कपासन माता जी का मंदिर का इतिहास Kapasan mata mandir history in hindi

Kapasan mata mandir history in hindi

Kapasan mata mandir – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से भारत देश के राजस्थान राज्य के जयपुर में स्थित कपासन माता जी के मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को पढ़कर राजस्थान राज्य के जयपुर में स्थित कपासन माता जी के मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं ।

Kapasan mata mandir history in hindi
Kapasan mata mandir history in hindi

कपासन माता जी के मंदिर के बारे में –  कपासन माता जी का मंदिर भारत देश के राजस्थान राज्य का सबसे सुंदर , अद्भुत , चमत्कारी मंदिर है । इस मंदिर के दर्शनों के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं और कपासन माता जी के दर्शन करके अपने जीवन में सुख समृद्धि आनंद प्राप्त करते हैं ।यदि हम वाकई में कपासन माता जी मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो हमें राजस्थान राज्य के जयपुर  शहर में अवश्य जाना चाहिए और कपासन माता जी के मंदिर के दर्शन करके आनंद  प्राप्त अवश्य करना चाहिए । कपासन माता मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि 1997 में कपासन माता मंदिर के एक पृष्ठ का निर्माण किया गया था ।

राजस्थान राज्य के जयपुर के शाहपुरा अलवर रोड पर स्थित बैराठ के पास एक गांव स्थित है जिस गांव का नाम मेड है उस गांव में खंडेलवाल समाज की कुलदेवी कपासन माता मंदिर स्थित है । जिस मंदिर से खंडेलवाल समाज एवं भारत देश के कई वरिष्ठ नागरिकों की आस्था  जुड़ी हुई है । जिस मंदिर के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग राजस्थान जाकर कपासन माता मंदिर के दर्शन करके अपने जीवन में सुख समृद्धि और आनंद प्राप्त करते हैं ।कपासन माता मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन समय का है । इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के आसपास पांडवों के द्वारा अज्ञातवास किया गया था ।

जिसके कारण इस मंदिर की सुंदरता और भी अधिक सुंदर दिखती है । आज भी मंदिर के आसपास पांडवों के  द्वारा जो अज्ञातवास किया गया था उसके कुछ प्रमाण यहां पर दिखाई देते हैं । जब लोगों की आस्था इस मंदिर से अधिक जुड़ने लगी तब मंदिर की रक्षा सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार को दी गई और भारत सरकार के द्वारा इस मंदिर के र्निर्माण और रक्षा सुरक्षा के लिए कपासन माता मंदिर का ट्रस्ट बनाया गया जिस ट्रस्ट की देखरेख में कपासन माता मंदिर की सारी व्यवस्थाएं की जाती हैं । मंदिर के दर्शनों के लिए जब सभी भक्तों का ताता वहां पर लगता है तब इस मंदिर की सुंदरता और भी अद्भुत और सुंदर दिखाई देने लगती है ।

मंदिर जब सुबह के समय सभी भक्तों को दर्शन करने के लिए खोल दिया जाता है तब वहां पर काफी भक्त जनों की भीड़ दिखाई देती है । जब मंदिर परिसर मे पूजा की जाती है तब मंदिर में उपस्थित सभी भक्तगण उस पूजा में भाग लेते हैं और सभी कपासन माता की पूजा करके माता कपासन की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर सुख समृद्धि और आनंद की कामना करते हैं ।जैसे-जैसे लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ती गई वैसे वैसे ही इस मंदिर का निर्माण कार्य कराया गया था ।संगमरमर के पत्थरों से  मंदिर का पुनः निर्माण कराया गया था ।

जब कोई भक्त गण इस मंदिर के दर्शन करने के लिए जाता है तब वह मंदिर के आसपास की सुंदरता को देखकर अपने जीवन में सुख समृद्धि आनंद प्राप्त करता है । मंदिर का  भव्य निर्माण कार्य निरंतर चलता रहता है । जब यह देखा गया कि मंदिर से काफी लोगों की आस्था जुड़ी हुई है तब मंदिर का पुनः निर्माण कार्य 2010 में प्रारंभ किया गया था जिस मंदिर के निर्माण के लिए कई लोगों ने दान दिया था । जितना पैसा दान मे एकत्रित हुआ उस पैसे से मंदिर का भव्य निर्माण कराया गया था । माता कपासन देवी की प्रतिमा के साथ-साथ इस मंदिर में गणेश भगवान शिव और पार्वती की प्रतिमा भी मौजूद है जिस प्रतिमा की सुंदरता भी बहुत सुंदर दिखाई देती है ।

भारत के प्राचीन इतिहास के समय में यह मंदिर स्थित था जिसके दस्तावेज भी मिले हैं इसलिए कपासन माता के इस मंदिर को प्राचीनतम मंदिर माना जाता है जिसके कारण काफी लोगों की आस्था , विश्वास इस मंदिर से जुड़ा हुआ है । कपासन माता के मंदिर के बारे में बताया जाता है कि जो भी भक्त इस मंदिर के दर्शन के लिए आता है वह मनचाहा फल प्राप्त करता है , उसके जीवन में सुख समृद्धि , आनंद की प्राप्ति होती है । 

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