महात्मा ज्योतिबा फुले की जीवनी व् विचार Mahatma Jyotiba Phule Biography, quotes in HIndi

Mahatma Jyotiba Phule Biography in HIndi

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन परिचय । अब हम महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन के बारे में जानेंगे ।

Mahatma Jyotiba Phule Biography, quotes in HIndi
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जीवन परिचय – सभी लोग ज्योतिबा फुले जी को ज्योतिराव फुले , महात्मा फुले के नाम से भी जानते थे । ज्योतिबा फुले जी का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा में हुआ था । उनके पिता का नाम गोविंदराव फुले एवं माता का नाम जमुना बाई था । यह महाराष्ट्र के खान बाड़ी पुणे में रहते थे । इनके जन्म के कुछ समय बाद ही इनकी मां बीमार हो गई थी जिसके कारण उनका देहांत हो गया था । इनके पिता गोविंद राम ने ज्योतिबा फुले जी का लालन पालन करने के लिए उनकी मौसेरी बहन सगुना बाई को बुला लिया था और सगुनाबाई ज्योतिबा फुले जी का लालन पालन करने लगी थी । जब ज्योतिबा फुले 7 वर्ष की आयु के हो गए थे तब सगुना बाई ने उनको शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल में भेज दिया था ।

उस समय कम लोग शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल में जाया करते थे लेकिन उनके पिता गोविंद राव जी यह बात जानते थे की शिक्षा प्राप्त करना कितना आवश्यक होता है इसलिए उन्होंने ज्योतिबा फुले को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए गांव के ही स्कूल में भेज दिया था । वहां पर कुछ लोगों ने ज्योतिबा फुले का अपमान कर दिया था जिसके कारण उनको स्कूल छोड़ना पड़ा था । स्कूल छोड़ने के बाद सगुनाबाई ज्योतिबा फुले जी को घर पर ही पढ़ाने लगी थी ।

ज्योतिबा फुले जी दिन में खेतों में काम किया करते थे और अपने पिताजी के काम में सहायता किया करते थे । रात में जब वह घर पर आते थे तब खाना खा कर पढ़ाई करने लगते थे । उनकी इस लगन को देखकर उनके पड़ोस में रहने वाले शिक्षक ने उनका अंग्रेजी स्कूल में पुनः एडमिशन करवा दिया था और वह स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाने लगे थे । उन्होंने अपनी मेहनत से उस स्कूल में टॉप किया था । टॉप करने के बाद सभी लोग अचंभित हो गए थे ।

शिक्षा – ज्योतिबा फुले को प्रारंभिक शिक्षा दिलाने के लिए गांव के स्कूल में ही भर्ती कराया गया था लेकिन कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाया था जिसके कारण उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा था । इसके बाद उनके पड़ोस में रहने वाले शिक्षक ने उनको दोबारा से अंग्रेजी स्कूल में दाखिला दिलवाया था और उन्होंने उस स्कूल में सबसे अधिक नंबर लाकर सभी को चौंका दिया था । ज्योतिबा फुले बचपन से ही पढ़ाई करने में रुचि रखते थे । उनके पिता भी यह बात जानते थे कि यदि किसी को सफलता प्राप्त करनी है तो उसे पढ़ाई करना कितना आवश्यक होता है । वह अपने बच्चे को शिक्षा दिलाकर आगे बढ़ाना चाहते थे । इसलिए उनके पिता उनको पढ़ाई के लिए आगे आने के लिए कहते रहते थे ।

सामाजिक कार्य – ज्योतिबा फुले जी को प्रारंभ से ही जाति भेदभाव का सामना करना पड़ा था । वह माली परिवार के रहने वाले थे । उनका पूरा परिवार माला बनाने का काम किया करता था और उनके परिवार को छोटे लोगों का दर्जा दिया गया था । वह एक अच्छे सामाजिक कार्यकर्ता थे । उन्होंने समाज को सही रास्ते पर लाने के लिए ,हिंदू धर्म में फेली विसंगतियों को दूर करने के लिए काम किया था । उन्होंने समाज में फैली बुरी सोच, समाज में ऊंच नीच ,जाति पात, अंधविश्वास हो दूर करने का काम किया था । उनका कहना था कि समाज एवं समाज के लोग छोटी सोच के कारण ही विकास नहीं कर पा रहे हैं ।

उन्होंने लड़कियों को शिक्षा दिलाने पर भी जोर दिया था । पुराने समय में जो कुप्रथा चलती थी उनको भी खत्म करने के लिए ज्योतिबा फुले जी आगे आए थे । उस समय सती प्रथा ,भ्रूण हत्या जैसे बुरी प्रथाओं को लोग मानते थे उन प्रथाओं को खत्म करने के लिए ज्योतिबा फुले जी ने संघर्ष किया था । उन्होंने समाज को सही रास्ता दिखाया था । उन्होंने समाज के लोगों से यह प्रार्थना की थी कि हम सभी को अंधविश्वास पर विश्वास नहीं करना चाहिए । अंधविश्वास के कारण ही हम विकास नहीं कर पा रहे हैं । हमें हमेशा कर्म करते रहना चाहिए ।

पुरस्कार – ज्योतिबा फुले जी को उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य के लिए 1988 को महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया गया था ।

मृत्यु – ज्योतिबा फुले जी को जब 1988 को महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया गया था तब उसके कुछ समय बाद उनको लकवा मार गया था । जिसके कारण उनके शरीर में कमजोरी आ गई थी । उनके शरीर में कमजोरी दिन प्रतिदिन बढ़ती गई और 27 नवंबर 1890 को हमारे देश के महान व्यक्ति एवं महान महापुरुष का निधन हो गया था । आज हम सभी को उनकी कमी महसूस होती है ।

महात्मा फुले जी के अनमोल विचार mahatma phule quotes in hindi

  1. दूसरों की गलती से सीखना ही सबसे बड़ा आकलन होता है ।
  2. मैं समझता हूं कि किसी देश की उन्नति मैं सबसे महत्वपूर्ण भूमिका महिलाओं की ही होती है ।
  3. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक नहीं होएगा जब तक खानपान एवं वैवाहिक संबंधों पर जातिवाद का बंधन बना रहेगा ।
  4. दबे कुचले वर्गों में नैतिकता , बुद्धिमता , समृद्धि एवं प्रगति का विकास करने हेतु शिक्षा की आवश्यकता सर्वाधिक है ।
  5. ज्योतिबा फुले जी एक अच्छे समाज सुधारक थे उनके बता गए रास्ते पर हम सभी को चलना चाहिए ।
  6. उन्होंने हमारे देश में नारी शिक्षा पर बल दिया था हम सभी को उनके आदर्शों पर चलना चाहिए ।
  7. देश के सबसे अच्छे समाज सुधारक भले ही हमारे बीच में ना हो लेकिन उनकी सोच हमेशा जीवित रहेगी ।

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