गणेश और तुलसी की कहानी Ganesh and tulsi story in hindi

Ganesh and tulsi story in hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज की हमारी कहानी श्री गणेश और तुलसी के बारे में है दोस्तों हम सभी जानते हैं कि श्री गणेश जी की पूजन में कभी भी तुलसी के पत्ते नहीं रखे जाते क्योंकि श्रीगणेश और तुलसी में एक बार विवाद हुआ था

Ganesh and tulsi story in hindi
Ganesh and tulsi story in hindi

ये कहानी कुछ इस प्रकार है की गणेश जी गंगा नदी के किनारे अपनी तपस्या में व्यस्त थे इधर तुलसी अपने पति पाने की इक्षा को लेकर सारे तीर्थों की यात्रा करते हुए गंगा नदी के पास आई जब उन्होंने सुंदर वस्त्र धारी श्री गणेश को देखा तो वह उन्हें देखकर मोहित हो गई उन्होंने उनसे विवाह करने का सोचा.तुलसी ने श्री गणेश का ध्यान भंग करने की कोशिश की जब श्री गणेश ध्यान से भंग हुए तो उन्हें बुरा लगा तब तुलसी ने श्री गणेश से विवाह करने की अपनी इच्छा बताई इस पर श्री गणेश ने कहा कि मैं बाल ब्रहमचारी हु में विवाह नहीं करूंगा.

तुलसी गणेश जी की ये बात सुनकर बेहद दुखी हुई और उन्होंने गणेश जी को श्राप दिया कि तुम्हारी दो शादीया होये इसपर गणेश जी ने भी क्रोधित होकर तुलसी को यह श्राप दे दिया कि तुम्हारा विवाह एक राक्षस से हो.तुलसी गणेश जी के द्वारा दिए गए श्राफ को सुनकर बेहद दुखी हुई तब श्री गणेश ने कहां की तुम एक पौधे का रूप लोगी भगवान की पूजा में तुम्हारा उपयोग का एक विशेष महत्व होगा बस मेरी पूजा में ही तुम्हारा उपयोग नहीं होगा.

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