मेरे जीवन का लक्ष्य आदर्श खिलाडी पर निबंध Mere jeevan ka lakshya adarsh khiladi essay in hindi for class 10th

Mere jeevan ka lakshya adarsh khiladi essay in hindi for class 10th

दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल मेरे जीवन का लक्ष्य एक आदर्श खिलाड़ी पर निबंध आप सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, इस निबंध में हमने अपने जीवन के लक्ष्य एक आदर्श खिलाड़ी बनने पर निबंध लिखा है और इसके बारे में विस्तृत जानकारी देने की कोशिश की है, आप इसे समझकर यहां से अच्छी जानकारी एकत्रित कर सकते हैं तो चलिए आगे बढ़ते हैं और पढ़ते हैं हमारे इस लेख को

मेरे जीवन का लक्ष्य एक आदर्श खिलाड़ी बनना है। आज मैं भले ही बड़ा हो गया हूं लेकिन आज भी मैं अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयत्न कर रहा हूं क्योंकि मेरे जीवन का लक्ष्य एक आदर्श खिलाड़ी बनना है, यह मुझे बचपन से ही काफी प्रेरित करता है। बचपन में जब मैं अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट खेलते हुए देखता था तो मुझे ऐसा लगता था कि एक ना एक दिन मैं भी सचिन तेंदुलकर की तरह एक आदर्श खिलाड़ी बनूंगा और इस पूरी दुनिया को दिखा दूंगा कि मैं भी क्रिकेट खेलकर एक आदर्श खिलाड़ी बन सकता हूं।

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान कहलाते हैं, हर कोई खेल प्रेमी उन्हें भगवान की तरह पूजता है। बचपन से ही मेरा भी हाल कुछ ऐसा ही था अक्सर में सचिन तेंदुलकर के बारे में सोचता था कि एक ना एक दिन इनकी तरह मुझे भी एक आदर्श खिलाड़ी बनना है। मैं धीरे-धीरे बड़ा होने लगा, मैंने सबसे पहले क्रिकेट खेलने की प्रैक्टिस की। क्रिकेट खेलने की प्रैक्टिस में मेरे सहयोगी और मेरे कोच ने मेरी विशेष रूप से मदद की। मैं हमेशा क्रिकेट खेलने के बारे में ही सोचता था, पढ़ाई पर मेरा कुछ भी विशेष ध्यान नहीं था घरवाले हमेशा मुझसे पढ़ाई के बारे में कहते थे लेकिन मेरी पढ़ाई में कुछ ज्यादा रुचि नहीं थी लेकिन क्रिकेट खेलने में मैं सबसे आगे था।

मैंने अपने शहर मैं होने वाली कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और ज्यादातर हर बार मैं जीतता था। शायद इसीलिए मेरे माता-पिता मुझपर ज्यादा गुस्सा नहीं करते थे क्योंकि वह सोचते थे कि चलो पढ़ाई में ना सही क्रिकेट खेलने में तो हमारा लड़का सबसे आगे है। मैं बस अब आगे चलकर एक आदर्श खिलाड़ी बनना चाहता था। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि एक आदर्श खिलाड़ी के अंदर बहुत सारे गुण होते हैं एक आदर्श खिलाड़ी हमेशा क्रिकेट के नियमों का पूरी तरह से पालन करता है, कभी भी उन नियमों को तोड़ने के बारे में नहीं सोचता। एक आदर्श खिलाड़ी खेल को हमेशा खेल के हिसाब से ही खेलता है।

खेल को वह हमेशा खेल ही समझता है, अपने प्रतियोगी के साथ वह कभी भी दुश्मन की तरह बर्ताव नहीं करता। एक आदर्श खिलाड़ी हमेशा अपने प्रतियोगियों का भी सम्मान करता है, उनसे सही ढंग से वार्तालाप करता है भले ही खिलाड़ी जीत जाए लेकिन वह कभी भी हारने वाली टीम का मजाक उड़ाना पसंद नहीं करता क्योंकि एक आदर्श खिलाड़ी जानता है कि आज जीत है तो कल हार भी हमारी होगी ही, इसी वजह से मैं हमेशा आदर्श खिलाड़ी के नियमों का पालन करता है।

एक आदर्श खिलाड़ी अपने टीम के लोगों का सम्मान करता है, वह अपनी टीम के लोगों से कुछ कहता है तो बहुत ही प्रेम भाव से कहता है। एक आदर्श खिलाड़ी वह खिलाड़ी होता है जो अपने खेल को जीतने के लिए पूरी मेहनत करता है और ईमानदारी बरतता है। मैं भी एक आदर्श खिलाड़ी बनकर अपने देश में खेले जा रहे क्रिकेट को हर बार जीतने का प्रयत्न करूंगा क्योंकि एक क्रिकेटर बनकर क्रिकेट को सही ढंग से खेलना और एक आदर्श खिलाड़ी बनना वास्तव में बहुत ही अच्छा है।

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