लोहे की आत्मकथा Lohe ki atmakatha in hindi

Lohe ki atmakatha in hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सभी, आज हम आपके लिए लाए हैं लोहे की आत्मकथा पर हमारे द्वारा लिखित एक काल्पनिक आर्टिकल, आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के इस आर्टिकल को

Lohe ki atmakatha in hindi
Lohe ki atmakatha in hindi

मैं लोहा हूं, मैं श्वेत रंग की धातु हूं। मैं ऐसी धातु हूं जो नमी में जल्द ही मलिन हो जाती हूं मेरा एक गुण चुंबकीय आकर्षण भी है। मैं चुंबक की ओर तेजी से आकर्षित होती हूं। लोहा मनुष्य के शरीर के लिए भी एक आवश्यक तत्व होता है इसलिए मेरा उपयोग कुछ दवाइयों में भी किया जाता है। लोहे की जब कमी मनुष्य के शरीर में होती है तो वह उसके लिए काफी हानिकारक होती है लेकिन जब मनुष्य के शरीर में लोहा अधिक मात्रा में होता है तो वह भी उसके लिए हानिकारक होती है इसलिए लोहा मनुष्य के शरीर में आवश्यक मात्रा में होना चाहिए।

इसके अलावा मैं एक ऐसी धातु हूं जिसके जरिए कई तरह के औजार बनाए जाते हैं, लोहे के पिलर भी बनाए जाते हैं। मुझे लोह का उपयोग कई अन्य सामग्री, घर में उपयोग में ली जाने वाली सामग्री एवं कई तरह के हत्यार भी लोहे से बनाए जाते हैं। मेरे द्वारा ही मनुष्य के कई तरह के घर बनाए जाते है, मेरा उपयोग आज भारत ही नहीं पूरी दुनिया में बहुत ही ज्यादा किया जाता है। ईरान जैसे देशों में मेरे द्वारा बनाई गई तलवारे काफी प्रसिद्ध थी। आज से 2000 वर्ष पहले भारत से लोहा अफ्रीका जैसे देशों में भेजा जाता था।

पुराने समय से ही लोहा बहुत सारे देशों में उपयोग किया जाता है। आप सभी जो पृथ्वी का क्रोड देखते हैं वह लोहे का ही बना हुआ है, मनुष्य ने मेरा इस्तेमाल जिस युग में सबसे ज्यादा किया उसे लोह युग कहते हैं, यह लोह युग पाषाण युग के बाद आता है। ऐसा माना जाता है इस लोह युग से पहले मनुष्य में धातु के खनन करने की क्षमता नहीं थी। भारत के कुछ राज्य में पुराने काल के लोहे के हथियार भी प्राप्त हुए हैं जिससे हम पुराने लोहे से बने हथियार आदि के बारे में जान सकते हैं।

पुराने समय से ही मेरा व्यापार किया जाता है ऐसा माना जाता है कि आज से लगभग  1500 वर्ष पहले से ही लोग लोहे के व्यापार को करने लगे थे। आज भी हम हमारे भारत देश में कई जगह लोहे से बने कुछ विशाल स्तंभ एवं कई अन्य वस्तुएं देखते हैं। मैं पुराने समय से ही मनुष्य के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ हूं, लोग पुराने समय से ही मेरा उपयोग करते हुए आए हैं।

दोस्तों मेरे द्वारा लिखा लोहे की आत्मकथा पर लिखित यह लेख आपको कैसा लगा हमें जरूर बताएं, इसे अपने दोस्तों में शेयर करना ना भूले।

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