Essay on कोरोना काल के बाद स्कूल का खुलना

Essay on कोरोना काल के बाद स्कूल का खुलना

Essay on कोरोना काल के बाद स्कूल का खुलना
दोस्तों मेरे द्वारा लिखित कोरोनावायरस के बाद स्कूल का खुलना पर निबंध आप जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के इस आर्टिकल को

Essay on कोरोना काल के बाद स्कूल का खुलना
Essay on कोरोना काल के बाद स्कूल का खुलना

कोरोनाकाल के बाद स्कूल खोलने की बात करें तो कोरोनाकाल के बाद स्कूल पहले की तरह खुल सकेंगे और सभी छात्र पहले की तरह अपनी नॉर्मल जिंदगी जी सकेंगे।

कोरोनाकाल के बाद वह बिना मास्क के घूम सकेंगे, अपने दोस्तों से मिल सकेंगे, एक दूसरे को अपनी चीजें शेयर कर सकेंगे लेकिन यदि आप सोचें कि कोरोनाकाल खत्म हो गया है तो यह आपकी बहुत बड़ी गलती है क्योंकि अभी कोरोनाकाल खत्म नहीं हुआ है।

आज भी हमारे भारत देश में हजारों कोरोनावायरस मरीज आ रहे हैं और बहुत से लोग अपनी जान को गवा रहे हैं इसलिए यदि कोई छात्र स्कूल जाता है तो उसे बड़ी सावधानी से अपनी क्लास अटेंड करना चाहिए।

माता-पिता को भी चाहिए कि वह अपने बच्चों को समझाकर स्कूल भेजें, बिल्कुल भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने से ना रुके, मास्क पहने, दूरी बनाए रखें, साबुन या हैंड वॉश से बार-बार हाथ धोते रहें जिससे छात्र अपने जीवन को बचा सके और इस बीमारी को रोक सके।

हां हम यह कह सकते हैं कि अभी कुछ समय पहले जब भारत देश में दूसरी कोरोनावायरस की लहर आई थी तब लॉकडाउन लगा दिया गया था और बहुत ज्यादा कोरोनावायरस के मरीज हमारे भारत देश में आने लगे थे, बहुत ज्यादा लोग मारे जा रहे थे लेकिन अब परिस्थिति काफी सम्भली हुई है।

कई भारत देश के राज्य ऐसे हैं जहां पर बहुत ही कम या गिने-चुने मरीज आ रहे हैं लेकिन ऐसा एक बार हो चुका हैं जब केस बहुत ही कम आ रहे थे लेकिन फिर भी हमारे भारत देश में कोरोनावायरस की दूसरी लहर आ गई।

भारत देश में वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम चल रहा है। सभी को वैक्सीन जरूर लगवाना चाहिए। यदि हम सभी व्यक्ति लगवा लेते हैं तो कुछ समय में ही या कुछ महीनों या साल के बाद हम बिना मास्क पहने आसानी से स्वतंत्रतापूर्वक घूम सकते हैं।

जरूर ही कुछ महीनो या सालों में यह रुक जाएगा।
कोरोना काल के बाद स्कूल पहले की तरह नॉर्मल स्थिति में होंगे, बच्चे काफी खुश होंगे वह अपने दोस्तों के साथ स्कूल के झूले पर झूल रहे होंगे, एक दूसरे के साथ खेल कूद कर रहे होंगे, उन्हें बिल्कुल भी रोक टोक नहीं होगी।

वो खुशहाल जिंदगी जीते हुए रोज सुबह, दोपहर स्कूल जा रहे होंगे वास्तव में कोरोना काल के बाद स्कूल मैं जब बच्चे पहुंचेंगे तो वह काफी खुश होंगे।

आज भी हम देखें तो हमारे भारत देश में कई ऐसे राज्य हैं जो धीरे-धीरे स्कूल खोल रहे हैं। पहले सरकार बड़े छात्रों को जो नबी से लेकर 12वीं तक के क्लास में पढ़ते हैं उनको स्कूल जाने की अनुमति दे रही है।

अब धीरे-धीरे कई राज्य अन्य क्लास को भी यह अनुमति दे रहै है कि उस कक्षा के छात्र भी स्कूल आ सकेंगे अब यह माता-पिता की जिम्मेदारी है, उनकी सोच है कि वह अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाते हैं या अभी उनको और भी समय चाहिए।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखित निबंध को आप शेयर करना ना भूलें।

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