खाद्य पदार्थों में मिलावट पर निबंध Essay on food adulteration in hindi

milawat essay in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से खाद पदार्थों में हो रहे मिलावट पर निबंध के बारे में बताने जा रहे हैं । खाद पदार्थ में मिलावट आज सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है । इस आर्टिकल के माध्यम से हम खाद्य पदार्थों में मिलावट के विषय में पढ़कर , गहराई से जानकर खाद्य पदार्थों में मिलावट से होने वाली समस्याओं के बारे में जानेंगे ।

essay on food adulteration in hindi
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खाद्य पदार्थों में मिलावट – हमारे देश में मिलावट की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है । खाद पदार्थों में मिलावट की जा रही है जिससे हमारे शरीर को नुकसान हो रहा है । खाद्य पदार्थों में मिलावट से मनुष्य को काफी बीमारियां हो जाती हैं और वह परेशान रहता है । कई बड़े बड़े व्यापारियों से लेकर छोटे छोटे व्यापारी भी अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए मिलावट को बढ़ावा दे रहे हैं । पैसा कमाने के लिए वह ग्राहकों को धोखा देकर मिलावट करके उनकी जान जोखिम में डाल देते हैं ।

मिलावट देश की सबसे बड़ी समस्या है । जितने भी खाद्य पदार्थ बाजार में बिक रहे हैं उन खाद्य पदार्थों में अधिकतर मिलावट की जा रही है । हम दूध की बात करें या फिर माबा की उसमें मिलावट की जा रही है । बाजार में बिकने वाले घी में भी मिलावट की जा रही है । जब हम मिलाबटी खाद्य पदार्थों का उपयोग करते हैं तब वह खाद्य पदार्थ हमारे शरीर के अंदर जाता है और हमें घातक से घातक बीमारी हो जाती है । जब हम बीमारी का इलाज कराते हैं तो हमारा काफी पैसा बर्बाद हो जाता है ।

कई लोगों की मिलावटी सामान खाने से मौत तक हो जाती है । मनुष्य को मिलावटी खाद्य सामान खाने से कई बड़ी बड़ी बीमारियां तक हो जाती है । कैंसर जैसी बीमारियां मिलावटी सामान खाने से हो जाती हैं । मिलावटी सामान के उपयोग से कैंसर , चर्म रोग , शुगर जैसी घातक बीमारियां जन्म लेती हैं और हमारा शरीर रोग ग्रस्त हो जाता है । जब हमारा शरीर रोग ग्रस्त हो जाता है तब हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । परंतु इन व्यापारियों को सिर्फ अपना मुनाफा ही मुनाफा दिखाई देता  है ।

मिलावट करने वाले व्यापारियों को किसी की जान की परवाह तक नहीं होती है । सरकार के द्वारा भी कई ऐसे कानून बनाए गए हैं जिससे कि खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को रोका जाए । परंतु कानून बनने के बाद भी मिलावटी सामानों को बंद करने में सफलता नहीं मिल पा रही है । बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में जो तेल बनता है उसमें सस्ता तेल मिलाकर मिलावट की जाती है और जब उस तेेेल का हम उपयोग करते हैं तब हमारे शरीर के अंदर काफी बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं क्योंकि वह तेल सीधे हमारे हार्ड पर प्रभाव डालता है जिससे हमें हार्ट अटैक की बीमारी हो जाती है । कई लोगों की जान हार्ट अटैक के कारण जा चुकी है ।

बाजारों में बिकने वाला मिलावटी सामान – बाजारों में कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनमें मिलावट की जा रही है । बाजारों में बिकने वाला दूध , घी , मावा , आटा , चावल , मिठाइयां और भी कई तरह के पेय पदार्थ हैं जिसमें मिलावट की जा रही है और हम उन खाद्य पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं । जब हम मिलावटी खाद्य पदार्थ का उपयोग करते हैं तब हमें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है । कई बार तो हमारा पेट खराब हो जाता है और हमें दस्त तक लग जाते हैं और हमें इलाज कराने के लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है ।

जब हम डॉक्टर के पास जाते हैं तब काफी खर्चा हमारा हो जाता है और हम परेशान होते रहते हैं । जब ग्राहक दुकान पर सामान लेने के लिए जाता है तब वह किसी भी सामान की जांच करें बिना उसे खरीद लेता है और उसका उपयोग कर लेता है । उस ग्राहक को  यह  मालूम नहीं होता है  की  वह जो  सामान  खरीद रहा है वह एक  मिलावटी सामान है ।जिसका उपयोग करने से उसके शरीर को काफी नुकसान हो सकता है । मिलावट  की यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है ।

बाजार में जो मिठाइयां बिक रही हैं उन मिठाइयों में रासायनिक कलर मिलाए जाते हैं जिससे वह मिठाई देखने में सुंदर लगती हैं । परंतु ग्राहक को यह मालूम नहीं होता है की यदि वह उस मिठाई का उपयोग करेगा तो उसे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं ।  हमे कैंसर तक उस मिठाई को खाने के बाद हो सकता है । दूध में पानी एवं शैंपू मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा है । ग्राहक जब दुकान पर दूध लेने के लिए जाता है तब वह  बिना जांच किए उस दूध को ले लेता है ।

दूध के मावे से बनने वाली मिठाइयां एवं रसगुल्ले तक बाजारों में नकली बिक रहे हैं । इन मिलावटी मिठाइयों को खाने के बाद हमारे शरीर के अंदर कई बीमारियां जन्म ले लेती  हैं । बाजारो में बिकने वाले मसालों में भी मिलावट की जा रही है । मिर्ची , धनिया , हल्दी , काली मिर्च में भी मिलावट की जा रही है । बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में बनने वाले मंजन , पेस्ट में भी मिलावट की जा रही है । जिसका असर हमारे दांतो पर पड़ता है । मिलावटी पेस्ट को करने से हमारे दांतो के साथ साथ हमारे मुंह को भी काफी नुकसान हो जाता है ।

बाजारों में सुंदरता वाले प्रोडक्ट बहुत अधिक बिक रहे हैं और कुछ सुंदरता वाले प्रोडक्टों में मिलावट की जा रही है जिससे हमारी त्वचा को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है ।

कोल्ड ड्रिंक्स में मिलावट – गर्मियों के समय हम गर्मी से निजात पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स , पेप्सी का सेवन करते हैं । हम यह नहीं जानते कि उस कोल्ड ड्रिंक्स को बनाने के लिए कितने हानिकारक रसायनों का उपयोग किया जाता है । कोल्ड ड्रिंक्स को बनाने के लिए डीडीटी , लिडेन जैसे हानिकारक रसायनों का उपयोग किया जाता है । कोल्ड्रिंक्स को बनाने के लिए फास्फोरिक एसिड का उपयोग किया जाता है । जिसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है ।

इस कोल्ड ड्रिंक्स का असर हमारे दांतो पर भी पड़ता है और हमारे दांत खराब हो जाते हैं । कोल्ड्रिंक्स में इतने सारे रसायन पदार्थ मिलाए जाते हैं जिसमें  लोहे तक को गलाने तक की क्षमता होती है । जब यह कोल्ड्रिंक्स लोहे को गला सकता है तब हमारे शरीर में यह कितनी बीमारियां पैदा कर सकता है । इसका अंदाजा भी हम नहीं लगा सकते हैं । हम गर्मी के समय कोल्ड ड्रिंक्स का उपयोग करते हैं । हम हमारे शरीर के साथ धोखा करते हैं क्योंकि कोल्ड ड्रिंक पीने से शरीर को कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं और हम परेशान होते हैं ।

भगवान ने हमारे शरीर को कितना शक्तिशाली बनाया है । परंतु हम मिलावटी सामान , कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करके शरीर को कमजोर कर देते हैं । मिलावटी कोल्ड ड्रिंक्स के उपयोग से एसिडिटी , पेट में जलन , छाती में जलन , कैंसर , स्नायु , प्रजनन संबंधी समस्याएं हो जाती हैं और हम बीमार पड़ जाते हैं । जब से यह मिलावटी प्रोडक्ट बाजारों में बिकने प्रारंभ हुए हैं तब से कई बीमारियों ने जन्म लिया है । इन मिलावटी खाद्य सामान को खाकर कई लोगों की मौत भी हो चुकी है ।

मिलावटी खाद्य पदार्थ की पहचान – हमारे द्वारा  बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की जा सकती है । यदि हम सावधान रहें तो कोई भी हमें मिलावटी सामान नहीं बेच सकता है । हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए क्योंकि यह हमारे शरीर का मामला है । यदि हम हमारे शरीर को स्वस्थ और शक्तिशाली बनाए रखना चाहते हैं तो हमें कई सावधानियां बरतनी पड़ती हैं । बाजारों में बिकने वाले प्रोडक्ट का उपयोग करते समय हमें जांच कर लेनी चाहिए कि यह प्रोडक्ट असली है या नकली ।

इसमें किसी तरह की कोई भी मिलावट तो नहीं की गई है । यदि ऐसा हम सभी सोचने लगे तो मिलावटी सामान बजार में बिकना बंद हो जाएगा । वह व्यापारी जो मिलावट करते हैं उनका यह धंधा बंद हो जाएगा । अब हम यह जानेंगे कि मिलावटी सामानों की जांच किस तरह से हम कर सकते हैं । यदि हम बाजार से लाल मिर्च खरीदने के लिए जाते हैं तब हमें बड़ी सावधानी बरतनी चाहिए । हमें यह देखना चाहिए कि इस लाल मिर्च में किसी तरह की कोई भी मिलावट तो नहीं की गई है ।

कुछ व्यापारी ज्यादा धन कमाने के लालच में लाल मिर्च में ईंट या कवेलू का पिसा हुआ पाउडर मिलाते हैं । जब हम बाजार में मिर्च खरीदने के लिए जाएं तब हमें इसकी जांच कर लेनी चाहिए कि वह नकली है या असली । जांच करने के लिए हमें उस लाल मिर्च को पानी में डालना चाहिए । यदि वह पाउडर पानी के ऊपर तैरता रहा तो वह मिर्च शुद्ध है । यदि वह मिर्ची पाउडर पानी के अंदर डूब जाता है तो वह नकली मिर्च है । यदि कोई हमें नकली मिर्च पाउडर बेचता है तो हमें उसकी शिकायत फूड ऑफिसर से करनी चाहिए । क्योंकि आज हम उस मिर्च को खरीदते हैं और उसका सेवन करते हैं तो हमें काफी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है ।

मिर्च पाउडर के साथ साथ बाजारों में हल्दी भी मिलावटी बिक रही है । व्यापारी हल्दी मे मेटानिल येलो रसायन मिला देते हैं । यह सबसे खतरनाक रसायन होता है । इसका सेवन करने से हमें कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती हैं । यदि हम हल्दी पाउडर की जांच करना चाहते हैं तो हमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पानी की कुछ बूंदें हल्दी पाउडर में मिलाकर देखना चाहिए । यदि हल्दी पाउडर का रंग गुलाबी एवं बैगनी हो जाता है तो वह हल्दी पाउडर नकली है , उसमें मिलावट की गई है ।

यदि हल्दी का रंग पीला रहता है तो वह शुद्ध हल्दी है । इस तरह से हम सभी मसालों की जांच कर सकते हैं । मसालों के साथ-साथ कई तरह के ऐसे खाद्य पदार्थ भी बाजार में बिक रहे हैं जिसमें मिलावट की जा रही है ।

चावल , दूध एवं मावे में मिलावट की पहचान – यदि कोई हमें पानी मिला हुआ दूध एवं शैंपू मिला हुआ दूध बेच रहा है तो हमें उस दूध के बारे में मालूम पड़ सकता है । हमें दूध खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए  , उस दूध की जांच कर लेना चाहिए । क्योंकि यह दूध हम पीने वाले हैं । जब हम इस दूध का सेवन करते हैं तब यह दूध हमारे शरीर के अंदर जाता है और हमारे शरीर को कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं । मिलावटी दूध की जांच करने के लिए हमें दूध को चिकने वाले स्थान पर बहाना चाहिए ।

यदि वह दूध तेज रफ्तार में वहां से बह जाता है तो उस दूध में अवश्य पानी मिला हुआ है और वह दूध जो किसी तरह का कोई भी निशान नहीं छोड़ रहा है तो यह दूध  नकली है । यदि चिकने वाले स्थान से दूध बहाने पर  दूध धीरे-धीरे बहता है तो वह दूध असली है । जहां जहां से वह दूध  बह कर आगे बढ़ता है और उस स्थान पर सफेद रंग दिखाई देने लगता है तो यह दूध असली है । बाजारों में बिकने बाले मावे में भी कई तरह की मिलावट की जा रही है । मावे में मिलावट है या नहीं इसकी जांच करने के लिए हमें एक टेस्ट ट्यूब की आवश्यकता पड़ती है ।

उस टेस्ट ट्यूब में 200ml पानी डालकर और उसने मावा डालकर गर्म करना चाहिए । जब वह ठंडा हो जाए तब उसने दो बूंद आयोडीन की डालना चाहिए । यदि उस मावे का रंग नीला पड़ जाए तो उस मावे में अवश्य स्टार्च मिला हुआ है । बाजारों में कई तरह के चावल बिक रहे हैं और हम बाजार से चावल खरीद कर उनका सेवन करते हैं और हमारे शरीर को काफी नुकसान हो रहा है । चावल में प्लास्टिक एवं आलू के बने हुए नकली चावल मिला दिए जाते हैं । जिससे उनका वजन बढ़ जाता है ।

यदि हम चावल की पहचान करना चाहते हैं तो हमें उबलते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उस चावल में किसी अलग तरह की गंध तो नहीं आ रही है । यदि अलग तरह की गंध आ रही है तो उस चावल में अवश्य किसी तरह की कोई  मिलावट अवश्य है । हमें उस चावल की जांच लेब में करवा लेनी चाहिए । यदि उस चावल मे किसी तरह की कोई मिलावट है तो हमें इसकी जानकारी फूड इंस्पेक्टर को देना चाहिए । उस दुकानदार के खिलाफ कंप्लेंट दर्ज कराना चाहिए । क्योंकि हमारे साथ साथ कई लोगों के स्वास्थ्य को खराब किया जा रहा है ।

मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर के मुख्य अंगों को नुकसान –  शरीर के सभी अंग मनुष्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं । क्योंकि मनुष्य के सभी अंगो का कोई ना कोई महत्व अवश्य है । हम जब सुबह उठते हैं तब सबसे पहले पेस्ट करते हैं । कई ऐसे टेस्ट बाजारों में बिक रहे हैं जिनमें मिलावट की जा रही है । जब हम सुबह उठकर मंजन करते हैं तब उस नकली पेस्ट के कारण हमारे दांत खराब हो जाते हैं , हमारे दांत कमजोर हो जाते हैं और टूट जाते हैं । दांत के साथ-साथ मुंह में कैंसर होने का भी खतरा बढ़ जाता है । यदि हम किसी पेस्ट को खरीदे तो उसकी जांच कर लेनी चाहिए कि वह पेस्ट नकली है या असली ।

हमारे लिए दांतो के साथ-साथ हमारा मुंह बहुत ही आवश्यक है । हमे हमारे शरीर की हिफाजत करना चाहिए और मिलावटी सामान का उपयोग नहीं करना चाहिए । मुंह के साथ-साथ पेट में भी कई तरह की बीमारियां मिलावटी सामान का उपयोग करने से हो जाती हैं । शरीर की त्वचा पर कई तरह के चर्म रोग हो जाते हैं और हमारी चमड़ी काली पड़ जाती है । मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से हमारे बाल झड़ने लगते हैं और हमारे चेहरे की त्वचा झर झरी सी हो जाती है ।

मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से होने वाली बीमारियां –  मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से हमें कैंसर , ब्लड प्रेशर , शुगर , एसिडिटी आदि बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है । मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से हमारे दांत खराब हो सकते हैं । हमारे काफी नुकसान हो सकता है । मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से हमारी त्वचा भी खराब हो सकती है ।मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बाल झड़ सकते हैं , त्वचा खराब हो सकती है । जवानी के समय में बुढ़ापा आ सकता है ।

ऐसी कई तरह की बीमारियां हमें हो सकती हैं । इसीलिए हमें मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए ।

मिलावटी खाद्य पदार्थों को रोकने के लिए सरकार के द्वारा उठाए गए कदम –  जिस तरह से बाजारों में मिलावटी कारोबार तेजी से चल रहा है । सरकार ने मिलावटी कारोबार को रोकने के लिए कई  नियम बनाए हैं । हर जिलों में खाद्य विभाग बनाए गए हैं । मिलावट कारोबार को रोकने के लिए , उन पर कार्यवाही करने के लिए फूड इंस्पेक्टर की भी नियुक्ति की गई है । यदि कोई मिलावटी सामान बेचता हुआ पकड़ा गया तब उस पर फूड इंस्पेक्टर के द्वारा जांच करवाई जाती है । जब फूड इंस्पेक्टर किसी सामान  की जांच करता है तब उस सामान के 3 सैंपल लेता है ।

1 सैंपल कोर्ट भेजा जाता है और दूसरा सैंपल फूड इंस्पेक्टर अपने पास रखता है । तीसरा सैंपल दुकानदार के पास होता है और इस सैंपल की जांच की जाती है । खाद्य पदार्थों की जांच के लिए एक सरकारी लेब भी बनाई गई है जिसमें खाद्य पदार्थों की जांचकर्ता के द्वारा जांच की जाती है ।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा गया यह बेहतरीन आर्टिकल खाद्य पदार्थों में मिलावट पर निबंध essay on food adulteration in hindi यदि पसंद आए तो अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों में शेयर अवश्य करें धन्यवाद ।

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