बेटी बोझ नहीं है कविता Beti bojh nahi hai poem in hindi

Beti bojh nahi hai poem in hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सभी, आज हम आपके लिए लाए हैं बेटी बोझ नहीं है पर कविता. दोस्तों जैसे कि हम सभी जानते हैं कि आजकल के कई लोग बेटियों को बोझ समझने लगे. जब उनके घर बेटी पैदा होती है तो उन्हें एक तरह से दुख होता है इसी वजह से हमारे देश में बेटियों की संख्या कम होती जा रही है.

Beti bojh nahi hai poem in hindi
Beti bojh nahi hai poem in hindi

बेटियों को बोझ समझने वाले लोग वास्तव में यह भूल जाते हैं कि यदि बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से आएगी. कई लोग बेटियों पर शुरू से ही कई तरह के अत्याचार करते हैं कभी वह गर्भपात करवाते हैं तो कभी दहेज प्रथा को बढ़ावा देकर बेटी पर अत्याचार करते हैं. दोस्तों बेटी बोझ नहीं है वह हमारे लिए, हमारे समाज के लिए बहुत ही जरूरी है हम सभी को बेटी के जन्म पर बहुत ही खुश होना चाहिए ना कि उसको बोझ समझना चाहिए चलिए पढ़ते हैं बेटी बोझ नहीं है पर मेरे द्वारा लिखी इस कविता को

बेटी को बोझ क्यों तुम समझते हो
जन्म पर खुश नहीं दुखी होते हो
क्यों तुम ऐसी ओछी हरकत करते हो
क्यों तुम बेटी को कमजोर समझते हो

बेटी बोझ नहीं तुम पर ये समझ लो तुम
जन्म पर मिठाई बांटो घर-घर तुम
पढ़ाओ लिखाओ और बेटी को आगे बढ़ाओ
देश की प्रगति में उनका सहयोग लेते जाओ

बेटी नहीं पर बहू की चाहत क्यों रखते हो
क्यों तुम शर्मिंदगी वाली हरकत करते हो
बेटी देश का नाम रोशन करती है
देश के लिए अपना सहयोग देती है

बेटी को बोझ ना समझो तुम
देश के विकास में सहयोग करो तुम
बेटी को बोझ क्यों तुम समझते हो
जन्म पर खुश नहीं दुखी क्यों होते हो

दोस्तों बेटी बोझ नहीं है पर मेरे द्वारा लिखी यह कविता Beti bojh nahi hai poem in hindi आपको कैसी लगी मुझे आप जरूर बताएं और हमारी इसी तरह की बेहतरीन कविता, कहानियों को पढ़ने के लिए सब्सक्राइब जरूर करें धन्यवाद.

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