ध्वनि की आत्मकथा पर निबंध dhvani ki atmakatha in hindi essay

Dhvani ki atmakatha in hindi essay

दोस्तों कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं ध्वनि की आत्मकथा पर हमारे द्वारा लिखित निबंध आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं ध्वनि की आत्मकथा पर लिखित इस काल्पनिक निबंध को।

dhvani ki atmakatha in hindi essay
dhvani ki atmakatha in hindi essay

मैं ध्वनि हूं, मैं चारों तरफ विद्यमान हूं, मैं दिखती नहीं हूं लेकिन हर किसी को सुनाई देती हूं मनुष्य और जानवर, पशु पक्षी, पेड़ पौधे सभी मुझ ध्वनि को सुन सकते हैं मैं भले ही नहीं दिखती लेकिन वास्तव में, मैं बहुत ही शक्तिशाली होती हूं. अगर किसी वजह से मैं तेजी से उत्पन्न हो जाऊ तो किसी भी व्यक्ति का में कोई भी कार्य बिगाड़ सकती हूं क्योंकि मेरी तेज आवाज से कोई भी व्यक्ति एक चित होकर अपना कार्य ढंग से नहीं कर सकता। मैं अलग-अलग स्वरों में होती हूं, मैं कई कारणों से उत्पन्न होती हूं .

कभी कभी जब एक चीज दूसरी चीज से टकराती है तो तेजी से ध्वनि उत्पन्न होती है, किसी चीज के ऊपर से नीचे तक गिरने पर भी ध्वनि उत्पन्न होती है मुझे सुनकर कई लोग डर जाते हैं। वैसे मैं कई रूपों में होती हूं मेरी ध्वनि के स्वरों से काफी लोग खुश भी हो जाते हैं, अगर मेरी तेजी सी ध्वनि किसी ने सुनी तो कई लोग डर भी जाते हैं। मैं बहुत ही काम की होती हूं यदि मैं ना होऊ तो हो सकता है कोई व्यक्ति दूसरे को पहचान भी ना पाए. बहुत से लोग तो ऐसे होते हैं जो अपने किसी स्थान का पता मेरी ध्वनि सुनने पर ही लगा पाते हैं।

अंधे लोगों के लिए मैं सबसे महत्वपूर्ण होती हूं क्योंकि अंधे लोग ध्वनि की वजह से ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर आ जाते हैं और अपना जीवन जीते हैं। मैं मानव के कई क्रियाकलापों की वजह से भी उत्पन्न होती हूं कई लोग मुझको तेजी से उत्पन्न करके ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं जिसकी वजह से बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो ध्वनि प्रदूषण से काफी परेशान हो जाते हैं

मैं वैसे तो बहुत अच्छी हूं लेकिन कोई तेजी से मुझे उत्पन्न करें या मुझ ध्वनि का दुरुपयोग करें तो मैं किसी दूसरे व्यक्ति के कार्य में वाधा भी बन जाती हूं लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहती. मैं यही चाहती हूं कि लोग ध्वनि का सही उपयोग करें, ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं जिससे बच्चे पढ़ाई कर सकें, बुजुर्ग, नौजवान, औरतें अपने घर का कामकाज सही तरह से कर सकें क्योंकि ध्वनि प्रदूषण से वास्तव में किसी कार्य को करने में बाधा उत्पन्न हो जाती हैं।

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