सांप और मेंढक की पंचतंत्र की कहानी hindi stories for kids panchatantra

हेलो माय डिअर फ्रेंड्स कैसे हैं आप सभी,दोस्तों कहते हैं जिंदगी में एक कहानी एक इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकती है ऐसी ही एक कहानी जो आप सभी को बहुत इंस्पायर करेगी और आपकी जिंदगी में इससे बहुत परिवर्तन आएगा तो चलिए पढ़ते हैं पंचतंत्र की इस कहानी को


दोस्तों एक कुएं में एक मेढ़क रहता था,वह अपनी जिंदगी से खुश नहीं था क्योंकि कुएं में जो मेढ़क थे वह सभी उस को परेशान करते थे,उसका मजाक उड़ाते थे उनको सिर्फ बहाना चाहिए होता था उसका मजाक बनाने के लिए.वह इससे बहुत ही परेशान था उसने सोचा की क्यों ना मैं कुछ ऐसा करु जिससे कि मेरे इन साथियों को सबक मिल जाए और वह मेरा मजाक ना उड़ाएं तब एक दिन वह विचार करके कुए से बाहर निकला और किसी ऐसे जानवर की तलाश में वो था जो शक्तिशाली हो,जो उनको सबक सिखा सकें.

उसने वहां से एक सांप को जाते हुए देखा,उसने सांप को रोका और कहा कि क्या तुम मेरे दोस्त बनोगे,सांप ने कहा कि मैं तुम्हारा दोस्त कैसे बन सकता हूं क्योंकि मैंने अभी तक नहीं सुना कि एक सांप की दोस्ती मेढक से हुई हो क्योंकि मेढ़क सांप को खाने में बहुत ही पसंद होता है तब मेढ़क ने कहा कि हमारी इस दोस्ती से हम दोनों को फायदा होगा

दरअसल मैं जिस कुएं में रहता हूं वहां पर कुछ मेरे दुश्मन मेढ़क हैं,तुम उन्हें सबक सिखाओ उनको खा लेना जिससे मेरा बदला पूरा होगा और तुमको कुएं में खाने के लिए बहुत सारे मेढक भी मिल जाएंगे बस मेरी एक बात मानना कि मैं तुमको जिन-जिन मेढकों को बताऊं तुम सिर्फ उनको ही खाना बाकी मेढकों को मत खाना क्योंकि उस कुए में मेरे कुछ रिश्तेदार भी हैं ऐसा कहकर मेढक चुप हो गया,सांप ने इस बात पर अपनी सहमति जताई और दोनों उस कुए की ओर चल पड़े.

कुएं में पहुंचकर सांप ने मेढक के द्वारा बताए गए सारे मेढकों को खा लिया इसके बाद उसने कुए में उपस्थित मेढक के रिश्तेदारों को भी खा लिया,धीरे-धीरे सांप ने कुए के सारे  मेढकों को खा लिया.

एक दिन  मेढ़क को ये बात पता लगी तो उसने कहा की तुमने सारे मेढकों को खा लिया ऐसा क्यों तब साँप बोला कि मैं तो अब तुम्हें भी खाने वाला हूं तब मेढक ने अपनी अकल का इस्तेमाल किया,उसने सांप से कहा की अगर तुम मुझे खा जाओगे तो कुछ ज्यादा फायदा नहीं होगा तुम्हें लेकिन अगर मुझे छोड़ दोगे तो मैं पास के कुएं के मेढकों से दोस्ती कर लूंगा और फिर तुमको उस कुएं में ले जाऊंगा और तुम्हें उन दूसरे मेढकों को भी खाने का मौका मिलेगा.

सांप लालच में आ गया उसने मेढक को जाने दिया अब मेढक खुश था क्योंकि वह सांप के चंगुल से निकल चुका था लेकिन उसको दुखी था की उसने अपने दोस्तों के साथ में बहुत बुरा किया उसके साथ ही उसके सारे रिश्तेदार भी मारे गए थे.

दोस्तों इस पंचतंत्र की कहानी से हमको यही सीख मिलती है की जिंदगी में अगर आगे बढ़ना है तो कभी भी अपने दोस्त यारों से हटकर दूसरों से दोस्ती करके अपना समय बर्बाद ना करें क्योंकि दूसरा तो सिर्फ अपना फायदा उठाने के लिए ही हैं और साथ में यह भी सीख मिलती है कि कभी भी अगर हम मुसीबत में फंसे तो हमको धैर्य से काम लेना चाहिए।

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