भीम और हनुमान की कथा Bheem and hanuman story in hindi

Bheem and hanuman story in hindi

दोस्तों यह कहानी है महाभारत काल की जब पांचो पांडवों को वनवास मिला था और अर्जुन तपस्या करने के लिए गए थे. चारों पांडव द्रोपदी के पास थे एक दिन द्रोपदी के पास एक सुगंधित पुष्प उड़ते हुए आया द्रोपति ने कहा कि मुझे इस तरह के पुष्प और चाहिए तब भीम फूलों को तोड़ने का विचार मन में लाकर फूलों की सुगंध के जरिए रास्ते पर चल पड़े.

Bheem and hanuman story in hindi
Bheem and hanuman story in hindi

रास्ते में उन्हें एक वानर सोते हुए दिखा.भीम ने उस वानर को मार्ग से हटने को कहा लेकिन वानर मार्ग से नहीं हटा वानर स्वरूप हनुमान जी महाराज ने भीम से कहा कि तुम मुझे लांग जाओ लेकिन भीम ने लांघने से मना कर दिया और अपने बारे में बताया कि मैं माता कुंती का पुत्र हूं श्री हनुमान जी मेरे भाई हैं.मैं बहुत ही शक्तिशाली हूं तब श्री हनुमान जी ने भीम से कहा कि अगर तुम इतने ही शक्तिशाली हो तो तुम मेरे पैर हटाकर अपने मार्ग की ओर प्रस्थान करो.

भीम ने हनुमान जी का पेर हटाने की पूरी कोशिश की लेकिन पूरी कोशिश करने के बाद भी वह हनुमान जी महाराज का पैर बिल्कुल भी नही हटा पाए तब भीम ने कहा कि आप एक साधारण से वानर तो नहीं हैं आप कौन हैं कृपया कर मुझे बताइए तब हनुमान जी महाराज ने भीम से कहा कि मैं ही हनुमान हूं उन्होंने भीम को गले लगाया और इसी वजह से भीम और भी शक्तिशाली हो गए.हनुमान जी को अपने सम्मुख पाकर भीम बहुत ही खुश हुए और अपने मार्ग की ओर चल पड़े

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