जेजुरी मन्दिर का इतिहास Jejuri temple history in hindi

Jejuri temple history in hindi

Jejuri temple – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से भारत देश के महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले में स्थित जेजुरी मंदिर के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं । तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को पढ़कर जेजुरी मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं ।

Jejuri temple history in hindi
Jejuri temple history in hindi

जेजुरी मंदिर के बारे में – भारत देश के महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले में स्थित जेजुरी मंदिर बहुत ही सुंदर और दर्शनीय है । जहां पर प्रतिवर्ष दूर-दूर से लोग जाते हैं और जेजुरी मंदिर की सुंदरता को देखकर अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । जेजुरी मंदिर को मराठी भाषा में खंडोबाची जेजुरी भी कहा जाता है । जेजुरी मंदिर एक पहाड़ी पर बना हुआ है जिस मंदिर तक पहुंचने के लिए तकरीबन 200 से भी अधिक सीढ़ियां चढ़ना पड़ती हैं ।जेजुरी मंदिर के प्रांगण में दीपमाला स्थित है जिसकी सुंदरता देखने के लायक है ।

मंदिर के प्रांगण में स्थित दीप माला में लोग एकत्रित होकर भजन कीर्तन करते हैं ।महाराष्ट्र के  जेजुरी मंदिर पर प्रतिवर्ष 6 दिवसीय मेले का आयोजन भी किया जाता है जिस मेले को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं और मेले में घूम कर जेजुरी मंदिर के दर्शन कर अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । जेजुरी के छह दिवसीय मेले का जो अंतिम दिन होता है उस अंतिम दिन को चंपा षष्ठी कहा जाता है । अब मैं आपको यह बता दूं की जेजुरी मंदिर को दो भागों में विभाजित किया गया है । इसका पहला भाग मंडप कहलाता है ।

जहां पर सभी दूर-दूर से आए हुए भक्तगण एकत्रित होते हैं और भगवान खंडोबा की पूजा अर्चना करते  हैं । मंदिर का दूसरा भाग गर्भ ग्रह है । जहां पर खंडोबा भगवान की सुंदर प्रतिमा विराजमान है । जब भक्तगण मंदिर के दूसरे भाग गर्भ गृह में प्रवेश करते हैं तब वह भगवान खंडोबा के दर्शन करके अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । इस मंदिर की सुंदरता और बनावट को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि यह मंदिर हेमाड़ पंथी शैली में बनाया गया होगा । मंदिर के अंदर एक बड़े से आकार का कछुआ बना हुआ है ।

यह कछुआ पीतल का बना हुआ है जिसकी सुंदरता भी दर्शनीय है । यह मंदिर वहां के आसपास के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है । मराठी लोगों के साथ-साथ कई लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है । यह मंदिर खंडोबा भगवान को समर्पित है । खंडोबा भगवान को कई लोग मार्तंण्ड भैरव और मल्हारी नाम से भी पुकारते हैं । यदि इस मंदिर की सुंदरता को देखना है तो इस मंदिर के दर्शनों के लिए अवश्यय जाना चाहिए ।

इस मंदिर की स्थापना को लेकर ब्रह्मांण्ड पुराण में यह बताया गया हैै कि जब मल्ला और मणि ने भगवान ब्रह्मा जी की कठोर तपस्या की थी  तब ब्रह्मा जी के द्वारा दोनों राक्षसों को शक्तिशाली होने का वरदान दिया गया था । दोनों राक्षस शक्तिशाली होने का वरदान प्राप्त करके अपने आप को शक्तिशाली समझने लगे थे । वह लोगों पर अत्याचार करने लगे थे । इसके बाद शंकर भगवान ने दोनों राक्षसों के अत्याचार को खत्म करने के लिए खंडोबा भगवान का रूप धारण करके पृथ्वी पर आए थे और भोलेनाथ भगवान ने राक्षसों का वध करके लोगों को अत्याचार से बचाया था ।

जहां पर राक्षसों का वध किया गया था वहां पर खंडोबा भगवान का मंदिर भी बना हुआ है जिस मंदिर के दर्शन करके सभी लोग अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । लोगों की आस्था खंडोबा भगवान के प्रति देखते हुए राज्य सरकार की ओर से जेजुरी मंदिर के विकास कार्य कराए जाते हैं । यदि आप जेजूरी मंदिर की सुंदरता देखना चाहते हो तो महाराष्ट्र  जाकर पुणे जिले में जाकर जेजुरी मंदिर के दर्शन अवश्य करना चाहिए । वहां की सुंदरता , लोगों की भीड़ बहुत अच्छी लगती है । जब जेजुरी मंदिर पर छह दिवसीय मेले का आयोजन कराया जाता हैं तब इस मेले को देखने के लिए अवश्य जाना चाहिए ।

जब यहां पर मेले का आयोजन किया जाता है तब जेजुरी मंदिर की सुंदरता और भी सुंदर दिखाई देने लगती है । मेले में जाने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि हम जन्नत में आ गए हो और खंडोबा भगवान हमें आशीर्वाद दे रहे हो ।

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