गायो की देखभाल और मदद कैसे करते-लाला रघुनाथ सहाय जी

लाला रघुनाथ सहाय जी हरियाणा के रहने वाले थे,वोह बचपन से ही गाये की सेवा करते थे,उन्हें गायो से बहुत ही प्रेम था,उन्होंने अपने जीवन में बहुत सारी गायो को कसाइयो के चंगुल से बचाई थी.कई गायो के बदले में इन्होने कसाइयो को पैसे दिए


इसके आलावा एक बार एक कसाई एक गाये को गुसलखाने की ओर ले जा रहा था,तब वही से लाला रघुनाथ सहाए जी गुजर रहे थे,उन्होंने ये देखकर अपनी लाठी जमीं पर पटकी और जोर से बोले अबे ओ जल्लाद गाये को छोड़ दे .

इस पर कसाई ने कहा नहीं छोडूंगा,लालाजी ने चुनोती देते हुए लाठी हवा में घुमाते हुए बोले गाये या तोह छोड़ दे वरना वरना एक ही लाठी के बार से काम तमाम कर दूंगा.कसाई बोला –लाला जेल जाओगे,लालाजी बोले अरे कसाई में तोह कभी न कभी जेल से बापिस आ ही जाऊँगा लेकिन तू कवर से कभी वापिस नहीं आ सकेगा.इतना सुनकर कसाई को गाये छोड़कर भागना पड़ा. लाला जी delhi में रहते थे,एक बार उन्हें सन्देश मिला की हरियाणा में उनका एक दोस्त कुछ समय का ही मेहमान है,इसलिए वोह आपसे मिलना चाहता है तोह लाला जी उनसे मिलने गए,वहा पहुचकर वोह अपने दोस्त से मिले .

उनका दोस्त बोला की में तोह अब कुछ ही छनों का मेहमान बचा हु ,तुम मेरी बेटी की शादी करवा देना.
इस पर लालाजी बोले की मेने अपनी जिंदगी में कई लडकियो की शादी करवाई है फिर तेरी बेटी तोह मेरी बेटी के सामान ही है,तू निच्चिंत रह में तेरी बेटी की शादी बहुत ही धूम धाम से करूँगा,लालाजी ने अपने दोस्त की बेटी की शादी बड़े ही धूमधाम से की,लालाजी ने इक्छा मर्त्यु प्राप्त की.

लालाजी ने जाते समय हम सबको कुछ सन्देश दिए-
(1)कभी भी बेईमानी का पैसा मत कमाना .
(2)गाय हमारी माता है इसकी हमेशा हेल्प करना चाहिए .
(3)जिंदगी भर गरीब की सहायता के लिए हमेशा आगे रहना .

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