मोबाइल की आत्मकथा हिंदी निबंध mobile ki atmakatha essay in hindi

mobile ki atmakatha essay in hindi

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं मोबाइल की आत्मकथा पर लिखित काल्पनिक निबंध । चलिए अब हम इस लेख को पढ़ते हैं ।

mobile ki atmakatha essay in hindi
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मैं मोबाइल बोल रहा हूं , आज पूरी दुनिया में मेरा उपयोग सभी लोग कर रहे हैं । मेरे बिना यह दुनिया अधूरी थी । जब से मेरा जन्म हुआ है तब से इस दुनिया में उजाला हुआ है । आज मेरे माध्यम से सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं । मेरे जन्म के बाद लोगों का जीवन आनंदमई हुआ है । मेरे माध्यम से लोग अपने रिश्तेदारों एवं दोस्तों से बात करते हैं । जब मैं इस दुनिया में नहीं था तब लोगों को बहुत समस्या आती थी । अपने रिश्तेदारों से बातचीत करने के लिए , हालचाल जानने के लिए लोग पत्र लिखा करते थे और वह पत्र चार से पांच दिनों तक वहां पर पहुंचता था  लेकिन जब से मेरा जन्म हुआ है तब से मेरे माध्यम से तुरंत ही हम एक दूसरे के हाल-चाल जान सकते हैं ।

मेरे माध्यम से लोग वीडियो कॉलिंग कर  फेस टू फेस बात कर सकते हैं । किसी से बात करना हो या फिर मनोरंजन करना हो मेरा उपयोग बड़ी तेजी से हो रहा है । मेरे द्वारा ही लोगों के जीवन में खुशियां आई हैं । मेरा जन्म 1973 को हुआ था । मेरे जन्म के बाद मानव को बहुत सुख सुविधाएं प्राप्त हुई हैं । मैंने वर्तमान युग को आधुनिक सुविधाएं दी हैं और उन सुविधाओं का उपयोग मनुष्य कर रहा है । मैं कल्पना करता हूं कि यदि मेरा जन्म नहीं होता तो यह दुनिया बहुत ही पीछे रह जाती ।

मुझे बड़ी खुशी होती है कि मेरे माध्यम से सभी लोगों को सुविधा प्राप्त होती है । मेरे माध्यम से सभी लोग एस एम एस कर एक दूसरे से बातचीत कर सकते हैं । मेरे माध्यम से लोग वीडियो फिल्म देखकर अपने जीवन में मनोरंजन कर सकते हैं । मेरे माध्यम से गेम खेल कर मनोरंजन कर सकते हैं । मेरा उपयोग हर क्षेत्र में हो रहा है । बड़े-बड़े उद्योगपति मेरा उपयोग कर रहे हैं । मेरा उपयोग करने से सभी लोगों का समय बर्बाद होने से बचता है ।

मेरे माध्यम से लोग हजारों लाखों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति से बातचीत कर सकता है । जब मेरा जन्म हुआ था तब मेरा वजन बहुत ज्यादा था और मेरी बैटरी बहुत कम चलती थी । धीरे-धीरे समय बदलता गया और मैंने सभी लोगों को बेहतर से बेहतर सुविधा प्रदान की है । आज पूरी दुनिया में हर व्यक्ति के पास मैं रहता हूं । जिस व्यक्ति के पास में नहीं रहता उसके जीवन में खुशियां एवं आनंद नहीं रहता है । मेरे बिना रहने की आदत लोगों को नहीं है ।

मेरे जन्म दाता मोटोरोला के अनुसंधानकर्ता मार्टिन कपूर है । उन्हीं के द्वारा मेरा निर्माण किया गया था । जब मेरा निर्माण हुआ था तब मेरी क्षमता 3 घंटे की थी । 3 घंटे बात करने के बाद मुझे 10 घंटे चार्ज करना होता था । धीरे-धीरे समय बीतता गया और मेरा विकास होता गया और आज मैं बहुत ही मजबूत स्थिति में पहुंच चुका हूं ।  मैं हर व्यक्ति के साथ रहता हूं । मेरे बिना किसी का जीवन संभव नहीं है । मैंरे माध्यम से सभी को सुविधा प्राप्त होती हैं ।

जब कोई बोरिंग महसूस करता है तब मैं उसके जीवन में आनंद लाता हूं । आज मेरा उपयोग बच्चों से लेकर हर उम्र का व्यक्ति कर रहा है । मैं अपने आप को बड़ा भाग्यशाली समझता हूं कि मैंने मनुष्य जीवन को आधुनिक सुविधाएं दी हैं । मेरा विस्तार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । जब मेरा जन्म हुआ था तब 2G नेटवर्क था और आज 4G नेटवर्क है । समय  के साथ साथ मेरा विकास एवं विस्तार हो रहा है ।

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