हिन्दी सिनेमा का इतिहास hindi cinema history in hindi

hindi cinema history in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस लेख के माध्यम से हिंदी सिनेमा जगत के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं । चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस लेख को पढ़कर हिंदी सिनेमा जगत के इतिहास को जानते हैं । हिंदी सिनेमा का इतिहास काफी पुराना माना जाता है । भारत में हिंदी सिनेमा का आरंभ 1895 के दशक में हुआ था । 1895 को लुमियर ब्रदर्स ने पेरिस सैलून सभा भवन ने इंजन ट्रेन की पहली फिल्म दिखाई थी । इसके बाद 7 जुलाई 1896 को यह फिल्म बंबई के वाटसन होटल में दिखाई गई थी ।

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इस फिल्म का पहला शो वाटसन होटल में दिखाया गया था और काफी लोग इस फिल्म को देखने के लिए आए  थे । 1902 के दशक के आसपास अब्दुल्ली इसोफल्ली एवं जे.एस मादन के द्वारा खुले मैदानों में घूम कर एवं तंबू में बाइस्कोप  फिल्म का प्रदर्शन किया गया था । इन्हीं लोगों के द्वारा भारत के म्यामार से लेकर श्री लंका तक सिनेमा को पहुंचाया गया था एवं सिनेमा जगत का साम्राज्य इन्हीं लोगों के द्वारा फैलाया गया था ।

भारत के प्रारंभिक हिंदी सिनेमा में संगीत हारमोनियम एवं पियानो के द्वारा गाया जाता था । पूरा सिनेमा इन्हीं पर निर्भर करता था । जिनकी आवाज प्रोजेक्टर की गड़गड़ाहट में खो जाती थी । 1901 में कोलकाता के एक क्लासिक थिएटर में सीताराम , अलिबाबा , बुद्ध नामक नाटकों की फोटोग्राफी की गई थी और यह फोटोग्राफी पहली बार हीरालाल सेन के द्वारा की गई थी । समय बीतता गया और भारत की पहली हिंदी फिल्म 1913 को दादा साहेब फाल्के के द्वारा बनाई गई थी ।

इस फिल्म का नाम राजा हरिश्चंद्र था । भारत के हिंदी फिल्म जगत में यह फिल्म बहुत ही लोकप्रिय रही थी । इस फिल्म के बाद भारतीय हिंदी फिल्म सफलता प्राप्त करती गई और 1930 के दशक तक लगभग 200 फिल्में  प्रतिवर्ष भारत में बनी थी । भारत में पहली बोलती फिल्म अर्देशिर ईरानी द्वारा बनाई गई थी और इस फिल्म का नाम था आलम आरा । 2016 के सर्वे के अनुसार भारत में तकरीबन 6000 सिंगल प्लेक्स स्क्रीन सिनेमा घर हो चुके हैं ।

मल्टीप्लेक्स स्क्रीन सिनेमाघरों की संख्या 2100 हो चुकी है । भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फालके जी हैं ।भारतीय सिनेमा जगत ने बहुत जल्दी सफलता प्राप्त की है । बीसवीं सदी में भारतीय सिनेमा चीनी उद्योग एवं संयुक्त राज्य अमेरिका का सिनेमा हॉलीवुड के साथ वैश्विक उद्योग बन चुका है । पूरे विश्व में भारत वार्षिक फिल्म बनाने में पहले नंबर पर है और आज भारतीय फिल्म पूरे विश्व में प्रसिद्ध है । हिंदी फिल्म के साथ-साथ भारत में कई भाषाओं पर फिल्में बनाई जाती हैं जैसे कि तमिल , मलयालम , तेलुगू आदि ।

आज के दौर में भारतीय फिल्मों के गाने पंजाबी , मुंबई भाषा में गाए जाते हैं । भारतीय गानों में राजस्थानी भाषा का भी उपयोग किया जाता है ।हिंदी जगत फिल्मों के आरंभ के समय फिल्में राजा महाराजाओं पर आधारित होती थी । इसके बाद द युद्ध पर फिल्में बनाई गई , इसके बाद प्रेम प्रसंग पर आधारित घटनाओं पर फिल्में बनाई गई हैं । भारतीय सिनेमा जगत ने दिन प्रतिदिन सफलता प्राप्त की है । आज भारतीय हिंदी फिल्म विदेशों के सिनेमाघरों में भी दिखाई जाती है ।

आज भारतीय फिल्मों की शूटिंग हिंदुस्तान के साथ साथ विदेशों के जाने-माने शहरों में भी की जाती है । जब भारत की पहली फिल्म राजा हरिश्चंद्र बनाई गई थी तब यह फिल्म ब्लैक एंड व्हाइट बनाई गई थी । आजकल की सभी फिल्में रंगीन पर्दे पर दिखाई जाती हैं । भारतीय हिंदी फिल्मों में भारतीय संस्कृति को दिखाया जाता है । भारतीय हिंदी फिल्मों में कहानी बहुत ही रोमांचक होती है क्योंकि भारतीय हिंदी फिल्मों में लड़ाई , प्रेम एवं  भारतीय संस्कृति को दिखाया जाता है ।

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