लॉकडाउन में अपने अनुभव पर निबंध Essay on lockdown mein apne anubhav in hindi

Essay on lockdown mein apne anubhav in hindi

Lockdown mein apne anubhav – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से लॉकडाउन मे अपने अनुभव पर लिखें निबंध के बारे में बताने जा रहे हैं तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को पढ़कर लॉकडाउन  मे अपने अनुभव पर लिखें निबंध के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते ।

Essay on lockdown mein apne anubhav in hindi
Essay on lockdown mein apne anubhav in hindi

लॉकडाउन मे अपने अनुभव – लॉकडाउन हम सभी के जीवन में एक तूफान लेकर आया है जिस तूफान से हम सभी लोगों ने डटकर सामना किया है । लॉकडाउन के समय में हम सभी लोगों ने कई कठिनाइयों का सामना किया है परंतु हम घबराएं नहीं और लॉकडाउन से लड़ते गए हैं । लॉकडाउन का फैसला सरकार के द्वारा नागरिकों की भलाई के लिए किया गया था । लॉकडाउन में सभी नागरिकों ने लॉकडाउन का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं । जो लोग लॉकडाउन के नियमों को तोड़ रहे थे उन लोगों पर सरकार के द्वारा कानूनी कार्यवाही की गई हैं।

लॉकडाउन के समय में जब हम घर के अंदर अपने परिवार के साथ में वक्त बिता रहे है तब हम सभी लोगों ने खुशी का अनुभव किया हैं । ऐसा किसी ने भी नहीं सोचा था कि देश के अंदर लॉकडाउन की घोषणा की जाएगी परंतु लॉकडाउन की घोषणा करना बहुत ही जरूरी हो गया था क्योंकि कोरोना संक्रमण जिस रफ्तार से फैल रहा हैं उस रफ्तार को कम करने के लिए सरकार के द्वारा पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की गई हैं । मैं कभी भी दिन के समय में घर पर नहीं रुका था लेकिन जब मैं लॉकडाउन के कारण घर पर रुका और अपने बच्चों के साथ मैंने समय व्यतीत किया तब मुझे पता चला कि बच्चों से जो प्यार मिलता है उस प्यार से कितनी खुशी होती है  ।

आज जो विपत्ति पूरे देश पर आई है एसी विपत्ति कभी ना आए इस विपत्ति ने हमें एक सीख दी है कि हमें आने वाले समय के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए । जब हम आने वाले समय के लिए तैयार रहते हैं तब हम सभी विपत्तियों का सामना आसानी से कर लेते हैं । लॉकडाउन के समय में सभी नागरिक घरों में रहकर एक-दूसरे का अनुभव साझा कर रहे हैं । कुछ लोग यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से नए-नए व्यंजन बनाना सीख रहे हैं तो कुछ लोग अपने टैलेंट को निखारने में लगे हुए हैं । ऐसा करने से हम सभी लॉकडाउन का पालन सही तरीके से कर सकते हैं ।

जो लोग ऐसा कर रहे हैं वह देश के प्रति एक जागरूक नागरिक का फर्ज निभा रहे हैं । भारत देश के सभी छात्र और छात्राएं घर पर रहकर लॉकडाउन के नियमों का पालन करके चित्रकला , निबंध और कविता के माध्यम से अपने अपने अनुभव साझा कर रहे हैं । देश के कई स्कूलों के द्वारा ऑनलाइन प्रतियोगिताएं कराई गई हैं जिन प्रतियोगिताओं में छात्र और छात्राओं के द्वारा हिस्सा लिया गया है और जो छात्र इस प्रतियोगिता में फर्स्ट आया उसे इनाम भी दी गई है ।

ऐसा सिर्फ और सिर्फ इसीलिए किया गया है जिससे कि लोग लॉकडाउन के कारण घर के अंदर बोरिंग महसूस ना करें और छात्र और छात्राओं का मनोरंजन हो सके , सभी लोग अपने अपने अनुभव साझा कर सके । कई नागरिक सोशल मीडिया पर नई नई पोस्ट शेयर करके अपने अपने अनुभव साझा कर रहे हैं । लॉकडाउन के कारण घर के सभी लोग एक साथ समय व्यतीत कर रहे हैं और एक दूसरे के अनुभव शेयर कर रहे हैं । ऐसा करने से आपसी प्रेम बढ़ता है और एक खुशी , आनंद की प्राप्ति होती है ।

मैं कभी भी यह नहीं सोचता था कि मुझे अपने परिवार के साथ घर के अंदर रहकर समय व्यतीत करना पड़ेगा परंतु आज घर के अंदर रहकर अपने समय को व्यतीत करना हमारा कर्तव्य है जिस कर्तव्य से हम भाग नहीं सकते हैं । मैं यह सोचता हूं कि जो लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं करते हैं वह ना तो अपने प्रति जिम्मेदारी निभाते हैं और ना ही देश के प्रति जिम्मेदारी निभाते हैं ।

जब तक हम सभी लॉकडाउन के नियमों का पालन सही तरह से नहीं करेंगे तब तक हम कोरोना को पूरी तरह से नष्ट नहीं कर सकते हैं । आज यदि हमने अपने आप पर काबू प्राप्त कर लॉकडाउन का पालन सही से किया तो आने वाला समय हमारे और हमारे परिवार के लिए खुशी लेकर आएगा ।

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