नीति आयोग पर निबंध essay on niti aayog in hindi

essay on niti aayog in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से नीति आयोग पर लिखे  निबंध के बारे में बताने जा रहे हैं . चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और नीति आयोग पर लिखे इस निबंध को गहराई से पढ़ते हैं . नीति आयोग का गठन केंद्र की सरकार के द्वारा किया गया है . नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को किया गया था . जब केंद्रीय सरकार के द्वारा नीति आयोग के गठन की घोषणा की गई थी तब कई तरह के प्रश्न नीति आयोग के गठन पर विपक्ष के द्वारा उठाए गए थे .

essay on niti aayog in hindi
essay on niti aayog in hindi

नीति आयोग से पहले योजना आयोग के द्वारा काम किया जाता था . नीति आयोग के गठन के बाद बहुत सारे विषय पर चर्चा की गई और नीति आयोग का गठन किया गया . नीति आयोग का पूरा नाम नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर  ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया है . नीति आयोग का गठन भारत देश एवं भारत के सभी राज्यों के आर्थिक समृद्धि एवं विकास के लिए किया गया है . नीति आयोग का गठन करने का सबसे बड़ा उद्देश्य यह था की केंद्र सरकार एवं राज्यों की  सरकारों के बीच  संबंध मजबूत हो .

नीति आयोग केंद्र एवं राज्य के सभी लोगों के संबंध मजबूत करने में सहयोगी होगी . नीति आयोग के द्वारा ही सक्रिय सहभागी विकास  सिद्धांतों के  माध्यम से देश एवं राज्य के विकास के हित में योजना बनाएगी . नीति आयोग ही देश की बड़ी एवं छोटी योजनाओं का निर्धारण करेगी . आने वाले समय में किस तरह से आर्थिक स्थिति को सुधारा जाए , आने वाले समय में किस  तरह की समस्याएं आने वाली हैं इस पर नीति आयोग योजनाएं तैयार करेगी और पूरे देश के सभी वर्ग के लोगों तक उस योजना का लाभ पहुंचाएगी .

नीति आयोग के गठन के बाद यह तय किया गया कि नीति आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री को बनाया जाएगा और उपाध्यक्ष प्रधानमंत्री के द्वारा चुना जाएगा . गवर्निंग काउंसिल के तौर पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल मौजूद रहेंगे . विशेष आमंत्रित सदस्य भी मौजूद होंगे , जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य रहेंगे  जिनका चुनाव प्रधानमंत्री के द्वारा किया जाएगा . इसके बाद पूर्णकालिक सदस्य भी नीति आयोग में शामिल होंगे जिनकी संख्या पांच होगी .

नीति आयोग में अंशकालिक सदस्य भी होंगे जिसमें दो पदेन सदस्य एवं विश्वविद्यालय शिक्षक भी क्रम से लिए जाएंगे . इसके बाद नीति आयोग के सदस्यों में पदेन सदस्य भी होंगे . पदेन सदस्य के रूप में चार केंद्रीय मंत्रियों को चुना जाएगा . इसके बाद नीति आयोग में  सीईओ को भी नियुक्त किया जाएगा . सीईओ का चुनाव करने के लिए भी बहुत सोच विचार कर सुनिश्चित किया गया है . नीति आयोग का सीईओ केंद्र के सचिव स्तर का अधिकारी होना चाहिए . जिसे  निश्चित समय अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा .

नीति आयोग का सबसे बड़ा कार्य केंद्र एवं राज्य की सरकारों को राष्ट्रीय एवं राज्य के हितों के  मुद्दों के लिए परामर्श देना है . इसलिए नीति आयोग को परामर्श दात्री संस्था भी कहा जाता है . अब हम आपको बता दें कि जब नीति आयोग का गठन नहीं किया गया था तब सभी मंत्रालयों के बजट प्रस्ताव को योजना आयोग प्रेषित करता था . अब  यह सभी अधिकार  मंत्रालयों के पास आ गए हैं . यह सब बदलाब  देश एवं राज्यों के विकास के लिए किए गए हैं . इसलिए नीति  आयोग का गठन किया गया है .

नीति आयोग की पहली मीटिंग 2015 में की गई थी और नीति आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना गया था . सीईओ के रूप में अमिताभ कांत को चुना गया था . पदेन सदस्य के रूप में चार केंद्रीय मंत्रियों को चुना गया था . जिनके नाम निर्मला सीतारमण , राजनाथ सिंह , पीयूष गोयल एवं नरेंद्र सिंह तोमर है . पूर्णकालिक सदस्य के रूप में विजय कुमार सारस्वत को चुना गया था जो पूर्व के डीआरडीओ के सचिव थे . पूर्णकालिक सदस्य के रूप में विवेक देवराय को भी चुना गया था जो कि एक अर्थशास्त्री हैं .

पूर्णकालिक सदस्य के रूप में रमेश चंद्र को चुना गया है जो एक कृषि  विशेषज्ञ है . विशेष आमंत्रित के तौर पर नितिन गडकरी , रमेश पोखरिया एवं थावर चंद्र गहलोत को नीति आयोग में शामिल किया गया है . नीति आयोग का गठन करने का सबसे बड़ा उद्देश्य था देश एवं भारत देश के सभी प्रदेशों को विकासशील बनाना , आर्थिक मजबूती प्रदान करना . हाल ही के लिए एवं आने वाले भविष्य के लिए किस तरह की योजनाएं भारत देश के विकास के लिए तैयार की जाए इसका फैसला नीति आयोग के द्वारा किया जाता है .

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