गोदावरी नदी की आत्मकथा Godavari nadi ki atmakatha in hindi

Godavari nadi ki atmakatha in hindi

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं गोदावरी नदी की आत्मकथा तो चलिए पढ़ते हैं गोदावरी नदी की आत्मकथा।

Godavari nadi ki atmakatha in hindi
Godavari nadi ki atmakatha in hindi

मैं गोदावरी नदी हूं मेरे बारे में जानकारी आपको रामायण में पढ़ने को भी मिलती है क्योंकि रामायण की कई कथाएं गोदावरी नदी के आसपास ही घटित हुई है।

मैं एक पवित्र नदी हूं भगवान श्री रामचंद्र जी के पिता जी का देहांत हुआ था तब गोदावरी नदी में ही उनके पिताजी का पिंड दान किया था। इस गोदावरी नदी का यानी मेरा बहुत ही महत्व है। मैं भारत देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध हूँ।

मेरे तट के आसपास कई धार्मिक स्थल भी हैं जो कि काफी विख्यात है। गोदावरी महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है। गोदावरी नदी दक्षिण भारत की प्रमुख नदी है इसे दक्षिणी गंगा भी कहा जाता है। गोदावरी नदी की कई मुख्य शाखाएं हैं वास्तव में मेरी आत्मकथा यही है।

दोस्तों गोदावरी नदी की आत्मकथा पर मेरे द्वारा लिखा यह आरतीकल Godavari nadi ki atmakatha in hindi आप अपने दोस्तों में शेयर करें और हमें सब्सक्राइब करें जिससे इस तरह के बेहतरीन आरतीकल आपको पढ़ने को मिल सके।

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