बांके बिहारी मंदिर का रहस्य एवं इतिहास Banke bihari temple history in hindi

Banke bihari temple history in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बांके बिहारी मंदिर के रहस्य एवं इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं । चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और बांके बिहारी मंदिर के इतिहास एवं रहस्य को जानते हैं । बांके बिहारी जी का मंदिर उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के सबसे शुभ धार्मिक स्थल मथुरा वृंदावन में स्थित है ।

banke bihari temple history in hindi
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इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण  स्वामी श्री हरिदास जी  के अथक प्रयासों से  सन 1921 के लगभग  कराया गया था । मथुरा के वृंदावन में भगवान श्री कृष्ण का सबसे पवित्र मंदिर स्थित है । यह मंदिर श्री कृष्ण भगवान की जन्म भूमि पर स्थित है । बात करें इस मंदिर की तो इस मंदिर से सभी हिंदू धर्म के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है । इस मंदिर की मूर्ति के बारे में बात करें तो इस मंदिर में जो मूर्ति स्थित है वह श्री कृष्ण एवं राधा रानी की है ।

इस मंदिर के बारे में बात करें तो यह मंदिर वृंदावन के उन 8 मंदिरों में से एक है जिन मंदिरों को सभी ठाकुर जी नाम से जानते हैं । यदि हम श्री कृष्ण जी के बारे में बात करें तो उनका जन्म स्थल मथुरा है । इसलिए मथुरा वृंदावन में कृष्ण भगवान की महिमा है । कृष्ण भगवान की महिमा आज भी मथुरा के वृंदावन में स्थित है । वहां पर लाखों श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण के दर्शनों के लिए जाते हैं । बांके बिहारी लाल के दर्शनों के लिए प्रतिदिन दूर-दूर से लोग आते हैं ।

वृंदावन के बांके बिहारी लाल की मूर्ति काले रंग के पत्थर की बनी हुई है ।यह मूर्ति बड़ी अद्भुत और चमत्कारी दिखाई देती है । इस मूर्ति को देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि इस मूर्ति में वाकई में श्रीकृष्ण विराजमान हैं । यह मंदिर उस स्थान पर स्थित है जहां पर श्री कृष्ण और राधा रानी ने एक साथ मिलकर नृत्य किया था एवं रासलीला की थी । जब श्री कृष्ण और राधा रानी ने रासलीला की थी तब भगवान भोलेनाथ जी भी रासलीला को देखने के लिए आए थे ।

जिस स्थान पर श्री कृष्ण जी ने अपनी रासलीला दिखाई थी उसी स्थान पर यह मंदिर बनाया गया है । वृंदावन के बारे में आज भी सभी लोगों का यह मानना है कि वृंदावन में आज भी रात के समय श्रीकृष्ण और राधा रानी आते हैं और श्री कृष्ण अपनी बांसुरी बजाकर राधा जी को सुनाते हैं । यहां के मंदिर बहुत ही अद्भुत एवं चमत्कारी हैं । जब हम इन मंदिरों के दर्शनों के लिए जाते हैं तब हमें आनंद की अनुभूति होती है और हमें शांति प्राप्त होती है ।

ठाकुर जी के सभी मंदिरों के दर्शनों के लिए भक्तों का ताता लगा रहता है । कई महान लेखकों ने भी मथुरा वृंदावन के मंदिरों की महिमा अपने लेख के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई है । मथुरा वृंदावन के सभी कृष्ण मंदिरों में भजन कीर्तन एवं गायन करते हुए लोग दिखाई देते हैं और भगवान श्री कृष्ण के भजनों में लीन होकर झूमते नाचते हैं । जब हम इन मंदिरों के दर्शनों के लिए जाते हैं तब हमें ऐसा प्रतीत होता है कि श्री कृष्ण जी हम सभी को देख कर मुस्कुरा रहे हैं ।

जब हम  श्री कृष्ण की मूर्ति के दर्शन करते हैं  तब हमें ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी मूर्ति से श्री कृष्ण जी देख रहे हैं । श्री कृष्ण जी हम सभी को देखकर आनंद की अनुभूति कर रहे हैं । उनका श्रृंगार ऐसा प्रतीत होता है मानो हीरे जवाहरात से उनको सजाया गया हो ।बांके बिहारी के इस रूप के दर्शनों के लिए काफी लोग देश विदेशों से जाते हैं और बांके बिहारी के दर्शन करते हैं ।

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