फतेहपुर सिकरी का रोचक इतिहास fatehpur sikri history in hindi

fatehpur sikri history in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से फतेहपुर सिकरी के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं ।चलिए अब हम आगे बढ़कर इस लेख को पढ़कर फतेहपुर सिकरी के इतिहास को जानते हैं । फतेहपुर सिकरी का इतिहास काफी रोचक एवं पुराना माना जाता है । ऐसा कहा जाता है कि फतेहपुर सिकरी का निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था । फतेहपुर सिकरी उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में बसा हुआ एक शहर है । जिसका इतिहास काफी पुराना है ।

fatehpur sikri history in hindi
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फतेहपुर सिकरी के महल एवं दार्शनिक स्थल बहुत ही सुंदर हैं । फतेहपुर सिकरी के महलों को लाल पत्थरों के द्वारा बनवाया गया था । यहां के स्मारक देखने के लायक हैं । लाखों लोग फतेहपुर सिकरी को देखने के लिए आते हैं । फतेहपुर सिकरी का निर्माण अकबर ने करवाया था । जब अकबर ने यह शहर बनवाया था तब इस शहर का नाम विजयपुर सिकरी रखा था ।अकबर ने 1569 में इस शहर पर कब्जा कर लिया था और इस शहर को अपनी राजधानी बनाई थी ।

सन 1571 से लेकर 1585 तक फतेहपुर सिकरी मुगल साम्राज्य की राजधानी रही थी । फतेह एक अरबी शब्द है । अरबी शब्द से इसको लिया गया है । जिसका वास्तविक अर्थ होता है विजय पाना । अब हम आपको इस शहर के निर्माण के बारे में बताने जा रहे हैं । अकबर ने अपनी शक्ति और सेना की ताकत से रणथंबोर एवं चित्तौड़ पर जीत हासिल कर ली थी और अपना कब्जा जमा लिया था । अकबर ने अपनी राजधानी को इसी जगह पर ना बना कर 23 मील दूर बनाने की योजना तैयार की थी ।

अकबर ने एक नए शहर का निर्माण किया । इस शहर के निर्माण में तकरीबन 15 साल लग गए थे । इस शहर में राज महल , मस्जिद , इमारत , कोर्ट बनवाए गए थे । जब यह नया शहर बनकर तैयार हो गया था तब इस शहर का नाम फतेहबाद रखा गया था लेकिन बाद में इस शहर का नाम बदल दिया गया था और इसका नाम फतेहपुर सिकरी रख दिया गया था ।कई सफल काम अकबर ने फतेहपुर सिकरी में किए थे ।जैसे कि अकबर के द्वारा फतेहपुर सिकरी में नवरत्नों का निर्माण किया गया था ।

जब फतेहपुर सिकरी में स्थित स्मारकों को हम देखते हैं तब अकबर की महानता दिखाई देती है । अकबर ने फतेहपुर सिकरी पर अपना राज्य स्थापित किया था । 1585 के समय अकबर ने इस शहर को छोड़ दिया था और अपनी राजधानी लाहौर में बना ली थी । इस शहर को छोड़ने का सबसे बड़ा कारण था राजपूतों का उत्तर दक्षिण में आ जाना । जब राजपूतों ने उत्तरी दक्षिण पर अपना कब्जा जमा लिया तब अकबर ने 1585 को यह शहर छोड़ दिया था ।

सन 1598 को अकबर अपनी सेना के साथ पुनः इस शहर में वापस आया और अपना राज स्थापित करके यहां पर रहने लगा था । इसके बाद अकबर की नजर डेक्कन पर गई और डेक्कन पर अपना आधिपत्य स्थापित करने लगा । 1719 से 1748 तक फतेहपुर सीकरी पर मुगल सम्राट मुहम्मद शाह एवं उनके करीबी सहयोगी सईद हुसैन अली खान के द्वारा इस शहर को अपने कब्जे में ले लिया गया था । 1720 के समय में मुहम्मद साहब की चाल बाजी से हत्या कर दी गई थी ।

मुहम्मद साहब की मौत के बाद इस शहर से मुगलों का शासन खत्म हो गया था । जब मुगलों का शासन यहां से खत्म हुआ तब मराठों ने अपना आधिपत्य यहां पर स्थापित कर लिया था । मराठों के बाद ब्रिटिश शासन की नजर इस शहर पर पड़ी और मराठा से ब्रिटिश शासन ने यह शहर छीन लिया था । ब्रिटिश शासन इस शहर का उपयोग सैनिक ट्रेनिंग के लिए करती थी । 1885 के समय फतेहपुर सिकरी में एक नगरपालिका स्थापित की गई थी । यह नगर पालिका फतेहपुर सीकरी में 1904 तक रही थी ।

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