किसान की आत्मकथा पर निबंध Kisan ki atmakatha essay in hindi

Kisan ki atmakatha essay in hindi

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं किसान की आत्मकथा पर मेरे द्वारा लिखित यह निबंध, आप इसे जरूर पढ़ें और किसान की आत्मकथा पर लेख लिखने के लिए यहां से विद्यार्थी तैयारी करें। इस आर्टिकल में मैंने एक किसान की जीवन की कहानी बताई है तो चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के इस आर्टिकल को

kisan ki atmakatha essay in hindi
kisan ki atmakatha essay in hindi 

मैं एक किसान हूं, जो एक छोटे से गांव में रहता हूं। मैं काफी खुशनसीब हूं कि मैं एक किसान हूं क्योंकि किसान अन्न की पैदावार करता है और लोगों को वह अन्न उपलब्ध करवाता है और सभी लोगों की मदद होती है। आज से जब सालों पहले मेरा जन्म हुआ तो मेरे पिताजी ने मुझे एक किसान ही बनाने का सोचा था क्योंकि हमारे चारों और किसान बहुत ही समृद्धसाली थे, उनके पास बहुत कुछ था क्योंकि पुराने समय में सभी खेती ही करना पसंद करते थे और खेती से अच्छी खासी पैदावार भी हो जाती थी।

मेरे पिताजी ने मुझे बड़ा किया, पढ़ाया लिखाया और एक समृद्धसाली किसान बनाने के बारे में उन्होंने सोचा। मैं बड़ा हुआ तब मैंने अपनी पिताजी की दी हुई जमीन में खेती की। खेती के जरिए में बहुत अच्छी पैदावार करता था मेरा परिवार भी खेती की वजह से संपन्न था। मेरे परिवार के सभी लोग खुश थे क्योंकि उस समय हम प्राकृतिक खाद का उपयोग करते थे

लेकिन धीरे-धीरे लालच की वजह से गांव के कई किसान रासायनिक खाद्दो का उपयोग करने लगे। में भी रासायनिक खादों का उपयोग अपनी खेती में करने लगा जिस वजह से कुछ सालों में मेरी पैदावार कम होने लगी और मुझे कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। मेरे गांव के एवं आसपास के लोगों की पैदावार भी काफी प्रभावित हुई। गांव के कुछ किसान ऐसे भी थे जो इतने दुखी थे कि वह अपने बच्चों से कहते थे कि तू कुछ भी बनना लेकिन किसान कभी मत बनना, ऐसी स्थिति मैंने अपने गांव में देखी है।

धीरे-धीरे समय गुजरता गया आज मेरे पास बहुत जमीन है इस वजह से पैदावार ठीक-ठाक हो जाती है लेकिन पहले की तरह पैदावार नहीं होती। आजकल मौसम की स्थिति भी हम लोग देख रहे हैं बिन मौसम बरसात होती है, कई तरह के संकट भी आते रहते हैं जिस वजह से मेरे जैसे किसान भाइयों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हम सभी किसान भाइयों को लोग भूमिपुत्र भी कहते हैं क्योंकि हम बचपन से ही भूमि में पैदावार करते आए हैं।

आजकल जमाना तेजी से बदल रहा है सच मानिए मैं भी अपने दोनों बच्चों को नौकरी या बिजनेस करने का ही कहता हूं खेती में अब पहले की तरह फायदा मुझे नजर नहीं आता है। मेरे बच्चे खेती के साथ में कोई जॉब या बिजनेस जरूर करेंगे क्योंकि मुझे लगता है कि शायद आज के जमाने में सिर्फ खेती पर निर्भर रहना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। हम सभी किसानों को आजकल जागरूक भी रहना चाहिए और सरकार के द्वारा दिए गए सुझावों को भी मानना चाहिए।

आज हम देख रहे हैं कि मेरे जैसे किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, कई किसान तो समस्याओं से इतना घिर जाते हैं कि उनकी आत्महत्या करने की खबरें भी हमें सुनाई देती हैं। आखिर किसान आत्महत्या करने के लिए इतना मजबूर क्यों हो गया है? सरकार को किसानों की पूरी तरह से मदद करनी चाहिए क्योंकि मेरा मानना है कि किसान ही भारत देश का भविष्य है।

किसान के द्वारा उगाया गया अन्न भारत के लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है। मैं बस यही चाहता हूं कि सरकार हमेशा किसानों के बारे में सोचें, किसानों की फसल को अगर नुकसान होता है तो उनकी मदद करें तभी किसानों की समस्याएं दूर हो सकती हैं, मेरे जीवन की आत्मकथा बस यही है।

दोस्तों किसान की आत्मकथा पर मेरे द्वारा लिखित यह आर्टिकल Kisan ki atmakatha essay in hindi आपको कितना पसंद आया हमें बताएं और ज्यादा से ज्यादा किसान की आत्मकथा पर लिखे आर्टिकल को शेयर करें।
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