बादल की आत्मकथा निबंध Badal ki atmakatha essay in hindi

Badal ki atmakatha essay in hindi

मैं एक बादल हूं मेरा जन्म जल के सूक्ष्म कणों और बर्फ के छोटे-छोटे कणों के द्वारा होता है मैं आकाश मे अपने और साथियों के साथ विचरण करता रहता हूं। जब मैं आकाश में रहता हूं तब मुझे बहुत सारे पक्षी आकाश में उड़ते हुए देखते हैं कई तरह के हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज मुझे आकाश में देखने को मिलते हैं जो मेरे पास से गुजरते हुए चले जाते हैं उनमे बहुत सारे लोग भी बैठे रहते हैं मैं बरसात के मौसम में जल बरसाता हूं तो लोगों के होठों पर मुस्कान आ जाती हैं

Badal ki atmakatha essay in hindi
Badal ki atmakatha essay in hindi

लोग मुझे बरसते हुए देखकर खुश खुश होते हैं लेकिन जब मैं बहुत ज्यादा बरसता हूं तो लोग चिंतित भी हो जाते हैं क्योंकि कई बार जब मैं ज्यादा बरसता हु तो कुछ लोगों को नुकसान भी होता है उनके खेतो को भी नुकसान होता है। मैं अपने जीवन में खुश हूं जब पक्षी मुझे देखते हैं तो पक्षी मुझे देखकर झूमने लगते हैं उनमें से ही एक पक्षी मोर है जो मुझे देखकर झूमने लगता है. वह ज्यादातर लोगों के घरों पर नाचता है, खेत खिलौनों में नाचता है. मैं ऊपर से ही उन्हें देखकर बहुत ही खुश होता हूं.

जब भी मोर नाचती है तो मेरा मन करता है कि मैं बरस जाऊं और मैं बरस भी जाता हूं। मुझे बहुत ही खुशी होती है कि लोग मुझे देखकर खुश होते हैं मैं कई तरह का होता हूं कई रंगों का होता हूं मैं सफेद,भूरा, काला,लाल आदि रंगों का हो सकता हूं। कई बार सूर्य की रोशनी की वजह से मेरा रंग बदला हुआ दिखता है मैं सबसे ऊपर वाला बादल हूं मैं बहुत ही भारी हूं लेकिन उससे नीचे भी मेरे भाई बंधु बादल होते हैं जो बरसते हैं और थोड़े हल्के होते हैं। कुछ मेरे भाई बादल रूई के आकार जैसे भी लगते हैं वह सफेद होते हैं लेकिन मेरा रंग भूरा है।

गर्मियों के दिनों में मैं ऊपर से ही बच्चों की पतंगों को देखता हूं जब बच्चे अपने-अपने घरों से पतंग उड़ाते हैं तो उन्हें बहुत ही खुशी होती है और उन्हें और उनकी पतंगों को देखकर मुझे भी खुशी होती है लेकिन कई पक्षी और पेड़ पौधों की वजह से वह पतंग नीचे गिरते हुए भी मैं देखता हूं क्योंकि उन का धागा टूट जाता है। जब मैं बरसता हूं तो धरती पर पानी ही पानी हो जाता है नदी,नाले, तालाब, झील सभी पानी से भर जाते हैं वह मुझे दुआ देते हैं, नदी तालाब का पानी पीने वाले लोग मुझे दुआ देते हैं।

मुझको ही देखकर मौसम विभाग वाले बरसा का अंदेशा लगाते हैं लेकिन कभी-कभी मैं बरसा के पानी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर उड़ा ले जाता हूं कभी-कभी मैं जब जोर से गरजता हूं तो कुछ लोग तो भयभीत भी हो जाते हैं बच्चे डर जाते हैं लेकिन मुझे तो इसमें भी खुशी होती है क्योंकि मैं हर समय नहीं गरजता मैं कभी कबार ही करता हूं मैं बादल हूं मैं अपने जीवन में खुश हूं क्योंकि मैं सभी को जल प्रदान करता हूं जो हर किसी जीव जंतु का जीवन होता है

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