ब्लैकबोर्ड की आत्मकथा Blackboard ki atmakatha essay in hindi

Blackboard ki atmakatha essay in hindi

Blackboard – दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से ब्लैकबोर्ड की आत्मकथा के बारे में बताने जा रहे हैं । तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को  पढ़कर ब्लैकबोर्ड के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं ।

Blackboard ki atmakatha essay in hindi
Blackboard ki atmakatha essay in hindi

ब्लैकबोर्ड की आत्मकथा के बारे में – मैं ब्लैकबोर्ड बोल रहा हूं । मेरा जन्म मनुष्य के द्वारा किया गया है । मेरा रंग काला है । मेरा उपयोग स्कूलों , कॉलेजों में सबसे अधिक किया जाता है । जब मेरा जन्म एक मनुष्य के द्वारा किया गया तब मुझे स्कूल , कॉलेजों  की दीवार पर टांग दिया गया था । जब शिक्षक अपने विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए मेरा उपयोग करते हैं तब मेरे ऊपर सफेद चोक से स्कूल के गुरुजी के द्वारा लिखा जाता है । जैसे-जैसे समय बीतता जाता है मेरा रंग धीरे-धीरे हल्का काला होता जाता है । स्कूल के गुरुजी मेरा उपयोग अपने विद्यार्थियों को सवाल सिखाने और सभी विद्यार्थियों को ज्ञान सिखाने के लिए करते हैं ।

जबसे मेरा जन्म हुआ है तब से मेरा उपयोग शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है । स्कूल कॉलेजों के साथ-साथ और भी कई क्षेत्र में मेरा उपयोग किया जाता है । जब किसी प्राइवेट या सरकारी ऑफिस में मीटिंग की जाती है तब उस मीटिंग में  मेरा उपयोग सवाल जवाब लिखने के लिए किया जाता है । जब किसी व्यक्ति के द्वारा मेरे ऊपर सफेद चोक से लिखा जाता है तब उस लिखे हुए शब्दों को मिटाने के लिए कपड़े का उपयोग या डस्टर का उपयोग किया जाता है । मेरे ऊपर जो लिखा जाता है उसे मिटाया जा सकता है । जब कोई व्यक्ति किसी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए अपनी टीम के साथ प्लानिंग करता है तब उस प्लानिंग में मेरा उपयोग किया जाता है ।

मेरे ऊपर सफेद चौक से पूरी प्लानिंग लिखी जाती है और सभी लोग मुझे ध्यानपूर्वक देखते हैं । स्कूल में जब मास्टर के द्वारा मेरे ऊपर सवाल जवाब लिखे जाते हैं तब सभी विद्यार्थियों का फोकस मेरे ऊपर रहता है । मुझे साफ सुथरा रखने के लिए गीले कपड़े से साफ किया जाता है । मेरे माध्यम से स्कूल की पढ़ाई आसान हुई है । जब मेरा अविष्कार नहीं हुआ था , मेरा जन्म नहीं हुआ था तब स्कूल के शिक्षक सभी विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर  सवालों का हल उन विद्यार्थियों को सिखाते थे ।

परंतु शिक्षक एक साथ में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को नहीं पढ़ा पाते थे । जब मेरा जन्म हुआ तब मेरे माध्यम से शिक्षक एक बार में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सवाल का हल सिखाने में सफल  हुए हैं । मैं काला और सफेद रंग का  होता हूं ।जब मेरा रंग काला होता है तब मेरे ऊपर सफेद चोक से लिखा जाता है । जब मेरा रंग सफेद होता है तब मेरे ऊपर लाल या नीले रंग की चौक से लिखा जाता है । मेरा आकार निश्चित नहीं होता है । मैं हर तरह के आकार में पाया जाता हूं । बड़े से बड़े अधिकारी मेरे माध्यम से शिक्षा प्राप्त करके अपने जीवन को सफल बना चुके हैं ।

मैं भले ही दिखने में काला रंग का हूं पर मेरे योगदान से ही विद्यार्थी और शिक्षक का जीवन सफल हुआ है । आज मेरा उपयोग पूरे संसार में किया जा रहा है । ब्लैकबोर्ड नाम से में पूरी दुनिया में पहचाना जाता हूं । मेरे बिना शिक्षा के क्षेत्र को तेज गति से बड़ा पाना संभव नहीं है क्योंकि मेरे माध्यम से एक बार में शिक्षक अधिक विद्यार्थियों को मेरे ऊपर लिखकर ज्ञान का प्रचार प्रसार कर सकता है । आज मैं सभी स्कूल कॉलेजों की क्लासों में मौजूद रहता हूं । मुझे बड़ी खुशी होती है कि मैं ज्ञान के प्रचार-प्रसार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता हूं ।

मेरा जन्म ही ज्ञान के प्रचार प्रसार करने के लिए हुआ है । जब कोई विद्यार्थी सुबह-सुबह स्कूल की क्लास में पहुंचता है तब वह सबसे पहले ब्लैकबोर्ड को कपड़े के माध्यम से साफ करता है क्योंकि वह जानता है कि गुरुजी क्लास में आने के बाद ब्लैकबोर्ड पर ही सवाल समझाएंगे इसीलिए विद्यार्थी ब्लैक बोर्ड को कपड़े के माध्यम से साफ करके रखता है । आज के समय में शहरों के स्कूलों से लेकर गांव के सभी स्कूलों में मेरा उपयोग तेजी से किया जा रहा है ।मेरे बिना स्कूल कोई स्कूल नहीं होता है । मैं हर स्कूल कॉलेजों में पाया जाता हूं ।

स्कूल कॉलेजों के साथ-साथ ट्यूशन या किसी प्राइवेट संस्थान में जब मेरा उपयोग किया जाता है तब एक बार में अधिक से अधिक लोगों को मेरे माध्यम से सवाल जवाब समझाए जाते हैं । आज मैं बहुत खुश हूं कि मनुष्य के द्वारा मेरा उपयोग किया जा रहा है । मैं यह आशा करता हूं कि इसी तरह से मेरा उपयोग निरंतर आगे सभी लोग करते रहेंगे ।

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