मेरा प्रिय खेल शतरंज पर निबंध Essay on my favourite game chess in hindi

Mera priya khel chess essay in hindi

हमारे देश में कई तरह के गेम्स खेले जाते हैं जैसे कि क्रिकेट , फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी । इन्हीं गेमों में एक गेम है चैस , यह गेम हमारे भारत मैं शुरू किया गया था । पुराने समय के लोग यह गेम खेलते थे इस गेम के माध्यम से हमारे दिमाग का विकास होता है । इस गेम को जब कोई समझता नहीं है तो उसको कठिन लगता है जब वह इस गेम को सीख लेता है तो यह गेम बड़ा ही आसान लगता है, इस गेम को खेलने में बढ़ा ही मजा आता है।

Mera priya khel chess essay in hindi
Mera priya khel chess essay in hindi

शतरंज खेल की उत्पत्ति छठवीं शताब्दी में हुई और इस खेल को बुद्धिजीवियों का खेल के नाम से जाना जाता है क्योंकि इस खेल को खेलने के लिए दो व्यक्ति आमने सामने होते हैं और वह दोनों व्यक्ति अपने पूरे दिमाग से इस गेम को खेलते हैं जैसे ही सामने वाला व्यक्ति गलत चाल चलता है तो उसका फायदा उसके सामने वाले व्यक्ति को हो जाता है । इसकी जितनी भी चाल चली जाती हैं वह सोच-समझकर ही चली जाती हैं इसीलिए इस गेम को बुद्धिजीवियों का गेम कहा गया ।

शतरंज के खेल में 64 वर्ग होते हैं और 16 सिक्के होते हैं , 2 राउक्स होते हैं और दो शूरवीर होते हैं और दो बिशप होते हैं और एक राजा होता है और एक क्वीन और 8 झींगे होते हैं इस गेम को खेलने के लिए दिमाग लगाना होता है और यह गेम खेलने से पहले सीखना ,समझना बहुत आवश्यकता है । जब तक हम इस गेम को सीखकर नहीं खेलते तब तक हमको कुछ भी समझ में नहीं आता क्योंकि यह खेल सबसे मुश्किल है । इस खेल की शुरुआत हमारे भारत में ही की गई थी और आज विश्व स्तर पर यह खेल खेला जाता है । यह मेरा प्रिय खेल है यह खेल मेरे साथ साथ मेरे परिवार वाले भी खेलते हैं ।

जब मैं अपने दोस्तों के साथ बैठता हूं तो यह गेम हम जरूर खेलते हैं और इस गेम को जीतने में हम सभी अपना दिमाग लगाते हैं । जब हम परिवार वालों के साथ कहीं पर घूमने के लिए जाते हैं तो शतरंज जरूर साथ में ले जाते हैं और वहां पर हम सभी शतरंज खेल कर मनोरंजन करते हैं । यह गेम मेरे पिताजी को बड़ा ही अच्छा लगता है और इस गेम को सिखाने में मेरे पिताजी का बड़ा ही योगदान है । मेरे घर में मेरी मां शतरंज बहुत अच्छा खेलती हैं और वह कई बार इस खेल ने जीत भी चुकी हैं क्योंकि वह पूरे दिमाग के साथ यह खेल खेलती हैं।

शतरंज खेल विश्व स्तर पर भी प्रसिद्ध होता जा रहा है। आज कल शतरंज की कई तरह की प्रतियोगिता होती हैं और हमारे देश से कई लोग शतरंज खेलने के लिए विदेशों में भी जाते हैं और वहां पर शतरंज के खेल को जीत कर हमारे देश का नाम रोशन करते हैं । शतरंज खेल सभी खेलों की अपेक्षा अधिक दिमाग लगने वाला गेम है अगर इस गेम में कोई अपना दिमाग नहीं लगाता है तो वह शह और मात खा जाता है और कभी कभी तो वह इस गेम में पूरी तरह से हार जाता है ।

इस गेम को जीतने के लिए कोई भी समय निर्धारित नहीं रहता है इस गेम को पूरा होने में एक-दो घंटे लग जाते हैं तो कभी चार-पांच घंटे की इस गेम को पूरा होने में लग जाते हैं। इस गेम को जीतने के बाद हमारा दिमाग ताजगी महसूस करने लगता है । इस गेम को बड़े बड़े बिजनेसमैन भी खेलते हैं वास्तव में यह खेल बहुत ही इंटरेस्टिंग खेल होता है इस खेल में कई लोग काफी रूचि भी लेते हैं।

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