गर्मी का एक दिन पर निबंध Essay on summer season in hindi

Essay on summer season in hindi

Essay on summer season in hindi-दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल garmi ka ek din essay in hindi आपके लिए बहुत ही मददगार साबित होगा दोस्तों हम पहले भी आपके लिए बहुत से निबंध प्रस्तुत कर चुके हैं जिनका उपयोग आप अपनी school,कॉलेज की परीक्षा में निबंध लिखने के लिए कर सकते हैं.दोस्तों चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को.

Essay on summer season in hindi
Essay on summer season in hindi

दोस्तों मौसम तरह तरह के होते हैं इन मौसमों में लोग अपने अपने हिसाब से दिन व्यतीत करते हैं.सर्दी के मौसम में सर्दी के कारण लोग कापते रहते है और और घरो में छुपकर बेठ जाते है,बरसात के मौसम में ज्यादा बरसात होती है जिससे हमारे बहुत से कामो में थोडा व्यावधान हो जाता हैं क्योकि कभी कभी तो बरसात का पानी लम्बे समय तक गिरता ही रहता हैं लेकिन बरसात का मौसम हर किसी के लिए यादगार भी हो सकता है.गर्मी के मौसम में लोगो को कभी कभी तो इतनी गर्मी लगती है की वो पसीना पसीना हो जाते है

लेकिन गर्मी के दिनों की कुछ यादे जरुर रह जाती हैं जिसे हम जानते हैं.गर्मी का मौसम कुछ लोगों के लिए एक अच्छा मौसम भी होता है वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों को इसमें बहुत सी परेशानी का सामना करना होता है क्योंकि गर्मी के मौसम में गर्मी पड़ती है जिससे कभी भी लोग गर्मी में घूमना पसंद नहीं करते क्योंकि घूमते समय गर्मी लगती है.कभी कभी तो लोग गर्मी के कारण बीमार तक पड़ जाते हैं.

गर्मी का मौसम लगभग अप्रैल से शुरू हो जाता है और यह जून-जुलाई के आस-पास तक रहता है.गर्मी में लोगों को हवा में घूमने का शौक होता है वह सुबह और शाम हवा में घूमने के लिए जाते हैं क्योंकि दिन में गर्मी के कारण लोग पसीना-पसीना हो जाते हैं और रात में वह अपने घर की छत पर सो जाते हैं वहीं दूसरी ओर हम देखें तो गर्मी के मौसम में कुछ लोग बेहद खुश होते हैं जैसे की अध्यापक या स्टूडेंट जिनको गर्मी के दिनों में छुट्टी मिलती है और वह अपना समय खेलने-कूदने या पतंग उड़ाने या फिर बाहर घूमने में पसंद करते हैं.गर्मी का मौसम एक बहुत ही अच्छा मौसम है.

जब में छोटा था तो गर्मी के दिनो में मैं अपने दोस्तों के साथ पतंग उड़ाता था गर्मियों के दिनों में स्कूल जाने की जरूरत नहीं रहती थी क्योंकि इन दिनों हमारे स्कूल की छुट्टियां हुआ करती थी तो हम दोपहर के टाइम घर पर ही आराम करते थे लेकिन जैसे ही शाम का समय शुरू होता था यानी गर्मी कम होती जाती थी तो हम सभी दोस्त मिलकर अपनी अपनी छत पर पतंग उड़ाया करते थे इस काम में हमारा बड़ा ही मन लगता था.कभी कभी पतंग उड़ाते समय मुझे गर्मी भी लगती थी और चेहरे से थोड़ा पसीना भी निकलता था लेकिन वह भी गर्मी के मौसम में अच्छा लगता था और मुझे पतंग उड़ाते हुए खुशी का अनुभव होता था.

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भले ही गर्मी के दिनों में हमें गर्मी लगती है,हम पसीने-पसीने हो जाते हैं लेकिन फिर भी हम खुश रहते थे क्योंकि गर्मियों के दिनों में हम बिल्कुल आजाद थे,मुझ पर किसी भी तरह का पढ़ाई का जोर नहीं था,मैं अपनी मर्जी से गर्मी के दिनों में कुछ भी करता था,मैं गर्मी के दिनों में खेलता था साथ में पतंग उड़ाता था मुझे इसमें बड़ी ही खुशी मिलती थी.गर्मी के दिन मेरे लिए बहुत ही उत्साह पूर्ण दिन थे.हम कभी-कभी सुबह के टाइम भी पतंग उड़ाने के लिए अपनी अपनी छत पर चले जाते थे.

हमें पतंग उड़ाने में बहुत ही खुशी का अनुभव होता था उसके बाद मैं श्याम को गर्मी की वजह से छत पर अपने मम्मी पापा के साथ सोता था क्योंकि कमरे में गर्मी लगती थी और कभी-कभी रात के वक्त लाइट भी चली जाती थी इस वजह से गर्मी मैं हम सभी छत पर सोते थे.छत पर थोड़ी हवा चलती थी इस वजह से हम छत पर अच्छा महसूस करते थे.कभी-कभी तो मैं गर्मी के दिनों में श्याम को पतंग उड़ाता था और रात के टाइम भी अपने पलंग पर सोते सोते पतंग उड़ाता था मेरे गर्मी का दिन बहुत अच्छा जाता था कभी-कभी तो मैं गर्मियों के दिनों में अपने मामा और मौसी के लड़के को बुलवा लेता था हम दोनों बहुत देर तक गर्मी के दिनों पतंग उड़ाते थे.

मुझे बहुत ख़ुशी मिलती थी क्योंकि मेरे मामा और बुआ जी के लड़के इस टाइम मुझसे मिलने आते थे एक दिन गर्मी का दिन था जिस दिन मेरे मामा और मौसी के लड़के आए हुए थे हमने दिन भर मस्ती की,तरह तरह के खेल खेले और दोपहर 2:00 बजे से ही हमने पतंग शुरू उड़ाना शुरू कर दिया.शाम तक हमने पतंग उड़ाई.पतंग उड़ाने में हम इतने बिजी थे की हम खाना खाना तक भूल गए उसके बाद हम सभी ने मिलकर खाना खाया और फिर सभी छत पर आकर सो गए.

इस तरह से गर्मी का दिन मेरे लिए बहुत ही अच्छा दिन रहा क्योंकि इसमें मुझे बहुत सा समय घूमने के लिए,मस्ती करने के लिए और अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए काफी समय मिलता है और मुझे इस मौसम में कोई भी खेलने से नहीं रोकता है और मुझे अपने भाई बहनों से मिलने का भी मौका इन दिनों मिलता है जिससे मुझे बेहद ख़ुशी का अनुभव होता है इसलिए में कह सकता हु की गर्मी के दिनों में भले ही गर्मी के कारण लोग पसीना पसीना हो जाते है लेकिन बच्चे इन दिनों बहुत ख़ुशी का अनुभव करते है क्योकि इन दिनों वो खेलने कूंद्ने के लिए पूरी तरह आजाद होते हैं.

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