पतंग फ्लाइंग दिवस पर निबंध Essay on kite flying day in hindi

Essay on kite flying day in hindi

Kite flying – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से पतंग फ्लाइंग दिवस के बारे में बताने जा रहे हैं । चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को पढ़कर पतंग फ्लाइंग दिवस पर लिखे निबंध को पढ़ते हैं ।

Essay on kite flying day in hindi
Essay on kite flying day in hindi

हमारे भारत देश में पतंग उड़ाने की परंपरा प्राचीन समय से ही चली आ रही है । पतंग उड़ाने की उत्साहिकता बच्चों में ही नहीं बल्कि बड़े बड़े लोगों में भी दिखाई देती है । पतंग रंग बिरंगी होती है । उसे धागे के माध्यम से आसमान में उड़ाया जाता है । बच्चों को पतंग उड़ाना बहुत ही पसंद है । भारत देश में कई जगह पर पतंग प्रतियोगिता भी रखी जाती है । मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा भी है । मकर संक्रांति पर भारत देश के कई राज्यों में पतंग उड़ाई जाती है और मकर संक्रांति पर पतंग उड़ा कर सभी लोग अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं ।

भारत देश के राजस्थान राज्य में पर्यटन विभाग की ओर से मकर संक्रांति पर तीन दिवसीय पतंग प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है । जिसमें सभी लोग भाग लेते हैं और बड़ी , छोटी रंग बिरंगी  पतंगे उड़ा  कर अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । भारत देश के उत्तर भारत में बड़ी खुशी और उल्लास के साथ पतंग उड़ाई जाती है । वहां के लोगों का मानना है कि मकर सक्रांति के शुभ अवसर पर पतंग उड़ाने से जीवन में खुशी , उल्लास की प्राप्ति होती है क्योंकि पतंग जब आसमान में उड़ती है तब पतंग खुशी , उल्लास , आजादी और सुख का संदेश देती है ।

इसलिए वहां के लोग पतंग उड़ाने को आजादी और शुभ संदेश का वाहक मानते हैं । जैसा कि हमारा भारत देश एक सांस्कृतिक देश है जहां पर कई सांस्कृतिक परंपराएं होती हैं और सभी लोग उन परंपराओं को मानते हैं । भारत देश में मकर संक्रांति का त्योहार भी एक सांस्कृतिक त्योहार है । जिस त्यौहार को भारत के सभी लोग मनाते हैं और अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । मकर सक्रांति पर गजक , तिल्ली के लड्डू बनाने की परंपरा के साथ-साथ पतंग उड़ाने की परंपरा भी है । मकर सक्रांति पर सभी खुले मैदान में जाकर पतंग उड़ाते हैं और सभी अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं ।

पतंग उड़ाने से दिमाग तंदुरुस्त रहता है और शरीर के अंदर एक ऊर्जा प्राप्त होती है । सर्दियों के समय पतंग उड़ाने का मजा कुछ और ही होता है क्योंकि सर्दियों के समय सभी के शरीर में विटामिन डी की कमी होती है । जब  खुले मैदान में सूर्य के सामने पतंग उड़ाते हैं तब सूर्य की किरण सीधे शरीर पर पड़ती है और सूर्य की किरण के माध्यम से विटामिन डी हमारे शरीर को प्राप्त हो जाता है और सर्दी से होने वाली कई घातक बीमारियों से हम बच जाते हैं । इसलिए मकर सक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा है । कुछ लोगों का यह भी मानना है कि मकर सक्रांति पर पतंग इसलिए उड़ाई जाती है क्योंकि उस दिन सूर्य भगवान , सूर्य देवता प्रसन्न होते हैं और वह पतंग उड़ाने पर सभी को अपने जीवन में खुश रहने का वरदान देते हैं ।

भारत देश की राजधानी दिल्ली और लखनऊ में तो मकर सक्रांति के साथ-साथ दीपावली के अगले दिन भी पतंग उड़ाई जाती है ।  जब दीपावली का अगला दिन होता है तब सभी खुले मैदान में जाकर तरह-तरह के रंगों से बनी हुई पतंग आसमान में उड़ा कर अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । दिल्ली में तो पतंग प्रतियोगिताएं भी रखी जाती है । जिस प्रतियोगिता में सरकार अपना योगदान देती है ।  जो पतंग प्रतियोगिता में भाग लेकर जीत प्राप्त करता है उसको इनाम भी दी जाती है । भारत देश में पतंग उड़ाने की लगन बच्चों में सबसे अधिक देखी जाती है ।

जब बच्चों की स्कूलों की छुट्टियां प्रारंभ हो जाती हैं तब वह छत पर जाकर पतंग उड़ाते हैं और अधिक ऊंचाई पर पतंग को ले जाकर अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं ।जब कोई बच्चा पतंग उड़ाता है तब वह दूसरे के द्वारा उड़ाई गई पतंग से कंपटीशन करता है और जिस की पतंग कट जाती है वह हार जाता है । भारत में जब मकर सक्रांति पर पतंग प्रतियोगिताएं होती हैं तब उस पतंग प्रतियोगिता को देखने के लिए दूर-दूर से लोग एकत्रित होते हैं । भारत देश के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक पतंग प्रतियोगिता को देखने के लिए आते हैं और अपने जीवन में आनंद प्राप्त करते हैं । भारत में की जाने वाली पतंग प्रतियोगिता पूरे विश्व में विख्यात है ।

भारत में मकर सक्रांति का दिन पतंग फ्लाइंग दिवस के रूप में मनाया जाता है । सभी छोटे-छोटे बच्चों और बड़ों को मकर सक्रांति का इंतजार प्रतिवर्ष रहता है और जब मकर सक्रांति का दिन आता है तब सभी खुले मैदानों में जाकर अधिक से अधिक ऊंचाई पर पतंग उड़ाते हैं । पतंग उड़ाते समय कई तरह की सावधानियां बरतनी पड़ती हैं । जैसे कि जिस धागे से हम पतंग उड़ा रहे हैं उस धागे को हमें बड़ी सावधानीपूर्वक पकड़ना पड़ता है क्योंकि उस धागे से हाथ को कटने का डर रहता है ।

जब कोई बच्चा मकर सक्रांति पर पतंग उड़ाता है तब उस बच्चे के घर के बड़े लोग उस बच्चे को पतंग उड़ाते समय सावधानियां रखने के लिए कहते हैं और वह बच्चा सावधानीपूर्वक पतंग उड़ा कर अपने जीवन में आनंद प्राप्त करता है ।

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