अयोध्या पर निबंध Essay on ayodhya in hindi

Essay on ayodhya in hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सभी, आज मैं आपके लिए लाया हूं अयोध्या नगरी पर मेरे द्वारा लिखित निबंध इसमें अयोध्या नगरी के बारे में विस्तार पूर्वक बताया जाएगा चलिए आगे पढ़ते हैं

Essay on ayodhya in hindi
Essay on ayodhya in hindi

अयोध्या नगरी जो की भगवान श्री राम की जन्म भूमि है। भगवान श्रीराम ने इस अयोध्या नगरी में ही जन्म लिया और कई सालों तक यहां पर राज्य किया लेकिन इससे पहले कि हम बात करें तो अयोध्या नगरी की स्थापना सूर्य के पुत्र वैवस्वत मनु महाराज द्वारा की गई।

कई तरह की कथाओं में यह बताया जाता है की मनु ने ब्रह्मा जी से यह आग्रह किया था कि वह उनके लिए एक नगर की स्थापना करें तब ब्रह्माजी मनु को साथ लेकर विष्णु जी के पास गए तब विष्णु जी ने अयोध्या नगरी बसाने के लिए उनके साथ में विश्वकर्मा जी एवं महा ऋषि वशिष्ठ जी को भेज दिया।

तब अयोध्या नगरी की स्थापना हुई और मनु वहां पर शासन करने लगे। मनु के कई पुत्र हुए जिनमें से इक्ष्वाकु वंश में आगे चलकर दशरथ जी का जन्म हुआ। दशरथ जी के कोई संतान नहीं थी तब महर्षि विश्वामित्र जी के कहने पर उन्होंने एक यज्ञ किया और फिर ईश्वर की कृपा से दशरथ जी की तीनों रानियों के संतान हुई, उनके चार पुत्र श्री राम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्न थे।

भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास में रहने के बाद अयोध्या नगरी में कई सालों तक राज्य किया, उनके राज्य में सारी प्रजा सुखी थी। भगवान श्रीराम ने प्रजा को ही अपना सबकुछ समझा और प्रजा के दुख को अपना दुख समझा। कहते हैं कि उस समय कोई भी दुखी नहीं था। भगवान श्रीराम ने सभी के दुख खुद झेल लिए थे और अंत में भगवान श्री रामचंद्र जी अपने धाम चले गए थे।

इसके अलावा भी अयोध्या पर कई राजा महाराजाओं ने शासन किया, ऐसा कहा जाता है कि महाभारत काल तक अयोध्या में इसी वंश के लोगों का शासक था। अयोध्या नगरी को अथर्ववेद में ईश्वर का नगर भी कहां गया है, अयोध्या नगरी भारत देश की एक प्राचीन नगरी है जो कि काफी प्रसिद्ध है, इसका क्षेत्रफल 96 वर्ग मील था।

अयोध्या का विवाद

अयोध्या का कई समय से विवाद चला आ रहा था इस विवाद की वजह से भगवान श्री रामचंद्र जी का मंदिर नहीं बन पा रहा था। इस अयोध्या के विवाद की वजह से 400 साल तक यह विवाद सुप्रीम कोर्ट में रहा। 1949 में यहां असली विवाद हुआ अयोध्या में 1992 में भी विवाद हुआ था। ऐसा कहा जाता है की बाबर ने आज से कुछ सालों पहले मस्जिद बनवाई थी, इसे लेकर हिंदुओं का दावा है कि यहां पर भगवान श्री राम का मंदिर था, यह भगवान श्री रामचंद्र की जन्मभूमि है।

कई सालों तक यह विवाद चलता रहा, अयोध्या के विवादित स्थान पर 2010 में इलाहाबाद के हाईकोर्ट ने सुनवाई की थी। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो अयोध्या विवाद पर जो इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला था उसपर रोक लगाई गई फिर यह मामला लंबा चला 2019 में अयोध्या केस विवाद को मध्यस्था के लिए भेजा लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि मध्यस्था से मामला नहीं निकल सका है।

कुछ समय बाद सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई हुई और फिर अयोध्या का फैसला आ गया। अब भगवान श्री रामचंद्र की जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन 5 अगस्त को हो चुकी है, यह 5 अगस्त का दिन हम सभी के लिए किसी दिवाली से कम नहीं है जल्द ही यह मंदिर बनकर तैयार होगा तो वास्तव में श्री रामचंद्र जी के मंदिर में जाकर उनके दर्शन करना हम सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा।

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