मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना निबंध Hindi Essay on Mazhab nahi sikhata aapas mein bair rakhna

Hindi Essay on Mazhab nahi sikhata aapas mein bair rakhna

दोस्तों आज मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम सभी को कभी भी मजहब के नाम पर एक- दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए क्योंकि मजहब नहीं सिखाता कि हम सभी आपस में मजहब के नाम पर एक-दूसरे से लड़ाई करें मजहब के नाम पर लड़ने से ना तो हमारी जीत है और ना ही हमारे देश की । हमारे देश में बहुत सारे धर्म हैं जैसे की हिंदू धर्म ,पंजाबी धर्म ,सिख, इसाई ऐसे कई धर्म है जिन धर्मों ने हम सभी को आपस में बांध रखा है लेकिन कुछ लोग धर्म के नाम पर लड़ाई दंगे करते हैं लेकिन दोस्तों मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि धर्म के नाम पर लड़ाई करने से किसी का भी फायदा नहीं होता है ।

Hindi Essay on Mazhab nahi sikhata aapas mein bair rakhna
Hindi Essay on Mazhab nahi sikhata aapas mein bair rakhna

बल्कि हम हमारा समय बर्बाद करते हैं अगर हम हमारे इस कीमती समय को परिवार की भलाई में या फिर देश की भलाई के लिए इस्तेमाल करेंगे तो हमारा और हमारे देश का भला होगा और हमारे इस कीमती समय को समाज के भलाई के लिए इस्तेमाल करें इससे हमारा और हमारे परिवार का भला होगा और हमारे देश का भी भला होगा ।

कहीं भी किसी गीता या कुरान, रामायण में यह नहीं लिखा कि हम धर्म के नाम पर इंसानियत को मारे बल्कि हमारा यह उद्देश्य होना चाहिए की हम एक अच्छे इंसान बने और हर धर्म को अपना धर्म समझकर उस धर्म का पालन करें, कभी भी किसी व्यक्ति से मिलकर उसको धर्म के आधार पर नहीं बल्कि, इंसान के हिसाब से देखना चाहिए और जब तक हमारे अंदर एक अच्छे इंसान की इंसानियत नहीं आ जाती तब तक हम सही इंसान नहीं बन सकते । दोस्तों आज हम देखते हैं कई बड़े- बड़े राजनीति के लोग अपने फायदे के लिए हम लोगों को धर्म के नाम पर आपस में लड़ा देते हैं ।

मैं आप से पूछना चाहता हूं कि यह सब सही है क्या? हम सभी जानते हैं यह गलत है ,लेकिन फिर भी हम लोग इंसानियत को भूल जाते हैं अगर हमारे दो बच्चे हैं अगर वह आपस में किसी बात को लेकर लड़ते हैं तो हम को कितना बुरा लगता है । दोस्तों जब किसी पिता के 2 पुत्र आपस में लड़ते हैं तो उस पिता के दिल पर क्या गुजरती होगी, पिता अपनी जिंदगी पर कितना रोता होगा जिन बच्चों को मैंने पाला उनको जीवन दिया और वह आपस में किसी बात को लेकर के लड़ाई कर रहे हैं तो दोस्तों उसी तरह से जब हमारे देश में कई धर्म के लोग आपस में लड़ते हैं, तो उससे हमारे देश का नुकसान होता है और हमारा भी नुकसान होता है.

दोस्तों मजहब कभी भी हमको यह नहीं सिखाता है की हम सभी आपस में एक दूसरे से लड़ाई करें ,बल्कि यह सिखाता है की हम लोग एक साथ मिलकर अपने देश का भला करें, अपना भला करें, अपने परिवार का भला करें. दोस्तों में कहना चाहता हूं कि अगर हमारे देश के सरहद पर जो जवान हमारी रक्षा करते हैं आतंकवादियों से हमारी रक्षा करते हैं, अगर वह धर्म के नाम पर आपस में एक दूसरे से लड़ने लगे तो आतंकवादी हमारे देश में तबाही मचा सकते हैं लेकिन दोस्तों हमारे देश के जवान चाहे ठंड हो या बरसात लेकिन फिर भी बह हमारी रक्षा करते हैं और हमारे देश की रक्षा करते हैं फिर हमको मजहब के नाम पर लड़ने की क्या आवश्यकता है।

बल्कि हमारा यह दायित्व बनता है कि हमारे बच्चों को भी एक साथ रहने की सलाह दें और अपने बच्चों को भी मजहब के नाम पर लड़ाई ना करने की शिक्षा दें. दोस्तों जब हम स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाते हैं तो हम जिस टेबल पर बैठते हैं क्या हम उस टेबल के आसपास जाति या धर्म के हिसाब से बैठते हैं नहीं दोस्तों क्योंकि वहां पर हम शिक्षा लेने के लिए जाते हैं और शिक्षा हमको यही सिखाती है की सभी धर्मो को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार है.

दोस्तों आज हमारे देश में सभी धर्म के लोग उन्नति कर रहे हैं, सभी धर्म के लोग आगे बड़ रहे हैं दोस्तों अगर हम धर्म के नाम पर आपस में लड़ने लगे तो हमारा देश कई धर्मों में बट जाएगा और हमारे देश की उन्नति रुक जाएगी जिससे कि हमारा दुश्मन धर्म के नाम पर फायदा उठाएगा जो कि हम सभी के लिए ठीक नहीं है दोस्तों हम सभी को मिलकर के हाथ से हाथ मिलाकर एक दूसरे का साथ देकर इस देश को आगे बढ़ाना है, इस देश को हमें कई ऊंचाइयों पर ले जाना है क्योंकि दोस्तों मजहब कभी भी हमको धर्म के नाम पर बैर रखना नहीं सिखाता है।

हमे बताये की ये पोस्ट Hindi Essay on Mazhab nahi sikhata aapas mein bair rakhna आपको केसी लगी.

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