाथ धोने की सलाह दी गई इस बार बार हाथ धोने की आदत की वजह से कई सारे लोग आने वाले समय में कुछ बीमारियों से भी बच सकेंगे, यह समाज में एक सकारात्मक ही हुआ।

कई बीमारियों का पता लगना- समाज में कई सारे ऐसे लोग होते हैं जिनको कई तरह की बीमारियां होती हैं लेकिन वह बीमारी की जांच नहीं करवा पाते, वह अपने बीमारी को केवल अनदेखा करते जाते हैं ऐसे लोग जब इस समय में सरकार के द्वारा चलाई जा रही कई तरह की जांच करवाएंगे तो उन लोगों को कई और बीमारियों का भी पता लगेगा जिससे वह जागरूक होकर उन बीमारियों का भी इलाज करवा सकेंगे और आने वाले खतरों से भी बच सकेंगे, इस तरह से हम देखें तो कोविड-19 की वजह से जो लॉकडाउन लगा उससे कुछ सकारात्मक परिणाम भी हमारे समाज में देखने को मिले हैं।

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