मेरी दैनिक दिनचर्या पर निबंध Meri Dinacharya Essay in Hindi

My Daily Routine Essay in Hindi

दोस्तों आज का ये विषय बहुत ही खास विषयों में से एक है दुनिया का हर इंसान सुखी रहना चाहता है वह अपने द्वारा किए गए कार्यों में सफल होना चाहता है

My Daily Routine Essay in Hindi
My Daily Routine Essay in Hindi

और उसमें सफलता पाने में उसकी दिनचर्या का बहुत बड़ा हाथ होता है क्योंकि जिस इंसान की दिनचर्या सही होती है और वह उसे फॉलो करता है,वह जिंदगी में एक सफल इंसान बन जाता है,बच्चों से लेकर बड़ो तक सभी की दिनचर्या होना चाहिए,दिनचर्या हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है जिसके जरिए हम अपने जीवन को सुखी समृद्ध बना सकते हैं.

दैनिक जीवन में करने योग्य कार्य

बात करते हैं बच्चों की तो बच्चों को भी सुबह जल्दी जागना चाहिए और नहा धोकर फ्रेश होने के बाद भगवान का स्मरण करना चाहिए और टाइम टेबल पर स्कूल जाना चाहिए वापस आने के बाद खेलने का टाइमटेबिल होना चाहिए और रात का भोजन करने के बाद सो जाना चाहिए रात में जल्दी सोना चाहिए और सुबह जल्दी जागना चाहिए इस तरह से दिनचर्या बच्चों की होना चाहिए.

इसके अलावा नौजवानों की भी इसी तरह की दिनचर्या होना चाहिए उनको भी सुबह जल्दी जागना चाहिए और नहा धोकर कॉलेज या फिर अपने काम पर जाना चाहिए इस तरह से नौजवानों की भी एक दिनचर्या होना चाहिए जिससे हम काम चिंता के साथ सही समय पर पूर्ण करें.

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इसके अलावा बुजुर्गों का भी टाइम टेबल होना चाहिए ज्यादातर बुजुर्ग अगर घर पर रहते हैं तो उनको भी सुबह जल्दी जागने के बाद एक्सरसाइज करना चाहिए और अच्छी दिनचर्या बनाना चाहिए शाम को भी जोगिंग करना चाहिए जिससे उनका शरीर हष्ट पुष्ट रहे. इसके अलावा बच्चे,बुजुर्गों,नौजवानों को अपने जीवन में एक्सरसाइज भी करनी चाहिए,सुबह के टाइम में आप सभी को अपनी दिनचर्या में एक्सरसाइज के महत्व को समझना चाहिए और एक्सरसाइज करना चाहिए जिससे जिंदगीभर तक तंदरुस्त रह सकें

दिनचर्या का हमारे जीवन में बहुत ज्यादा महत्व है अगर आपकी सही दिनचर्या है तो आप जिंदगी में बहुत कुछ कर सकते हो अपनी पढ़ाई में अब्बल आ सकते हो, अपने काम में बहुत बड़ा लेवल हासिल कर सकते हो और लोगों की प्रशंसा के काबिल बन सको.

पुराने और आजकल के जमाने की दिनचर्या

दोस्तों पहले के जमाने में लोग दिनचर्या से सही से काम करते थे सुबह जल्दी जागते थे और स्कूल कॉलेज या अपने काम पर निकल जाते थे लेकिन पिछले जमाने से लेकर आजकल के जमाने तक हमारे जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है आज के नोजवान हर कोई तो नहीं लेकिन बहुत से मैंने नौजवानों को देखा है जो सुबह काफी देर से जागते हैं और रात में काफी देर से सोते हैं ये एक कामयाब इंसान की निशानी नहीं है

आपको अपने जीवन में किसी भी क्षेत्र में अगर कामयाब होना है तो आपको आपकी अपनी दिनचर्या में इन दो चीजों को तो बिल्कुल त्यागना हीं होगा यानी आपको सुबह जल्दी जागने की आदत डालना होगा फिर आप देखोगे कि आपके दिन बदलने लगे हैं क्योंकि जितना समय आप सोने में बर्बाद करते हो उस समय मैं आपको कुछ अच्छा करना चाहिए.

कुछ नौजवान सुबह देर तक सोते हैं अगर वह फालतू के गवाए हुए समय में व्यायाम करें तो शरीर के लिए बहुत अच्छा हो इसलिए सभी को इसका ध्यान रखना चाहिए और विशेषकर आजकल के लोगों को आलसी नहीं बनना चाहिए और अपने काम की ओर एक दिनचर्या के साथ करना चाहिए.

दोस्तों दरअसल क्या होता है कि हम जब भी किसी काम की दिनचर्या नही बनाते हैं या अपने जीवन की दिनचर्या नहीं बनाते हैं तो हमें अपने काम करने की या पढ़ाई करने की चिंता नहीं होती है सोचिये अगर आपने अपने दिनचर्या में सुबह 5:00 बजे से 7:00 बजे तक पढ़ाई करना है,अगर आप करते हो तो आपका समय भी बचता है और सुबह जल्दी याद करने से आपको सही से याद हो जाते हैं और अगर आप अपनी दिनचर्या में नियमित करते हो तो आपके जीवन में बहुत अच्छा होता है आपको चिंता भी होती है कि मुझे अब 4:00 या 5:00 बजे जागना है पढ़ाई करना है,एक्सरसाइज करना है,नहाना है

जब ये टाइम टेबल से होता है तो हमें इसके प्रति रोजाना चिंता लगने लगती है हम इसको करने की और जागरुक होने लगते हैं और अगर हम इसी टाइम टेबल के हिसाब से प्रतिदिन करते हैं तो हम अपने जीवन में बहुत कुछ अच्छा करते हैं और हमारे जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन जल्द से जल्द आ जाता है.

लॉकडाउन में मेरी दिनचर्या पर निबंध

दरहसल lockdown में, मैं घर पर ही अपना समय बिताता था. मैं सुबह घूमने के लिए भी नजदीकी पार्क में नहीं जा पता था और ना ही अपने दोस्तों से मिल पाता था. कहते हैं की जब लोगो के पास कोई कार्य नहीं होता तोह दिनचर्या काफी बिगड़ सकती हैं lockdown में कार्य ना होने के कारण में ना तो समय पर जागता और ना ही टाइम पर नाश्ता या खाना खाता. वैसे मुझे सुबह ऑफिस पर जाना पड़ता था लेकिन lockdown में ऑफिस जाने की कोई चिंता नहीं थी जिस वजह से मेरी दिनचर्या बिगड़ चुकी थी. मैं सोचता था की काश ये lockdown नहीं लगता तोह कितना अच्छा होता.मैं घर पर ही अपने बच्चो के साथ खेलता और ज्यादा समय टीवी देखने में बिताता.

दिनचर्या से कामयाबी तक का सफ़र

इसके अलावा आप देखो जो शख्स कामयाब लोग हैं उनकी दिनचर्या होती है वह सुबह जल्दी जागते हैं,एक्सरसाइज करते हैं,नहाते हैं और अपनी दिनचर्या के अनुसार टाइम टेबल के अनुसार काम करते हैं.वह रोजाना ऐसे ही काम करते हैं एक कामयाब इंसान की यही निशानी है,किसी टॉपर विद्यार्थी को देख लो,वह भी सुबह जल्दी जागता है, नहाता है,पढ़ाई करता है,एक्सरसाइज करता है और सुबह अपने काम जल्दी निपटा लेता है और टाइम टेबल के हिसाब से अपने सभी काम करता है पढ़ाई करता है जिससे वह अपनी परीक्षा में टॉपर होता है,किसी बिजनेसमैन को देख लो.

एक सफल बिजनेसमैन हमेशा दिनचर्या के हिसाब से चलता है सुबह जल्दी जागता है,एक्सरसाइज करता है,अपने दैनिक जीवन का दोपहर का रुटीन बनाता है और फिर काम करता है जिससे उसे दिन भर के अपने द्वारा दिनचर्या में चुने गए काम की चिंता होती है और वह उन्हें सही से खत्म करता है,इस दुनिया में हर इंसान की एक दिनचर्या होना चाहिए तभी वह अपने जीवन में एक सही और एक महान इंसान बन पाएगा तभी वह अपने माता पिता भाई बहनों की नजर में एक अच्छा इंसान बन पाएगा इसलिए आप भी अपनी दैनिक जीवन को सुधारिए एक पैन और रजिस्टर लीजिए उसमें अपनी दिनचर्या लिख दीजिए और उस दिनचर्या को पूरी तरह से फॉलो कीजिए आपको जीवन में बहुत बड़ी सफलता पाने से कोई भी नहीं रोक सकेगा.

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