लियोनहार्ड यूलर की जीवनी Leonhard euler biography in hindi language

Leonhard euler biography in hindi language

Leonhard euler – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से लियोनहार्ड यूलर के जीवन परिचय के बारे में बताने जा रहे हैं । चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और लियोनहार्ड यूलर के जीवन परिचय को गहराई से पढ़ते हैं ।

Leonhard euler biography in hindi language
Leonhard euler biography in hindi language

Image source – https://commons.m.wikimedia.org/wiki/File:Leonhard_Euler_2-2.jpg

लियोनहार्ड यूलर के जन्म स्थान व् परिवार के बारे में – लियोनहार्ड यूलर एक गणितज्ञ के रूप में जाने जाते हैं । जिन्होंने कई गणित के संकेतों में संशोधन करके गणित के त्रिकोणमितीय सूत्रों को क्रमबद्ध किया है । लियोनहार्ड यूलर का जन्म 15 अप्रैल 1707 को स्विजरलैंड के बाजल में हुआ था । लियोनहार्ड यूलर के पिता का नाम पादरी पॉल यूलर था एवं लियोनहार्ड यूलर की माता जी का नाम मारगुएरिट था । लियोनहार्ड यूलर के माता-पिता को बचपन में ही एक सफल व्यक्ति बनने के गुण लियोनहार्ड यूलर में दिखाई देने लगे थे । उनके अड़ोस , पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति भी उनको बहुत बुद्धिमानी लड़की कहते थे ।

जब उनके पड़ोसी और उनके माता-पिता उनकी सराहना करते थे तब उनका उत्साहवर्धन होता था और उनके अंदर एक सफल व्यक्ति बनने की ललक पैदा होती थी । लियोनहार्ड यूलर वह वैज्ञानिक हैं जिन्होंने एक गणितज्ञ के रूप में अपनी पहचान बनाई है ।जिनके कार्य की सराहना जितनी की जाए उतनी कम है ।लियोनहार्ड यूलर ने अपनी गणितज्ञ केरियर को सफल बनाने के लिए जोहैन वेर्नुली से मार्गदर्शन लिया था ।इसलिए लियोनहार्ड यूलर जोहैन वेर्नुली को अपना गुुरु मानते थे । लियोनहार्ड यूलर ने 1776 मे विवाह करने का फैसला किया और उन्होंने सलोमी अबिगैल ग्लेस से विवाह कर लिया था ।

लियोनहार्ड यूलर  और उनकी पत्नी सलोमी अबिगैल ग्लेस के बच्चे भी हुए जिनके नाम इस प्रकार से हैं जोहन यूलर , क्रिस्टोफ यूलर , शेर्लोट यूलर , कार्ल यूलर , कार्ल यूलर आदी ।

लियोनहार्ड यूलर की प्रारंभिक शिक्षा के बारे में – अपनी छोटी उम्र में लियोनहार्ड यूलर को अपनी मां के द्वारा एवं पिता के द्वारा घर पर शिक्षा मिली थी । लियोनहार्ड यूलर ज्ञान प्राप्त करके अपने जीवन मे आगे बढ़ने लगे थे । लियोनहार्ड यूलर ने भी कहा है कि मुझे ज्ञान के मार्ग पर चलाने का श्रेय मेरे माता-पिता को जाता हैं । इसके बाद हम लियोनहार्ड यूलर की आगे की शिक्षा के बारे में बात करें तो लियोनहार्ड यूलर ने स्विजरलैंड के बाजल से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी । स्विजरलैंड के बाजल में स्थित एक हाई स्कूल  से शिक्षा प्राप्त करके वह शिक्षा की दुनिया में आगे बढ़ते गए और ज्ञान प्राप्त करते हुए सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए थे ।

इसके बाद जब उन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त कर ली थी तब वह अपने कैरियर में और भी आगे बढ़ने के लिए बसेर मैं स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ बसेल मे पढ़ाई करने के लिए विचार बना चुके थे और उनके माता-पिता ने उनको आगे की शिक्षा देने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ बसेल कॉलेज में 1720 में ऐडमिशन दिला दिया था ।  लियोनहार्डड यूलर ने इसी यूनिवर्सिटी से 1720 से शिक्षा प्राप्त करना प्रारंभ किया और 1723 तक उन्होंने इस यूनिवर्सिटी ऑफ बसेल से अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था । लियोनहार्ड यूलर कॉलेज में अच्छे विद्यार्थी की पहचान भी बना चुके थे ।

लियोनहार्ड यूलर ने अपनी स्कूली पढ़ाई से लेकर कॉलेज की शिक्षा तक मेहनत और लगन से पढ़ाई की और अच्छे नंबर प्राप्त करके वह उत्तीर्ण होते थे ।  जब लियोनहार्ड यूलर अच्छे नंबर से पास होकर डिग्री अपनेे माता-पिता को दिखाते थे तब उनके माता-पिता उनकी काफी सराहना किया करते थे । अपनी कॉलेेज की पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद लियोनहार्ड यूलर ने अपनेेे जीवन को सफल बनाने के लिए  रिसर्च करना प्रारंभ कर दिया था ।

लियोनहार्ड यूलर के गणितज्ञ कैरियर के बारे में – लियोनहार्ड यूलर कि आज जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है । लियोनहार्ड यूलर ने अपनी मेहनत और लगन से गणित के कठिन से कठिन सवालों को हल करने के लिए कई सूत्र दिए हैं । लियोनहार्ड यूलर ने संकेत के माध्यम से अनेक संशोधन करके त्रिकोणमितीय सूत्रों को एक क्रमबद्ध बांधा है । लियोनहार्ड यूलर की ही देन के कारण आज त्रिकोणमिति सूत्रों का क्रमबद्ध प्राप्त है । लियोनहार्ड यूलर की ही देन के कारण 1728 में लघुगणको के प्राकृत आधार के लिए e  की संरचना तैयार की गई थी ।

लियोनहार्ड यूलर के द्वारा ही 1734 में x के फलन के लिए f(x) की संरचना तैयार की गई थी । लियोनहार्ड यूलर ने रिसर्च करके यह बता दिया था कि कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन से कुछ भी प्राप्त कर सकता है ।लियोनहार्ड यूलर की मेहनत के कारण ही 1750 में अर्ध परिमिति के लिए I संकेत का प्रचलन प्रारंभ हुआ था । इस तरह से लियोनहार्ड यूलर ने कई रिसर्च करके गणित को सरल बनाया है । लियोनहार्ड यूलर निरंतर मेहनत करते गए और अपने कैरियर में सफल होते गए थे ।

1966 में लियोनहार्ड यूलर की आंखें कमजोर हो गई और वह पूरी तरह से अंधे हो गए थे । जब लियोनहार्ड यूलर अंधे हो गए तब वह अपने आप को कमजोर महसूस करने लगे थे । परंतु उन्होंने अपनी कमजोरी को दूर किया और वह एक गणितज्ञ के रूप में काम करते रहे थे ।

लियोनहार्ड यूलर की प्रमुख यात्राओं के बारे में – लियोनहार्ड यूलर के द्वारा 1727 को रूस की यात्रा की गई थी और वहां पर उन्होंने भौतिक प्रोफेसर के रूप में काम करने के लिए रूस के एक एकेडमी ऑफ साइंसेस में अर्जी लगाई थी ।  एकेडमी ऑफ साइंसेस कॉलेज मे वह प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हो गए थे । इसके बाद लियोनहार्ड यूलर रूस से जर्मनी चले गए थे । 19 जून 1771 को उन्होंने रूस से जर्मनी जाने का फैसला किया और जर्मनी के बर्लिन की यात्रा की थी । लियोनहार्ड यूलर बर्लिन में तकरीबन 25 वर्ष तक रहे थे और वहीं पर उन्होंने अपने परिवार का भरण पोषण किया था ।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा गया यह जबरदस्त आर्टिकल लियोनहार्ड यूलर की जीवनी Leonhard euler biography in hindi language यदि आपको पसंद आए तो सबसे पहले आप सब्सक्राइब करें इसके बाद अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों में शेयर करना ना भूले धन्यवाद ।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *