जे.आर.डी. टाटा की जीवनी jrd tata biography in hindi

jrd tata biography in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस लेख के माध्यम से जहांगीर रतन जी दादाभाई टाटा के जीवन के बारे में बताने जा रहे हैं । चलिए अब हम इस लेख  के माध्यम से जे.आर.डी टाटा की जीवनी को पढ़ते हैं ।

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image source –https://www.dailypioneer.com/2018/pioneer

जन्म स्थान व परिवार – जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा का जन्म 29 जुलाई 1904 को फ्रांस के पेरिस में हुआ था ।  उनके पिता का नाम रतन जी दादा भाई टाटा था । उनकी माता का नाम सुजैन ब्रियरे था । इनके पिता रतनजी दादाभाई टाटा एक बहुत बड़े उद्योगपति थे । इनकी पत्नी का नाम थेल्मा विकाजी टाटा था । थेल्मा विकाजी के साथ इनका विवाह 1930 को हुआ था ।

शिक्षा – जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई मुंबई के कैथेड्रल एवं जोन कोनोन स्कूल से की थी । इसके बाद जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के लिए कैंब्रिज विश्वविद्यालय में चले गए थे और वहां से उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी । इसके बाद वे फ्रांस चले गए और फ्रांस से 1 साल का अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया । प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह फ्रांस के सैनिक बनना चाहते थे लेकिन उनके पिता उनको उद्योगपति के रूप में देखना चाहते थे इसलिए उनको यह सपना बीच में ही छोड़ना पड़ा था ।

रतन टाटा का औद्योगिक जीवन – जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा भारत में उद्योग का विकास करने के लिए जाने जाते है । जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा भारत में औद्योगिक क्रांति आई थी । कई उद्योगों का विकास भारत में जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा किया गया था । इसलिए जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा को भारत के सफल उद्योगपतियों में से एक माना जाता है । जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा भारत में उद्योगों का विकास हुआ है ।

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा आधुनिक भारत को औद्योगिक विकास प्राप्त हुआ था । कई ऐसे उद्योग जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा भारत में प्रारंभ किए गए थे जिनके माध्यम से भारत का विकास हुआ था । जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा भारत देश ने इंजीनियरिंग कॉलेज , वायुयान , होटल ,  इस्पात एवं कई तरह के स्टील उद्योग प्रारंभ किए गए थे । इन सभी उद्योगों को प्रारंभ करने में रतन टाटा जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी ।

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा ही देश में पहला वाणिज्यिक विमान आया था और भारत देश में वाणिज्यिक विमान सेवा टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की गई थी । समय बीतने के साथ-साथ आगे चलकर सन 1946 को जब हमारा देश आजाद हो गया था तब इस एयरलाइंस को एयर इंडिया कर दिया गया था । जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा ने टाटा एंड संस में अपने कैरियर की शुरुआत 1925 से की थी । उन्होंने 1925 को टाटा एंड संस की शुरुआत की और 14 उद्योगों से यह शुरुआत की थी ।

1938 में रतनजी दादाभाई टाटा को टाटा एंड संस का अध्यक्ष चुना गया था । उन्होंने यह अध्यक्ष पद 1938 से लेकर 23 जुलाई 1988 तक संभाला था । जब तक वह अध्यक्ष पद पर रहे उन्होंने भारत में कई उद्योग प्रारंभ किए थे । ऐसा कहा जाता है कि जब उन्होंने टाटा एंड संस की शुरुआत की थी तब सिर्फ 14 उद्योग ही प्रारंभ किए गए थे लेकिन 1988 को जब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया तब 95 उद्योग एक विशाल रूप ले चुके थे । जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा ने उद्योगों के साथ-साथ कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण भारत ने किया था ।

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा ने उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को कई तरह की सुविधाएं देने के लिए योजनाएं बनाई थी । जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा  बनाई गई योजनाओं को बाद में भारत सरकार के द्वारा लागू की गई थी । भारत में पहली बार उद्योगों में 8 घंटे काम करने की सुविधा जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा के द्वारा ही प्रारंभ की गई थी और इस कार्य समय अवधि को भारत सरकार ने भी अपनाया था ।

पुरस्कार – जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा को भारत में उद्योग प्रारंभ करने एवं कई उद्योगों को सफल बनाने के लिए भारत सरकार के द्वारा 1955 में पदम विभूषण से सम्मानित किया गया था । इसके बाद 1992 में जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा को भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है ।

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