भिक्षावृत्ति एक अभिशाप Bhiksha vriti ek abhishap in hindi

Bhiksha vriti ek abhishap in hindi

दोस्तो कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल भिक्षावृत्ति पर निबंध समाज के उस वर्ग के बारे में जानकारी देता है जो असहाय है,बेसहारा है,लंगडे लूले हैं चलिए पढ़ते है हमारे आज के इस आर्टिकल को

Bhiksha vriti ek abhishap in hindi
Bhiksha vriti ek abhishap in hindi

किसी भी अपाहिज लंगड़े लूले, शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति के द्वारा अपनी जीविका को चलाने के लिए कुछ मांगे जाने वाले कर्म को ही भिक्षावृत्ति कहते हैं भिक्षावृत्ति हमारे देश में तेजी से फैल रही है प्राचीन काल से ही भिक्षावृत्ति का चलन है.

पहले जो शिष्य गुरु से शिक्षा लेने के लिए आते थे वह भी घर-घर जाकर भिक्षा मांगते थे और अपनी जीविका चलाते थे. हमारे देश में ऐसे भी लोग हैं जो लंगड़े लूले हैं,शारीरिक रूप से या मानसिक रूप से अपाहिज है ज्यादातर वही भिक्षा मांगते हैं और अपनी जीविका चलाते हैं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो प्रकृति के कोप की वजह से अपने हाथ पैरों को गवा देते हैं.

कुछ लोगों का आगे पीछे कोई नहीं होता उनके पास ना रहने का घर होता है ना कोई काम-काज होता है ऐसे लोग भी भिक्षावृत्ति में शामिल होते हैं.हमें भिक्षावृत्ति का कर्म करने वाले भिखारी मंदिरों के बाहर मंदिरों के रास्ते में,स्कूल कॉलेज या अन्य जगह पर भी देखे जाते हैं कुछ भिखारी हमारे घर के द्वार पर भी भीख मांगते हुए देखे जाते हैं.

भिक्षावृत्ति एक अभिशाप-

भिक्षावृत्ति को हम एक अभिशाप की तरह समझ सकते हैं जो व्यक्ति भीख मांगता है वह जीवन में इसके अलावा कुछ भी नहीं कर पाता है क्योंकि वह किसी न किसी तरह से अपाहिज होता है या तो किसी दुर्घटना में उसके हाथ-पैर टूट जाते हैं या प्राकृतिक आपदाओं की वजह से उन्हें कुछ नुकसान होता है यह एक अभिशाप की तरह होता है जिससे बेचारे भिखारी मजबूरन इस अभिशाप के सहारे जीवन भर जीते हैं.

आज हम देखें तो हम सुख से हमारे घरों में रहते हैं और जीवन को यापन करते हैं, हमारे पास मनोरंजन के भी कई साधन होते हैं हम बहुत तरह से अपने जीवन को और भी सुंदर कर सकते हैं.हमारे परिवार वाले भी होते हैं लेकिन भिखारियों का शायद ही परिवार होता हो या कोई परिवार नही होता है वो बेचारे किसी सड़क या मंदिर के बाहर भीख मांगते हुए अपने जीवन को यूं ही व्यतीत करते हैं यह एक अभिशाप की तरह होता है.

भिक्षावृत्ति रोकने के उपाय-

आजकल हम देखे हैं तो भिक्षावृति बहुत ही तेजी से फैल रही है हम इसे रोकने के लिए कई तरह के उपाय कर सकते हैं
भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए हमें चाहिए कि हम गरीब, असहाय,लंगड़े लूले लोगों की किसी न किसी तरह से मदद करें अगर हमारे पास ज्यादा धन है तो उस धन को उनकी जीविका चलाने के लिए या असहाय व्यक्तियों की मदद करने के लिए उपयोग करना चाहिए.

हमें चाहिए कि हम ऐसे एनजीओ की सहायता करें जो इस तरह के असहाय और लाचार की मदद करता है जिससे NGO और भी कई तरह से उनकी मदद कर सकते और जब वह इनकी मदद करेंगे तो भिक्षावृति रोकी जा सकती है.भिक्षावृति रोकने के लिए हमें चाहिए कि हम केवल उन्हीं लोगों को भिक्षा दे जो वाकई में शारीरिक रूप से या मानसिक रूप से अपंग हैं क्योंकि आजकल देखा जाता है कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो भिक्षावृत्ति की आड़ में सिर्फ अपनी जीविका चलाने की कोशिश करते हैं उनके हाथ पैर सही सलामत होते हैं और कुछ कर भी सकते हैं लेकिन अपने आलसीपन की वजह से केवल भिक्षावृत्ति अपनाते हैं.

हमें ऐसे लोगों को कभी भी भिक्षा नहीं देनी चाहिए क्योंकि बदलते जमाने के साथ भिक्षावृत्ति एक काम बनता जा रहा है हमें इसे रोकना चाहिए और जरूरतमंद भिखारियों की ही हमें मदद करना चाहिए जिन्हें वाकई में भिक्षा लेने की जरूरत है.

इस तरह से हम कुछ हद तक भिक्षावृति को रोक सकते हैं.अगर हम पारिवारिक रूप से योग्य हैं और हमारे पास धन संपत्ति है तो हमें चाहिए की हम ऐसे गरीब,असहाय,शारीरिक अक्षम,दिमागी रूप से अक्षम लोगों के लिए कोई अच्छा सा सामाजिक कार्य करें, उनकी भोजन की व्यवस्था करें या हम कोई सामाजिक संस्था भी खोल सकते हैं जिसके जरिए इस तरह के लोगों की हम मदद करके इस भिक्षावृति को रोक सकते हैं.

वास्तव में भिक्षावृति हमारे समाज के कुछ लोगो के लिए एक ऐसा अभिशाप है जो सबसे बुरा है हमें चाहिए कि हम हर तरह से भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों यानी भिखारियों की मदद करें.

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