नेटवर्क मार्केटिंग के हीरो जितेन्द्र प्रजापति जी के संघर्ष की कहानी Jitendra Prajapati Sir HHI Success story

Jitendra Prajapati Sir HHI Success story in hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज मैं आपको जिस इंसान के बारे में बताने वाला हूं वह एक ऐसे इंसान हैं जो हर उस नवयुवक के लिए प्रेरणा के स्त्रोत हैं जो अपने जीवन में सफल होना चाहते हैं, जो सफलता की बुलंदियों को छूना चाहते हैं।

Jitendra Prajapati Sir HHI Success story in hindi
Jitendra Prajapati Sir HHI Success story in hindi

वास्तव में मुझे खुशी है कि मुझे ऐसे नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेसमैन mr. जीतेंद्र प्रजापति जी के जीवन के बारे में लिखने का मौका मिल रहा है।

एक लड़का जब बड़ा होता है तो उसका अपने जीवन में कुछ करने का मकसद होता है और यदि वह लड़का किसी सही रास्ते पर चलकर जीवन में मेहनत करता है तो वास्तव में वह अपने परिवार की, अपनी हर परेशानी को दूर करने में सक्षम हो पाता है और एक सफल इंसान बन पाता है, ऐसेही जितेंद्र प्रजापति सर के साथ हुआ।

उन्होंने एक सही रास्ते पर चलकर कार्य करना शुरू किया, कुछ ही समय में वह सफलता की सीढ़ियां चढ़ने लगे और आज वह इतने सफल हो चुके हैं कि मैं उनके बारे में इसलिए अपनी वेबसाइट पर लिख रहा हूं जिससे अन्य लोग भी उनकी कहानी सेे प्रेरित होकर अपने जीवन में कुछ बड़ा कर सकें।

चलिए मिस्टर जीतेंद्र प्रजापति जी के जीवन के बारे में पढ़ते हैं

जन्म और परिवार– जितेंद्र प्रजापति जी का जन्म 7 जुलाई 1992 को राजस्थान के जिला बारा, ग्राम कड़हिया हाट में हुआ था। इनके पिता जी का नाम श्री नंदकिशोर प्रजापति एवं माता जी का नाम मगन बाई है। जितेन्द्र प्रजापति जी की पत्नी का नाम ज्योति प्रजापति है, इनका एक लड़का भी है।

पारिवारिक स्थिति– जितेंद्र प्रजापति जी की पहले की पारिवारिक स्थिति की बात करें तो जितेंद्र प्रजापति जी के पिताजी जब आज से कुछ साल पहले गुना आए थे तो वो मजदूरी का कार्य करते थे, उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।

इनके पिताजी ने अपनी मेहनत से एक छोटा सा घर बनवाया लेकिन अभी की पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति उनकी देखें तो इनका परिवार पूरी तरह से आर्थिक स्थिति सेे मजबूत है, हर कार्य में सक्षम है। जितेंद्र प्रजापति जी नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस के जरिए लाखों रुपए महीने का कमाते हैं। आज उन्हें मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे भारत देश में पहचाना जाने लगा है।

इनका एक सपना– जितेंद्र प्रजापति जी जब कम उम्र के थे तब इनके पिताजी ने कई तरह के कार्य करके मेहनत से एक कार खरीदी थी लेकिन किसी वजह से उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई, जिस वजह से उन्हें अपनी कार बेचना पड़ी और परिस्थिति को संभालना पड़ा।

तभी से जितेंद्र प्रजापति सर जब भी किसी व्यक्ति की कार देखते थे तब वो सोचते थे कि मैं भी मेहनत करूंगा और एक दिन मेरे पास भी कार होगी, उनका यह एक सपना ही था जो उन्हें नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस में सफल होने के लिए लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करता था।

कैरियर की शुरुआत और सफल होने तक की कहानी

जितेंद्र प्रजापति जी ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद  एक फार्मा कंपनी में जॉब की जिसमें वह महीने के ₹15000 कमाते थे।

इन्हें पहली बार जब नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस के बारे में जानने का मौका मिला तब इन्होंने कोई खास ध्यान नहीं दिया लेकिन जब इन्हें फिर से इनके पिताजी के एक मित्र ने नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी हैप्पी हेल्थ इंडिया का बिजनेस प्लान दिखाया तो इन्हें कुछ समझ आया तब से इन्होंने दिल से डिसीजन लिया कि मैं  इसमें कार्य करके अपने सारे सपने पूरे करके रहूंगा।

इन्होंने अपने नेटवर्क मार्केटिंग कैरियर की शुरूआत कंपनी हैप्पी हेल्थ इंडिया से सन 2017 से की। इसके बाद इन्होंने लोगों से मिलकर उन्हें कंपनी का बिजनेस प्लान दिखाना शुरू कर दिया। जब इन्होंने अपने दोस्तों को बिजनेस प्लान दिखाया तो दोस्तों ने इनका मजाक उड़ाया और कुछ दोस्तों ने इनका साथ भी छोड़ दिया।

धीरे-धीरे ये आगे बढ़ते गए लेकिन किसी वजह से यह अपने कार्य को समय नहीं दे पा रहे थे इसलिए इन्होंने अपनी नौकरी को छोड़ दिया। जिस समय इन्होंने नौकरी छोड़ी उसके कुछ ही समय बाद इनके सीनियर अपलाइन ने इनका साथ छोड़ दिया तो ये काफी दुखी हुए।

अब ये किसी भी तरह से इस कंपनी के जरिए पैसा कमाना चाहते थे इसलिए उन्होंने बाजार में तुलसी और इस कंपनी के कुछ प्रोडक्ट भी बेचना शुरू कर दिया और कुछ समय बाद इन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर शॉपी ली लेकिन उस समय इनके साथ ना तो कोई बिजनेस पार्टनर था और ना ही कोई यूजर, जिस वजह से इनकी शॉपी पर सामान खरीदने के लिए कोई भी नहीं आता था लेकिन इनके अंदर एक विश्वास था कि मैं जीवन में कामयाब होकर रहूंगा।

कुछ समय बाद जितेंद्र प्रजापति जी जिस upline के साथ कार्य करते थे उन्होंने बिजनेस करना छोड़ दिया इसके बाद उनके और भी सीनियर्स ने बिजनेस करना छोड़ दिया, यह सब देखकर जितेंद्र प्रजापति सर को थोड़ा बुरा लगा।

वह सोचने लगे कि ऐसा तो नहीं कि मैंने नौकरी छोड़कर कोई गलती कर दी हो लेकिन उनके पास सिर्फ अपना एक सपना था। एक दिन उनके मोबाइल से गलती से कंपनी के प्रोडक्ट ट्रेनर मिस्टर सुखजीत सिंह उप्पल जी को फोन लग गया था इसके बाद उनका जीवन ही परिवर्तित हो गया।

जितेंद्र प्रजापति जी ने हैप्पी हेल्थ इंडिया कंपनी में फिर से शुरुआत की और फिर जितेंद्र प्रजापति सर नहीं रुके वो लगातार मेहनत करते गए और सफलता की नई-नई ऊंचाइयों को छूते गए।

उपलब्धि– जितेंद्र प्रजापति जी हैप्पी हेल्थ इंडिया कंपनी के सबसे बड़े लेवल क्रॉउन स्टार पर पहुंच चुके हैं। आज उनका कार्य मध्य प्रदेश के अलावा कई सारे अन्य राज्यों में भी चल रहा है। जितेंद्र प्रजापति सर को हैप्पी हेल्थ इंडिया कंपनी की नेशनल कोर टीम 11 में शामिल किया गया है और उन्हें सम्मानित भी किया गया है।

जितेंद्र प्रजापति सर ने नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी हैप्पी हेल्थ इंडिया में कार्य करके टाटा कंपनी की टॉप मॉडल कार खरीदी हैं।

इनकी यात्राएं– जितेंद्र प्रजापति जी को इस नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस की वजह से गोवा, शिमला, मलानी, नेपाल आदि घूमने का मौका मिला है।

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