भारत और चीन का गलवान घाटी युद्ध पर निबंध Essay on bharat or chin me hua gulwan gati ma youd in hindi

Essay on bharat or chin me hua gulwan gati ma youd in hindi

दोस्तों आज के हमारे इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे भारत और चीन में हुआ गलवान घाटी के युद्ध के ऊपर लिखा गया निबंध, आप इसे पढ़ें और इस विषय की अच्छी तरह से तैयारी करें, तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को।

Essay on bharat or chin me hua gulwan gati ma youd in hindi
Essay on bharat or chin me hua gulwan gati ma youd in hindi

भारत और चीन के संबंध कई महीनों से ठीक नहीं चल रहे थे अप्रैल के तीसरे हफ्ते में जब एलएसी पर सैनिकों की टुकड़ियों ने इजाफा देखा गया था तभी से कुछ आशंका नजर आ रही थी। मई के महीने में भी ऐसा ही कुछ देखा गया और जून के महीने में जो आशंका थी वह आशंका सही साबित हुई।

चीन ने एक बार फिर भारत को धोखा दे दिया यह पहली बार नहीं है कि चीन ने भारत को धोखा दिया है। चीन ने आज से 100 साल पहले 1962 में भी धोखा ही दिया था चीन ने 15 या 16 जून की रात में लद्दाख की घाटी यानी गलवान घाटी मैं अचानक ही चीन और भारत के बीच युद्ध छिड़ गया इस युद्ध में हथियार के रूप में लोहे की रॉड जिस पर कई तरह की किले लगी हुई थी इसका उपयोग किया गया।

यह झड़प बहुत ही तेज हुई इस झड़प में भारत देश के 20 सैनिक शहीद हो गए और एक कर्नल की मृत्यु हो गई दरअसल गलवान घाटी भारत चीन सीमा के नजदीक है।अक्साई चिन एक विवाद क्षेत्र में है यहां पर एलएसी विवादित क्षेत्र को भारत से अलग करती है। इस विवादित क्षेत्र यानी अक्साई चिन पर दोनों देश ही दावा करते हैं और इसके वजह से ही इस झड़प में चीन के भी 43 सैनिक मारे गए।

दोनों देश एक दूसरे पर अपने इलाकों में अतिक्रमण का आरोप लगाते रहे हैं। इस गलवान घाटी पर चीन और भारत के कई और भी युद्ध हो चुके हैं भारत और चीन के बीच में जब यह युद्ध हुआ तो भारत सरकार ने भारत में चीन की कई सारी चीजों को बंंद कर दिया, कई सारी वस्तुएं मोबाइल, एप्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दीया लोग भी अपनी इच्छा से चीन के सामान का बहिष्कार करने लगे। इस युद्ध के बाद भारत देश के प्रधानमंत्री ने भी  कहां  कि भारत  1 इंच जमीन भी  किसी को नहीं देगा।

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